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घटना-दुर्घटना
भारत
किसान-योद्धा ग़ुलाम मोहम्मद जौला के निधन पर शोक
गुलाम मोहम्मद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ भारतीय किसान यूनियन की बुनियाद डालने वाले जुझारू किसान नेता थे। अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे किसान आंदोलन में सक्रिय रहे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 May 2022
Ghulam Mohammad Joula

किसान नेता गुलाम मुहम्मद जौला का आज सोमवार सुबह निधन हो गया। वे मुज़फ़्फ़रनगर में बुढ़ाना क्षेत्र के जौला गांव निवासी थे।

गुलाम मोहम्मद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के साथ भारतीय किसान यूनियन की बुनियाद डालने वाले जुझारू किसान नेता थे। अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे किसान आंदोलन में सक्रिय रहे।

अखिल भारतीय किसान महासभा ने उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि गुलाम मोहम्मद पिछले एक दशक से आरएसएस के साम्प्रदायिक एजेंडे की प्रयोग स्थली बने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वे धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की प्रतिमूर्ति थे।

किसान महासभा ने अपने बयान में कहा कि 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों से पीड़ित परिवारों को राहत और शरण देने, उनका पुनर्वास कराने में गुलाम मुहम्मद जौला ने बड़ी साहसिक भूमिका निभाई थी। भाकपा माले ने भी इन दंगा पीड़ितों के लिए जुटाई गई राहत सामग्री को गुलाम मोहम्मद जौला के माध्यम से ही पीड़ितों तक पहुंचाया था। बाद में भी अखिल भारतीय किसान महासभा के साथ उनके संगठन भारतीय मजदूर किसान यूनियन का आंदोलनात्मक एकता का रिश्ता बना रहा।

किसान आंदोलन में गुलाम मोहम्मद जौला द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से उन्हें श्रद्धाजंलि!

गुलाम मोहम्मद जौला के निधन पर अन्य लोगों ने भी बेहद दुख व्यक्त किया है।  

पहले चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ और फिर एक बेहद नाज़ुक घड़ी में राकेश टिकैत के साथ मिलकर किसान आंदोलन की रक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द मजबूत करने में उन्होंने महती भूमिका निभाई।

Ghulam Mohammad Joula

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License