NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
असम में ख़रीद-फरोख़्त की आशंका से बचने के लिए कांग्रेस ने उठाया कदम, 20 उम्मीदवार जयपुर पहुंचे
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जयपुर के एक निजी होटल में जिन उम्मीदवारों को ठहराया गया हैं उनमें एआईयूडीएफ के उम्मीदवार ज्यादा हैं। आने वाले दिनों में कई और उम्मीदवारों को जयपुर लाए जाने की संभावना है।
भाषा
09 Apr 2021
कांग्रेस

जयपुर/नयी दिल्ली: कांग्रेस असम विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही खरीद-फरोख्त की किसी भी आशंका से बचने के लिए अपने गठबंधन के करीब 20 ऐसे उम्मीदवारों को जयपुर लेकर आई है जिनकी जीत की वह उम्मीद लगा रही है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि जयपुर के एक निजी होटल में जिन उम्मीदवारों को ठहराया गया हैं उनमें एआईयूडीएफ के उम्मीदवार ज्यादा हैं। आने वाले दिनों में कई और उम्मीदवारों को जयपुर लाए जाने की संभावना है।

जयपुर में कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि ये प्रत्याशी व कुछ और अन्य लोग शुक्रवार दोपहर बाद गुवाहाटी से हवाई मार्ग से यहां पहुंचे। मुख्य सचेतक महेश जोशी व विधायक रफीक खान मौजूद थे।

मुख्य सचेतक जोशी ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ कितने लोग आए हैं, किस पार्टी के हैं और कितने दिन यहां रुकेंगे, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझ पर पार्टी की ओर से उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी है ताकि उन्हें कोई परेशानी नहीं हो।’’

उधर, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘उम्मीदवारों को खरीद-फरोख्त की कोशिश की आशंका के मद्देनजर जयपुर भेजा गया है। संभव है कि आगे कुछ और लोगों को भेजा जाए।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा एक तरफ चुनाव जीतने का दावा कर रही है, लेकिन दूसरी तरफ हमारे कई उम्मीदवारों से संपर्क भी साध रही है। इससे साबित होता है कि सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव हार चुकी है।’’ उल्लेखनीय है कि असम में कांग्रेस की अगुवाई वाले ‘महाजोत’ में एआईयूडीएफ, बीपीएफ, माकपा, भाकपा, भाकपा (माले), आंचलिक गण मोर्चा और राजद शामिल हैं। प्रदेश में मतदान संपन्न हो चुका है। मतगणना दो मई को होगी।

Congress
Assam Elections
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License