NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
साइप्रस संसदीय चुनावों में कन्ज़र्वेटिव ने बढ़त बनाए रखी
अतिदक्षिणपंथी नेशनल पॉपुलर फ्रंट (ईएलएएम) हाल ही में हुए चुनावों में अपनी सीटों को दोगुना करने में कामयाब रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Jun 2021
साइप्रस संसदीय चुनावों में कन्ज़र्वेटिव ने बढ़त बनाए रखी

साइप्रस में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए हाल ही में हुए चुनावों में कंजर्वेटिव डेमोक्रेटिक रैली (डीआईएसवाई) 27.8% वोट और 17 सीटें जीतने के बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। इसे पिछले चुनावों की तुलना में एक सीट कम मिली है। मुख्य विपक्षी पार्टी कम्युनिस्ट प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ वर्किंग पीपल (एकेईएल) 22.3% वोट और 15 सीटें हासिल करने में सफल रही। इसे भी पिछले चुनावों की तुलना में एक सीट कम मिली।

सेंटरिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी (डीआईकेओ) ने 11.3% वोट हासिल किए और बिना किसी बदलाव के अपनी नौ सीटों पर जीत बरकरार रखा। इस बीच अतिदक्षिणपंथी नेशनल पॉपुलर फ्रंट (ईएलएम) ने अपनी सीटों की संख्या दो सीटों से बढ़ाकर चार सीटों तक कर दी। सेंटरिस्ट डेमोक्रेटिक एलाइनमेंट (डीआईपीए) और सोशल डेमोक्रेटिक-सिटीजन गठबंधन ने चार-चार सीटें हासिल कीं और इकोलॉजिस्ट मूवमेंट ने तीन सीटें जीतीं।

हालांकि 2016 के संसदीय चुनावों के समान किसी भी पार्टी ने डी-फैक्टो 56 सीट वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 29 सीटों की सामान्य बहुमत हासिल नहीं कर पाई।

भले ही साइप्रस में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 80 सीटें हैं जिसमें 24 सीटें टर्किश साइप्रयट्स के लिए आरक्षित हैं जो 1964 से ग्रीक और टर्किश साइप्रयट्स के बीच नस्लीय संघर्ष के बाद इस द्वीप के डी-फैक्टो डिविजन के परिणामस्वरूप खाली रही है।

उत्तरी साइप्रस में तुर्की की मजबूत पकड़ को वामपंथी प्रगतिशील वर्गों पर हमलों और उत्तर में अति-राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के तौर पर देखा गया है। उत्तर में इस तरह के राजनीतिक विकास का असर साइप्रस पर भी पड़ा है। इस द्वीप के दोनों हिस्सों में मजबूत एकता-समर्थक, लोकतंत्र-समर्थक और धर्मनिरपेक्ष वर्ग की उपस्थिति के बावजूद, उत्तर में अतिदक्षिणपंथी मजबूत स्थिति हासिल करने में सक्षम रहा है और अब साइप्रस में भी इस तरह के चुनाव परिणाम इस ओर इशारा कर रहे हैं।

अतिदक्षिणपंथी ईएलएएम अप्रवासियों के विरोध और साइप्रस के पुनःएकीकरण के संघीय समाधान के अवमानना को लेकर बदनाम है। ईएलएएम ने ग्रीस गोल्डन डॉन के साथ भी घनिष्ठ संबंध बनाए रखा है जिसे 2020 में फासीवादी और एक आपराधिक संगठन के रूप में ग्रीक अदालतों द्वारा दोषी ठहराया गया है।


चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद एकेईएल ने अपनी हार स्वीकार कर ली।

Cyprus
Cyprus parliamentary elections
DISY
centrist democratic party

Related Stories

साइप्रस में प्रगतिशील वर्गों ने एकता और शांति के लिए रैली निकाली


बाकी खबरें

  • Supreme Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश ओबीसी सीट मामला: सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला अप्रत्याशित; पुनर्विचार की मांग करेगी माकपा
    20 Dec 2021
    मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण समाप्त करने, अन्य पिछड़े समुदायों के लिए निर्धारित और आरक्षित पदों पर चुनाव रोकने, उनकी बहुसंख्या को सामान्य सीटों में परिवर्तित करने का निर्देश देने वाले…
  • CAA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    CAA हिंसा के 2 साल: मायूसियों के बीच इंसाफ़ की जद्दोजहद करते मृतकों के परिजन!
    20 Dec 2021
    20 दिसंबर 2019 को पूरे देश मे CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए, उसी प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश में 23 लोगों की जान गई। आज 2 साल बाद मृतकों के परिवारों का क्या हाल है, कैसे जी रहे हैं वो, उनकी न्याय की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,563 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 157 हुए
    20 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 46 हज़ार 838 हो गयी है। देश में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है। ओमिक्रॉन अब तक 12 राज्यों में फैल चुका है।
  • Modi rally
    राज कुमार
    दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त
    20 Dec 2021
    जैसे ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को ओमिक्रॉन के ख़तरे से सावधान किया तो प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट करके लोगों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने की सीख दे डाली। लेकिन अगले ही पल विशाल…
  • agri
    डॉ सुखबिलास बर्मा
    कृषि उत्पाद की बिक़्री और एमएसपी की भूमिका
    20 Dec 2021
    भारत सरकार ने 2000 के दशक की शुरुआत में किसानों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एमएसपी तय करके बाज़ार हस्तक्षेप नीति का पालन किया था। इस तरह,एमएसपी सरकार की परिकल्पित मूल्य नीति का प्रमुख घटक बन गयी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License