NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
प्रधानमंत्री द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन से इंकार के बाद इराक में संविधान का संकट
कोरोनो वायरस के प्रकोप के बढ़ते ख़तरों के बीच और देश में जारी राजनीतिक संकटों के कारण प्रशासन को और ज़्यादा नुकसान हो सकता है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Mar 2020
 आदिल अब्दुल मेहदी

कार्यवाहक प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी ने अपने उत्तराधिकारी और नामित प्रधानमंत्री मोहम्मद तौफीक अल्लावी द्वारा एक दिन पहले इस्तीफा देने के बाद सोमवार 2 मार्च को पद पर न बने रहने की घोषणा कर दी। इस घोषणा ने राष्ट्रीय नेतृत्व में बड़ा खोखलापन पैदा कर दिया है।

मोहम्मद अल्लावी जिन्हें पिछले महीने नए प्रधानमंत्री के तौर पर नामित किया गया था वे अनिवार्य 30 दिनों के भीतर संसद की मंजूरी को जीत पाने में विफल रहे। 1 मार्च को अपनी मंजूरी की वोट के लिए संसद की बैठक न होने पर अपनी उम्मीदवारी को वापस लेने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टियों ने उनकी मंजूरी में बाधा डाली। आवश्यक कोरम की कमी के कारण 1 मार्च को संसद की कार्यवाही नहीं हो सकी।

संसद की कार्यवाही का ऐसा ही सत्र 27 फरवरी को पहले से निर्धारित था लेकिन 329 सदस्यों वाले सदन में 165 सदस्यों के आवश्यक कोरम की कमी के कारण स्थगित कर दिया गया था।

अल्लावी द्वारा अपने मंत्रिमंडल के गठन से पहले राजनीतिक दलों और गठबंधनों से परामर्श करने से इनकार करने पर नाखुशी व्यक्त करते हुए इराक के संसद में अधिकांश राजनीतिक दल और गठबंधनों ने रविवार को बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। अल्लावी ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों की चिंताओं को दूर करने और अधिकांश टेक्नोक्रेट्स के साथ एक कैबिनेट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस घोषणा को संसद में अधिकांश राजनीतिक दलों द्वारा पसंद नहीं किया गया था।

अल्लावी को संसद में मुकतदा अल-सदर के नेतृत्व वाले सैरून गठबंधन का करीबी माना जाता है जो हाल ही में एक टीवी इंटरव्यू में कुर्द और सुन्नी पार्टियों को लेकर अपनी कड़ी आलोचना के कारण अलग-थलग पड़ गए है।

राष्ट्रपति बरहम सलेह अब ये ज़िम्मेदारियां संभालेंगे और एक नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने के लिए 15 दिन का समय होगा।

अब्दुल मेहदी को देश की आर्थिक स्थिति में सुधार करने में उनकी सरकार की विफलता के खिलाफ हफ्तों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पिछले साल अक्टूबर के आखिर में इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। देश में शासक वर्गों के बीच कथित व्यापक भ्रष्टाचार, बुनियादी सेवाओं की खराब डिलीवरी और देश की राजनीति में बाहरी हस्तक्षेप को जारी रहने को लेकर भी प्रदर्शनकारी नाराज हैं। ये प्रदर्शनकारी लगातार देश की राजनीतिक व्यवस्था में भारी बदलाव की मांग कर रहे हैं।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Iraq
Constitution crisis in Iraq
Adil Abdul-Mahdi
Coronavirus

Related Stories

प्रधानमंत्री जी... पक्का ये भाषण राजनीतिक नहीं था?

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

लॉकडाउन-2020: यही तो दिन थे, जब राजा ने अचानक कह दिया था— स्टैचू!

कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे

हम भारत के लोग: समृद्धि ने बांटा मगर संकट ने किया एक

स्पेन : 'कंप्यूटर एरर' की वजह से पास हुआ श्रम सुधार बिल

दिल्ली: क्या कोरोना के नए मामलों में आई है कमी? या जाँच में कमी का है असर? 

कोविड पर नियंत्रण के हालिया कदम कितने वैज्ञानिक हैं?

अमीरों के लिए आपदा में अवसर बनी कोरोना महामारी – ऑक्स्फ़ाम इन्टरनेशनल की रिपोर्ट

क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर
    30 Apr 2022
    मुज़फ़्फ़रपुर में सरकारी केंद्रों पर गेहूं ख़रीद शुरू हुए दस दिन होने को हैं लेकिन अब तक सिर्फ़ चार किसानों से ही उपज की ख़रीद हुई है। ऐसे में बिचौलिये किसानों की मजबूरी का फ़ायदा उठा रहे है।
  • श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: ग्राम सभाओं को अब साल में 6 बार करनी होंगी बैठकें, कार्यकर्ताओं ने की जागरूकता की मांग 
    30 Apr 2022
    प्रदेश के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 22 अप्रैल 2022 को विधानसभा में घोषणा की कि ग्रामसभाओं की बैठक गणतंत्र दिवस, श्रम दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती के अलावा, विश्व जल दिवस और स्थानीय शासन…
  • समीना खान
    लखनऊ: महंगाई और बेरोज़गारी से ईद का रंग फीका, बाज़ार में भीड़ लेकिन ख़रीदारी कम
    30 Apr 2022
    बेरोज़गारी से लोगों की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर हुई है। ऐसे में ज़्यादातर लोग चाहते हैं कि ईद के मौक़े से कम से कम वे अपने बच्चों को कम कीमत का ही सही नया कपड़ा दिला सकें और खाने पीने की चीज़ ख़रीद…
  • अजय कुमार
    पाम ऑयल पर प्रतिबंध की वजह से महंगाई का बवंडर आने वाला है
    30 Apr 2022
    पाम ऑयल की क़ीमतें आसमान छू रही हैं। मार्च 2021 में ब्रांडेड पाम ऑयल की क़ीमत 14 हजार इंडोनेशियन रुपये प्रति लीटर पाम ऑयल से क़ीमतें बढ़कर मार्च 2022 में 22 हजार रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं।
  • रौनक छाबड़ा
    LIC के कर्मचारी 4 मई को एलआईसी-आईपीओ के ख़िलाफ़ करेंगे विरोध प्रदर्शन, बंद रखेंगे 2 घंटे काम
    30 Apr 2022
    कर्मचारियों के संगठन ने एलआईसी के मूल्य को कम करने पर भी चिंता ज़ाहिर की। उनके मुताबिक़ यह एलआईसी के पॉलिसी धारकों और देश के नागरिकों के भरोसे का गंभीर उल्लंघन है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License