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कोरोना संकट: ग़रीबों को मई, जून में मुफ़्त अनाज देगी सरकार, लेकिन नहीं मिलेगी दाल
पीएमजीकेएवाई के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से पांच किलो गेहूं और चावल के साथ एक किलो दाल दी जाती थी। लेकिन इस साल सिर्फ अनाज दिया जाएगा।
भाषा
23 Apr 2021
कोरोना संकट: ग़रीबों को मई, जून में मुफ़्त अनाज देगी सरकार, लेकिन नहीं मिलेगी दाल
Image courtesy : The Indian Express

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर में आर्थिक दुश्वारियों को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने शुक्रवार को फैसला किया कि मई और जून में गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव सुधांशु पांडेय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को दो महीने- मई और जून- में हम पांच किलो अतिरिक्त अनाज मुफ्त देंगे। इस बार, योजना के तहत हम दाल उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।”

पीएमजीकेएवाई की घोषणा 2020 में तीन महीनों के लिये जुलाई तक की गई थी जिसे बाद में गरीबों पर कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिये नवंबर तक बढ़ा दिया गया था।

इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से पांच किलो गेहूं और चावल के साथ एक किलो दाल दी जाती थी। लेकिन इस साल सिर्फ अनाज दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले बार की तर्ज पर ही मुफ्त अनाज वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा। पांडेय ने कहा कि मुफ्त अनाज एनएफएसए के तहत मासिक तौर पर मिलने वाले अनाज से इतर होगा।

उन्होंने कहा कि करीब दो महीनों तक मुफ्त अनाज देने के लिये करीब 80 लाख टन खाद्यान्न की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है और भारत सरकार इस पहल पर 26,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च करेगी जिसमें अनाजों का अंतरराज्यीय परिवहन भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इस बात पर जोर है कि देश जब कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा है तब यह जरूरी है कि गरीबों को पोषण सहायता मिले।

राजस्थान, केरल, उत्तराखंड सरकारों के साथ ही राकांपा प्रमुख शरद पवार और टीएमसी नेता सौगत रॉय समेत सांसदों द्वारा की गई मांग के बीच पीएमजीकेएवाई को वायरस की दूसरी लहर के बीच फिर से लागू किया जा रहा है।

पीएमजीकेएवाई के तहत पिछले साल 200 लाख टन मुफ्त अनाज का वितरण किया गया था।

दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में पंजीकृत निर्माण मज़दूरों को 5000 रुपये की सहायता राशि देगी

नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली भवन और अन्य निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड में पंजीकृत प्रत्येक मजदूर को मदद के रूप में पांच हजार रुपये की सहायता राशि देगी।

एक बयान में दिल्ली सरकार ने बताया कि इस योजना के तहत निर्माण क्षेत्र के 2,10,684 मजदूरों को सहायता राशि मिलेगी।

बयान के मुताबिक, ‘‘मौजूदा समय में दिल्ली सरकार ने 1,05,750 निर्माण मजदूरों में 52.88 करोड़ रुपये की राशि वितरित की है और आने वाले दिनों में और निर्माण मजदूरों को भी यह राहत राशि दी जाएगी।’’

दिल्ली सरकार ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों, प्रवासियों और निर्माण मजदूरों की जरूरत को पूरा करने के लिए पूरे दिल्ली में स्कूलों और निर्माण स्थलों पर भोजन वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘करीब 7,000 खाने के पैकेट बृहस्पतिवार शाम तक इन भोजन वितरण केंद्रों से बांटे गए हैं।’’

सरकार के मुताबिक निर्माण क्षेत्र के मजूदरों, दिहाड़ी और प्रवासी मजदूरों के लिए हेल्पलाइन स्थापित की जा रही है जो अगले दो-तीन दिन में काम करने लगेगी।

Ration distribution
Free Ration for poor
COVID-19

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