NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोरोना संकट: ग़रीबों को मई, जून में मुफ़्त अनाज देगी सरकार, लेकिन नहीं मिलेगी दाल
पीएमजीकेएवाई के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से पांच किलो गेहूं और चावल के साथ एक किलो दाल दी जाती थी। लेकिन इस साल सिर्फ अनाज दिया जाएगा।
भाषा
23 Apr 2021
कोरोना संकट: ग़रीबों को मई, जून में मुफ़्त अनाज देगी सरकार, लेकिन नहीं मिलेगी दाल
Image courtesy : The Indian Express

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर में आर्थिक दुश्वारियों को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने शुक्रवार को फैसला किया कि मई और जून में गरीबों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव सुधांशु पांडेय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को दो महीने- मई और जून- में हम पांच किलो अतिरिक्त अनाज मुफ्त देंगे। इस बार, योजना के तहत हम दाल उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।”

पीएमजीकेएवाई की घोषणा 2020 में तीन महीनों के लिये जुलाई तक की गई थी जिसे बाद में गरीबों पर कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिये नवंबर तक बढ़ा दिया गया था।

इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) में पंजीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परिवार के हिसाब से पांच किलो गेहूं और चावल के साथ एक किलो दाल दी जाती थी। लेकिन इस साल सिर्फ अनाज दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले बार की तर्ज पर ही मुफ्त अनाज वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा। पांडेय ने कहा कि मुफ्त अनाज एनएफएसए के तहत मासिक तौर पर मिलने वाले अनाज से इतर होगा।

उन्होंने कहा कि करीब दो महीनों तक मुफ्त अनाज देने के लिये करीब 80 लाख टन खाद्यान्न की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीबों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है और भारत सरकार इस पहल पर 26,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम खर्च करेगी जिसमें अनाजों का अंतरराज्यीय परिवहन भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इस बात पर जोर है कि देश जब कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा है तब यह जरूरी है कि गरीबों को पोषण सहायता मिले।

राजस्थान, केरल, उत्तराखंड सरकारों के साथ ही राकांपा प्रमुख शरद पवार और टीएमसी नेता सौगत रॉय समेत सांसदों द्वारा की गई मांग के बीच पीएमजीकेएवाई को वायरस की दूसरी लहर के बीच फिर से लागू किया जा रहा है।

पीएमजीकेएवाई के तहत पिछले साल 200 लाख टन मुफ्त अनाज का वितरण किया गया था।

दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी में पंजीकृत निर्माण मज़दूरों को 5000 रुपये की सहायता राशि देगी

नयी दिल्ली: दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली भवन और अन्य निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड में पंजीकृत प्रत्येक मजदूर को मदद के रूप में पांच हजार रुपये की सहायता राशि देगी।

एक बयान में दिल्ली सरकार ने बताया कि इस योजना के तहत निर्माण क्षेत्र के 2,10,684 मजदूरों को सहायता राशि मिलेगी।

बयान के मुताबिक, ‘‘मौजूदा समय में दिल्ली सरकार ने 1,05,750 निर्माण मजदूरों में 52.88 करोड़ रुपये की राशि वितरित की है और आने वाले दिनों में और निर्माण मजदूरों को भी यह राहत राशि दी जाएगी।’’

दिल्ली सरकार ने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों, प्रवासियों और निर्माण मजदूरों की जरूरत को पूरा करने के लिए पूरे दिल्ली में स्कूलों और निर्माण स्थलों पर भोजन वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘करीब 7,000 खाने के पैकेट बृहस्पतिवार शाम तक इन भोजन वितरण केंद्रों से बांटे गए हैं।’’

सरकार के मुताबिक निर्माण क्षेत्र के मजूदरों, दिहाड़ी और प्रवासी मजदूरों के लिए हेल्पलाइन स्थापित की जा रही है जो अगले दो-तीन दिन में काम करने लगेगी।

Ration distribution
Free Ration for poor
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    पावेल कुस्सा
    मोदी “सुरक्षा चूक” मामला: “हाकिमों को इन रस्तों पर रोकना हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है”
    08 Jan 2022
    इस सारी बहस में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के तकनीकी नुक्तों के अलग-अलग पहलुओं पर जवावदेही तय करने का अपना स्थान है। पर यह लोगों के रोष प्रदर्शन के लोकतांत्रिक अधिकार से ऊपर नहीं है। देश के…
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है कोरोना, 24 घंटों में 1,41,986 नए मामले
    08 Jan 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 1.34 फ़ीसदी यानी 4 लाख 72 हज़ार 169 हो गयी है।
  • rasoi
    सेजल पटेल, स्नेहा रिछारिया
    बाल विवाह विधेयक: ग़ैर-बराबरी जब एक आदर्श बन जाती है, क़ानून तब निरर्थक हो जाते हैं!
    08 Jan 2022
    बाल विवाह के ख़िलाफ़ क़ानूनों की व्यर्थता पर भारतीय ग्रामीण महिलाओं का एक लेखा-जोखा।
  • Escalating Violence in Kazakhstan and Increasing Spread of Omicron
    न्यूज़क्लिक टीम
    कज़ाकिस्तान में हिंसा और कूटनीतिक दांव और ओमिक्रोन का ख़तरनाक फैलाव
    07 Jan 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने सेंट्रल एशिया के अहम देश कज़ाकिस्तान में फैली हिंसा और गहराती कूटनीति पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकास्यथ से बातचीत की। साथ ही दुनिया…
  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    सिर्फ 8 % महिलाओं के पास है रोज़गार
    07 Jan 2022
    भारत में 15 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाओं में सिर्फ 8 % के पास रोज़गार है। हालांकि कुछ लोगो का मानना है कि जैसे जैसे देश में निम्न वर्ग के पास पैसे आ रहे हैं , वहां महिलाओं को काम करने की जरुरत नहीं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License