NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना संकट: 'ये बहुत अजीब बात है कि यूनिवर्सिटी के लोग हमें खाना नहीं दे रहे हैं' 
जेएनयू में तो सिर्फ़ नाश्ता देना बंद किया गया है लेकिन डीयू में तो हाल बुरा है। और खाना-इलाज सबकुछ छात्रों के जिम्मे है। जो छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रुके हुए हैं उनके लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से कोई भी इंतज़ाम नहीं किया गया।
रिज़वाना तबस्सुम
25 Mar 2020
DU

दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू), देश के दो ऐसे यूनिवर्सिटी हैं जो लगातार चर्चा में रहती हैं। किसी भी मुद्दे पर सरकार को घेरना हो या स्टूडेंट के सवालों लेकर आवाज उठानी हो, इनका नाम सबसे आगे रहता है। अब जिस समय देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में कोरोना को लेकर कोहराम मचा हुआ है, तभी एक बार फिर जेएनयू और डीयू चर्चा में है, वजह है छात्रों के साथ हो रहा व्यवहार।

पहले बात करते हैं जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी की, कोविड-19 के अलर्ट के बाद जेएनयू ने अपने छात्रों  को हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया, जिस पर जेएनयू छात्रसंघ और शिक्षक संघ ने जमकर विरोध किया। इन विरोधों के बाद और मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी)  ने एक  निर्देश जारी किया और कहा यूनिवर्सिटी प्रशासन हॉस्टल में रह रहे किसी छात्रों को हॉस्टल खली करने के लिए मज़बूर नहीं कर सकती हैं।  जिसके बाद  स्टूडेंट के ऊपर से हॉस्टल खाली करने का प्रेशर भले ही हट गया हों लेकिन अब छात्रों के लिए हॉस्टल में एक-एक दिन काटना भारी हो रहा है।

ऑर्डर की कॉपी.jpg

जेएनयू की छात्र मधुरिमा इस समय हॉस्टल में हैं। मधुरिमा कहती हैं कि, 'हॉस्टल में इस समय ज्यादा छात्र तो नहीं हैं, किसी हॉस्टल में 50, किसी में 30, तो किसी में 20 छात्र बचे हैं। चार-पाँच हॉस्टल को मिलाकर एक मेस में खाना दिया जा रहा है, लेकिन ये सिर्फ नाम का खाना दिया जा रहा है। खाने के नाम पर कभी दाल चावल तो कभी सब्जी रोटी दी जा रही है।'

जेएनयू स्टूडेंट आगे बताती हैं कि, 'सेनेटाइजेशन के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया है। जो सफाई कर्मचारी आ रहे हैं एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ़ से उनके लिए कोई भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए है।'  

मधुरिमा कहती हैं कि, 'अगर किसी को कोई शिकायत है, तबीयत ठीक नहीं है तो उसके लिए हेल्थ सेंटर खुला हुआ है लेकिन कोई कोरोना संदिग्ध है तो उसके लिए कुछ नहीं है वो ऐसे ही अपने हॉस्टल में पड़ा हुआ है।'  

इसी यूनिवर्सिटी के एक अन्य छात्र कहते हैं कि, 'इस समय हम लोगों को ठीक से खाना खाना चाहिए, हमें जब अच्छा खाना मिलेगा तो हमारा इम्यून (रोगों से लड़ने की क्षमता) सिस्टम स्ट्रॉंग रहेगा। लेकिन हमें जो खाना दिया जा रहा है, ऐसा लग रहा है कि बस नाम के लिए दिया जा रहा है। हम दो दिन दाल चावल खाए हैं और एक दिन सब्जी रोटी। नाश्ता नाम की तो कोई चीज नहीं है, बस लंच और डिनर मिल रहा है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने हमारे लिए और कोई भी इंतजाम नहीं किए हैं। ऐसा लग रहा है कि हम कहीं बाहर से आए हैं, इस यूनिवर्सिटी के नहीं हैं।'

दिल्ली यूनिवर्सिटी की हालत तो इससे भी ख़राब है। इस यूनिवर्सिटी के छात्र अरुण बताते हैं कि, 'छात्रों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश मिला, लेकिन जो छात्र दूर के हैं, जिनका तुरंत जाना संभव नहीं था, वो कैसे जाते? अचानक से हॉस्टल खाली करने के आदेश का जब विरोध हुआ तो यूनिवर्सिटी ने वो निर्देश वापस ले लिया। लेकिन जो लोग हॉस्टल में रुके हुए हैं उनके लिए यूनिवर्सिटी की तरफ से कोई भी इंतजाम नहीं किया गया।'

दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अमीषा बताती हैं कि, 'लड़ाई झगड़े के बाद हमें यहाँ रुकने को तो मिल गया। यूजीसी (जिसका नियम सभी यूनिवर्सिटी को मानना पड़ता है) की गाइडलाइन भी आई है कि जो बच्चे हॉस्टल में रुके हुए हैं यूनिवर्सिटी उन सबको मेडिकल की सुविधा भी मुहैया कराये, लेकिन मेडिकल की सुविधा तो दूर की बात है, एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से हमसे ये कहा गया है कि तुम लोग यहाँ रहने की जिद तो कर रहे हो लेकिन अगर किसी को भी कुछ (कोरोना वायरस) होता है, तो इसके जिम्मेदार तुम लोग खुद होगे। यूनिवर्सिटी खुद कोई भी ज़िम्मेदारी लेने से पीछे हट रही है।'

इसी यूनिवर्सिटी की एक और स्टूडेंट कुसुम कहती हैं कि, 'हम लोगों को यहाँ पर खाने के लिए भी कोई सुविधा नहीं दी जा रही है, यहाँ पर लोग खुद ही अपना सामान ला रहे हैं और खुद ही बना रहे हैं और खा रहे हैं।' कुसुम कहती हैं कि, 'हमारे हॉस्टल में पैंट्री है तो हम लोगों को थोड़ी आसानी हो जा रही है, लेकिन दिक्कत तो बनी हुई है।'

अमीषा अभी दिल्ली यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में हैं। अमीषा कहती हैं कि, 'ये बहुत अजीब बात है कि यूनिवर्सिटी के लोग हमें खाना नहीं दे रहे हैं, हम लोग कुछ खाने की सामान रखे हुए हैं, उसी से काम चला रहे हैं। सब कुछ बंद है, हम कहाँ जाएंगे लेने के लिए, हम कैसे लेकर आएंगे। हमें बहुत ही ज्यादा दिक्कत है। अभी तो हम लोगों को लग ही नहीं रहा है कि हम दस दिन भी ऐसे काट पाएंगे।

स्टूडेंट की इस समस्या के बारे में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के एडमिनिस्ट्रेशन से बात करने की कोशिश की गई लेकिन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के किसी भी अधिकारी से बात नहीं हो पाई। दिल्ली यूनिवर्सिटी के एजीएसजीडबल्यू (अंबेडकर गांगुली स्टूडेंट हाउस फॉर वीमेन) हॉस्टल के चेयरपर्सन सुनीरा कासलीवाल से जब इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होने कहा कि, 'नहीं नहीं, कोई बात नहीं करेंगे हम।' 

(रिज़वाना तबस्सुम स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Coronavirus
COVID-19
Corona Crisis
JNU
Delhi University
JNUSU
UGC

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Modi in Varanasi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : पीएम मोदी की 1 लाख करोड़ की घोषणा कितनी प्रभावी?
    24 Dec 2021
    इसमें से क़रीब 70,000 करोड़ रुपये एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डों के लिए हैं।
  • otting massacre
    सुकुमार मुरलीधरन
    नागालैंड ओटिंग नरसंहार और लोकतंत्र में अपवाद की स्थिति
    24 Dec 2021
    सुकुमार मुरलीधरन लिखते हैं कि नागालैंड में हुई यह हालिया त्रासदी अंदरूनी संघर्ष की स्थितियों में ज़्यादा से ज़्यादा ताक़त के इस्तेमाल को लेकर सज़ा से छूट दिये जाने के ख़तरों और विरोधाभास को सामने…
  • parliament
    रवि शंकर दुबे
    टाइमलाइन : संसद के शीतकालीन सत्र में क्या कुछ हुआ, विपक्षी सांसदों को क्यों रहना पड़ा संसद से बाहर?
    23 Dec 2021
    संसद के दोनों सदनों का शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर को ख़त्म हो गया। इस सत्र में भी विपक्ष का विरोध और सरकार की नज़रअंदाज़ी जारी रही।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    अयोध्या ज़मीन घोटाला, 'धर्म संसद' में नफ़रत का खेल और अन्य ख़बरें
    23 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी अयोध्या का ज़मीन मामला, हरिद्वार के धर्म संसद में फैली नफ़रत और अन्य ख़बरों पर।
  • Afghanistan
    न्यूज़क्लिक टीम
    2.2 करोड़ अफ़ग़ानियों को भीषण भुखमरी में धकेला अमेरिका ने, चिले में वाम की ऐतिहासिक जीत
    23 Dec 2021
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने अमेरिकी sanctions की वजह से भुखमरी के भीषण संकट को झेल रहे अफ़गानिस्तान पर न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से बातचीत की। साथ ही चर्चा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License