NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना लॉकडाउन : ऐसे संकट में दंगा पीड़ितों को मत भूल जाना!
अदालत के आदेश पर दिल्ली सरकार ने कहा कि बुनियादी जरूरतें सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी दंगा पीड़ितों से संपर्क करेंगे और उन्हें आवश्यक सामान मुहैया कराएंगे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Mar 2020
Delhi violence Victim

दिल्ली: दिल्ली सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान विस्थापित हुए 275 परिवारों को भोजन या दवा जैसी जरूरी बुनियादी चीजें सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी उनसे संपर्क करेंगे।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ को सोमवार को आप सरकार के अधिवक्ता ने सूचित किया कि उत्तर-पूर्वी जिले के मोहल्ला क्लिनिक काम कर रहे हैं और प्रत्येक परिवार के प्रतिनिधियों को नोडल अधिकारियों का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा जिनसे वे चिकित्सा सहायता की जरूरत के समय संपर्क कर सकते हैं।

अदालत ने कोरोना वायरस के चलते जारी प्रतिबंधों के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शेख मुज्तबा फारूक की याचिका पर सुनवाई की।

फारूक ने याचिका में आग्रह किया था कि अधिकारियों को मुस्ताफाबाद में ईदगाह में राहत शिविर पुन: खोलने और पीड़ितों को भोजन, पानी की पर्याप्त आपूर्ति, साफ-सफाई की सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए।

दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता राहुल मेहरा ने अदालत को बताया कि मौजूदा स्थिति और केंद्र सरकार के लॉकडाउन के निर्देशों को देखते हुए अधिकारी 275 परिवारों में से प्रत्येक के प्रतिनिधियों से संपर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक इन परिवारों को भोजन के पैकेट और मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएंगी जिनमें आम बीमारियों में इस्तेमाल की जानेवाली वाली दवाएं भी होंगी।

अदालत ने मामले में निर्देश देने या अपने आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट के लिए तीन अप्रैल की तारीख निर्धारित की।

गत 27 मार्च के अपने आदेश में अदालत ने आप सरकार को निर्देश दिया था कि वह दंगा पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराए और अगर वे अब भी बेघर हैं तो उन्हें सामुदायिक केंद्रों या रैन बसेरों में शरण उपलब्ध कराए।

आपको बता दें कि फरवरी में दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में करीब 50 लोगों की मौत हो गई थी। सैकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे और बड़ी संख्या में घर जला दिए गए थे। पीड़ित लोगों में ज़्यादातर गरीब मुसलमान थे, जिनके लिए ईदगाह समेत कुछ स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए थे लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें भी बंद कर दिया गया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

COVID-19
Coronavirus
India Lockdown
Corona virus epidemic
Delhi Violence
Delhi riots
Riot victims
AAP
Delhi High court

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • बाइडेन की नीति से घटा चीन से तनाव 
    एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन की नीति से घटा चीन से तनाव 
    13 Sep 2021
    अमेरिकी राष्ट्रपति की चीनी राष्ट्रपति के साथ फोन पर 90 मिनट तक की लंबी बातचीत इसके समय, पृष्ठभूमि और मायनों को देखते हुए बेहद अहम हो जाती है।
  • बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?
    सोनिया यादव
    बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?
    13 Sep 2021
    एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि अनुसूचित जातियों के साथ अपराध के मामलों में साल 2019 में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्यों में सबसे ज़्यादा 2,378 मामले उत्तर प्रदेश में ही दर्ज किए गए हैं।
  • पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश
    न्यूजक्लिक रिपोर्ट
    पेगासस मामला: विस्तृत हलफनामा देने से केंद्र का इंकार, कोर्ट ने कहा- जारी करेंगे अंतरिम आदेश
    13 Sep 2021
    केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वो अदालत में विस्तृत हलफनामा पेश नहीं करना चाहती। सरकार ने किसी विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है।
  • ‘सदन में डी. राजा’: दलितों-वंचितों-महिलाओं की आवाज़ उठाने वाला नेता
    राज वाल्मीकि
    ‘सदन में डी. राजा’: दलितों-वंचितों-महिलाओं की आवाज़ उठाने वाला नेता
    13 Sep 2021
    बहुत ही कम प्रतिनिधि ऐसे होते हैं जो ज़मीनी स्तर से जुड़े होते हैं। जो ये नहीं भूलते हैं कि जनता ने उन्हें किस लिए चुनकर भेजा है। डी. राजा ऐसे ही प्रतिनिधियों में से एक हैं।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "अब्बाजान" सियासत
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "अब्बाजान" सियासत
    13 Sep 2021
    आज न्यूज़ चक्र में अभिसार शर्मा उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ के बेहूदा साम्प्रदायिक खेल का पर्दाफाश करने जा रहे हैं। सीएम आदित्यनाथ ने कहा था के 2017 से पहले अनाज सिर्फ उन लोगों को मिलता था जो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License