NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
क्यों बिहार में कोरोना मरीज़ों को करना पड़ा हाइवे जाम, खानी पड़ी पुलिस की लाठियां?
व्यवस्था इतनी लचर कि बिहार में सड़क पर उतरना पड़ा कोरोना मरीज़ों को, संवेदना ऐसी कि समाधान के बदले पुलिस ने कर दिया लाठीचार्ज।
पुष्यमित्र
04 Jul 2020
बिहार में कोरोना मरीज़ों को करना पड़ा हाइवे जाम

गुरुवार 2 जुलाई को बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में अजोबोगरीब दृश्य उत्पन्न हो गया। जिन कोरोना मरीज़ों को आम लोगों से आइसोलेट करके उनका बेहतर इलाज किया जाना था, वे सड़कों पर उतर कर हंगामा और प्रदर्शन कर रहे थे। वे आइसोलेशन सेंटर में बेहतर इलाज और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। उन्होंने एनएच 30 को जाम कर दिया था। उन्हें किसी आम प्रदर्शनकारियों की तरह सड़कों पर प्रदर्शन करते देख आसपास के लोग सहम गये। संक्रमण के खतरे से बचने के लिए सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें खड़ी हो गयीं। इस भीड़ में बिहार राज्य के खनन एवं भूतत्व मंत्री भी फंस गये। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन के बाद जहां प्रशासन को इन मरीज़ों की मांगें सुनकर उनका समाधान करना चाहिए था, बदले में स्थानीय पुलिस ने उनपर लाठियां चला दीं। इस लाठीचार्ज में कुछ महिला मरीज़ों के जख्मी होने की खबर है।

क्यों कोरोना मरीज़ों को सड़कों पर उतरना पड़ा

यह मामला बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर में बने कोरोना आइसोलेशन सेंटर का है, जिसे एएनएम सेंटर दुलौर में बनाया गया है। वहां कोरोना संक्रमित 60 मरीज़ भर्ती थे। ये मरीज़ पिछले तीन-चार दिनों से वहां की बदतर व्यवस्था को लेकर आक्रोशित थे। उनका कहना था कि आइसोलेशन सेंटर में साफ-सफाई का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा जा रहा, समय पर और ढंग का भोजन उपलब्ध नहीं किया जाता, एक तरह से उन्हें कैदियों की तरह लाकर रख दिया गया है। वहां के सिक्योरिटी गार्ड मरीज़ों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।

IMG-20200703-WA0002.jpg

ग्रिल के अंदर कैदियों की तरह रह रहे हैं मरीज़

इन मरीज़ों का कहना है कि उन्होंने पहले भी यहां की अव्यवस्था को लेकर शिकायत की थी। 28 जून को भोजपुर जिले के सिविल सर्जन, जगदीशपुर के एसडीएम, एसडीपीओ आदि ने आकर इस सेंटर की जांच भी की, और सभी शिकायतों को दूर करने का वादा किया। मगर उनके वादे के बावजूद जब किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।

समस्या समाधान के बदले मिली लाठियां, कुछ मरीज़ों को किया ट्रांसफऱ

अव्यवस्था के विरोध में एनएच 30 को ढाई घंटे तक जाम रखने के बावजूद इन मरीज़ों की समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बदले आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने इन मरीज़ों पर ही लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में कुछ महिलाएं भी जख्मी हुई हैं। इसके बाद प्रशासन से प्रदर्शन की अगुआई करने वाले सात मरीज़ों को वहां से हटाकर पीरो के आइसोलेशन सेंटर में भेज दिया।

IMG-20200703-WA0008.jpg

एनएच 30 पर बैठ कर प्रदर्शन करते कोरोना के मरीज

माले नेता ने किया विरोध

इस घटना की सूचना मिलने पर भोजपुर के माले नेता अजीत कुशवाहा और पप्पू सिंह ने आइसोलेशन सेंटर पहुंचकर मरीज़ों से बातचीत की। माले नेता अजीत कुशवाहा ने लाठीचार्ज की घटना पर सख्त आपत्ति जताई है, खास कर महिलाओं पर लाठी चलाने का। उन्होंने कहा, मरीज़ों के प्रति प्रशासनिक उदासीनता और कुव्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना अपराध नहीं है। उन्होंने कहा यह अतिसंवेदनशील मामला है, पुलिस को शांति से इसका समाधान निकालना चाहिए था। मरीज़ बेहतर व्यवस्था चाहते हैं तो इसमें उनका क्या दोष।

मरीज़ों को ही दोष दे रहे अधिकारी

भोजपुर के डिस्ट्रिक्ट सुपरिटेंडेंट राघवेंद्र किशोर और नोडल पदाधिकारी डॉ. खगेंद्र ठाकुर का कहना है कि हम सेंटर पर हर मुमकिन सुविधा देने का प्रयास करते हैं, मगर मरीज़ सहयोग नहीं करते। उन्हें समय से दवा खाने और व्यायाम करने के लिए कहने पर वे उग्र हो जाते हैं।

डीएम बोले, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी

इस घटना के बाद भोजपुर जिला के डीएम रौशन कुशवाहा ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि वे आइसोलेशन सेंटर की सुविधाएं बेहतर करें। इसके लिए उन्होंने बीडीओ को भी निर्देश दिया है कि खाने-पीने की व्यवस्था में सुधार लायें। साथ ही उन्होंने कहा है कि सेंटर की अव्यवस्था के लिए दोषी कर्मियों और लापरवाह पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। इसके लिए एक रिपोर्ट भी तैयार हो रही है।

हाल के दिनों में बिहार में कोरोना के मामले में तेजी आयी है। यहां कोरोना संक्रमित मरीज़ों का आंकड़ा दस हजार की संख्या के पार चला गया है। शुक्रवार, 3 जुलाई को यह रिपोर्ट लिखे जाने के पिछले चौबीस घंटे में 519 कोरोना मरीज़ मिले। कुल मरीज़ों की संख्या 10911 है। हालांकि इनमें से 8211 स्वस्थ हो चुके हैं और 2618 मरीज़ ही इलाजरत हैं। मगर मृत मरीज़ों की संख्या 84 हो गयी है। पिछले एक हफ्ते में मरीज़ों की संख्या में लगभग 25 फीसदी और कोरोना से मरने वालों की संख्या में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

अनलॉक की घोषणा के बाद बिहार में मरीज़ों की संख्या तीन गुनी हो गयी है। वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या चार गुनी हो गयी है। जबकि कोरोना को लेकर लोग लापरवाह हुए हैं और प्रशासन का रवैया ढीलाढाला नजर आ रहा है।

(पुष्यमित्र स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Bihar
Coronavirus
Corona Patient
bihar police
CPIML
Ajit Kushwaha
Pappu Singh
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन


बाकी खबरें

  • Governor
    अनिल जैन
    विचार-विश्लेषण: विपक्ष शासित राज्यों में समानांतर सरकार चला रहे हैं राज्यपाल
    22 Dec 2021
    संविधान निर्माताओं ने संविधान में जब राज्यपाल पद का प्रावधान किया था तो इसके पीछे उनका मकसद केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बनाना और देश के संघीय ढांचे को मजबूत करना था...मगर अफ़सोस ऐसा हो न सका…
  • aadhar
    अजय कुमार
    वोटर आईडी और आधार लिंकिंग : वोट कब्ज़ाने का नया हथियार!
    22 Dec 2021
    मोटे तौर पर कहें तो चुनाव संशोधन कानून 2021 पर भारत की विपक्षी पार्टियों का यही विरोध है कि जब वोटर आईडी को आधार कार्ड से लिंक कर दिया जाएगा तो ढेर सारी सूचनाओं की मालिक सरकार हो जाएगी। सरकार उन…
  • मौरिज़ियो कोपोला
    "क्यूबा की सोबराना वैक्सीन कोई चमत्कार नहीं, बल्कि राजनीतिक निर्णयों का नतीजा है"
    22 Dec 2021
    15 से 25 नवंबर तक, 35 इटेलियन स्वयंसेवकों ने क्यूबा के हवाना में सोबराना वैक्सीन पर एक नैदानिक परीक्षण में भाग लिया। कैरेबियाई द्वीप दुनिया भर में एकमात्र कम आय वाला देश है, जिसने अपनी सार्वजनिक और…
  • biden
    एम. के. भद्रकुमार
    दुनिया को गौर करना चाहिए कि बाइडेन की प्रेसीडेंसी ढलान पर है
    22 Dec 2021
    वेस्ट वर्जीनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जो मैनचिन के 2.2 ट्रिलियन डॉलर पैकेज के विधेयक की विनाशकारी आलोचना इस ओर इशारा करती है कि विश्व की महाशक्ति अपनी ताक़त से कहीं अधिक ऊपर उड़ाने की कोशिश कर रही है।
  • college
    दित्सा भट्टाचार्य
    केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में तकरीबन 33% शिक्षण पद खाली 
    22 Dec 2021
    संसद में कनिष्ठ मानव संसाधन मंत्री के अनुसार केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के लिए स्वीकृत 18,905 संकाय पदों में से 1 अक्टूबर 2021 तक 6,333 पद रिक्त पड़े हुए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License