NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
मध्यप्रदेश: इंदौर में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना पॉजिटिव मामले
मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार-रविवार रात को इंदौर के एक अस्पताल से कोरोना पॉजिटिव का एक मरीज और दो संदिग्ध भाग गए थे। वह मरीज 5 घंटे तक बाहर रहा था।
राजु कुमार
30 Mar 2020
coronavirus

मध्यप्रदेश का इंदौर शहर कोरोना को लेकर हाई अलर्ट पर है। यहां तेजी से पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में यहां 7 नए मरीज मिले हैं। कल, रविवार को यहां 4 नए लोगों का सैंपल पॉजिटिव आया था। मध्यप्रदेश के कुल 47 केस में से 27 इंदौर के हैं। इंदौर में कोरोना की रोकथाम में हुई लापरवाही ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। शनिवार-रविवार की रात एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई थी, जब एम.आर. टी.बी. अस्पताल से एक कोरोना पॉजिटिव मरीज़ और दो कोरोना संदिग्ध मरीज भाग गए। इससे इंदौर में सामुदायिक स्तर पर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस मरीज का 5 घंटे तक खुले में बाहर रहने के कारण प्रशासन से लेकर आम जन तक चिंतित हैं।

उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान करना भी एक चुनौती है। यद्यपि वह जिन-जिन इलाकों से गुजरा है, उन इलाकों को इंदौर नगर निगम ने सैनेटाइज कर दिया और प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इंदौर को तीन दिन के लिए पूरी तरह लॉक डाउन कर दिया। इस दरम्यान जरूरी सेवाओं के लिए भी लोगों को घर से बाहर नहीं निकलना हैं। जरूरी सेवाएं घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

मध्यप्रदेश में सबसे पहले जबलपुर में कोरोना के केस आए थे। उसके बाद भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी और फिर इंदौर व उज्जैन में पॉजिटिव केस सामने आए। अन्य जगहों पर पॉजिटिव केस बहुत ही कम हैं, लेकिन इंदौर में बहुत तेजी से मामले सामने आए और यहां के अस्पताल में तीन मरीजों की मौत भी हो गई है। अभी तक प्रदेश में सामने आए आधे से ज्यादा मामले इंदौर के हैं।

इंदौर में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के लिए अधिकारियों की विशेष टीम का भी गठन किया था। ऐसे में अस्पताल से मरीज के भागने जैसी लापरवाही चौंकाने वाली है। प्रारंभिक पूछताछ में मरीज ने बताया कि वह अस्पताल की अव्यवस्था से नाराज था। उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इस पॉजिटिव मरीज के अलावा दो अन्य संदिग्ध मरीज भी भाग गए थे, जिसमें से एक खुद अस्पताल वापस आ गया और दूसरे संदिग्ध को प्रशासन ने पकड़ कर अस्पताल पहुंचाया।

Indore 3_1.jpeg

इस लापरवाही से पहले इंदौर में एक और बड़ी लापरवाही 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन भी देखने को मिली थी, जब दिन भर घरों में रहने के बाद शाम 5 बजे कई चौराहों पर लोग इकट्ठा होकर थाली, ताली और शंख बजाने लगे थे। सड़कों पर बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने डंडे की फटकार भी लगाई थी। 28 मार्च को मुख्यमंत्री ने इंदौर कलेक्टर और पुलिस उप महानिरीक्षक का तबादला भी कर दिया है। इसके लिए उस दिन की प्रशासनिक लापरवाही को भी कारण बताया जा रहा है। उस घटना पर वरिष्ठ पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र का कहना है, ‘‘22 मार्च को इंदौर में 5 बजे के बाद ऐसा नजारा था, मानो कोरोना पर विजय मिल गया है।

मोदी भक्ति में भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं सहित आम लोगों ने भी शहर को जोखिम में डालने का काम किया था। लोग न तो इस वायरस की गंभीरता को समझ रहे हैं और न ही इसे वैज्ञानिक ढंग से समझने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में लॉक डाउन के बावजूद अलग-अलग कारणों से इंदौर में जुटती भीड़ खतरे को बढ़ा रही है।’’

इंदौर में कई जगहों पर खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ लगती रही है। प्रशासन लगातार सख्ती बढ़ाता जा रहा है, लेकिन मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इंदौर के कई ऐसे मरीज हैं, जिन्होंने न तो विदेश की यात्रा की थी और न ही विदेश यात्रा करने वालों के सीधे संपर्क में आए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यहां सामुदायिक स्तर पर कोरोना का फैलाव हो रहा है।

जन स्वास्थ्य अभियान से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि का कहना है, ‘‘सरकारी अस्पतालों में रूटीन स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन करना ही मुश्किल रहा है। अस्पताल पहले से ही ओवर लोडेड हैं। आपातकालीन बीमारियों कैंसर, दिल, किडनी के मरीजों और प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या कम नहीं हो सकती हैं। इनको अस्पताल ले जाने में दिक्कत हो रही है। हार्ट अटैक में कोई क्या करें। इनके सबके लिए सरकार ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।

जब ऐसे मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें दुविधाओं का सामना करना पड़ता है कि वे पहले कोरोना का मरीज देखें या फिर इन इमर्जेंसी मामलों को देखें। ऐसे में किसी मरीज पर कम ध्यान दे पाना एक स्वाभाविक घटना हो सकती है। सरकार कोरोना को लेकर रोज हेल्थ बुलेटिन निकाल रही है, लेकिन उसमें यह जिक्र ही नहीं है कि कितने मैन पावर बढ़ाए गए, कितनी अधोसंरचना विकसित की गई और सेवाओं में किस तरह का सुधार किया गया है। रीवा एवं कटनी जिले से सूचना आ रही है कि वहां स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मास्क तक नहीं हैं। ऐसे मौके पर सरकार द्वारा किए जा रहे तबादला और पदस्थापना भी सही नहीं है, क्योंकि इसका भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकार को केरल का मॉडल अपनाना चाहिए और सरकारी एवं गैर सरकारी दोनों स्तर पर समन्वय होना चाहिए।’’

Coronavirus
COVID-19
Corona Crisis
Indore
Corona cases
Madhya Pradesh
India Lockdown
BJP
modi sarkar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!
    29 Mar 2022
    जगह-जगह हड़ताल के समर्थन में प्रतिवाद सभाएं कर आम जनता से हड़ताल के मुद्दों के पक्ष में खड़े होने की अपील की गयी। हर दिन हो रही मूल्यवृद्धि, बेलगाम महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ भी काफी आक्रोश प्रदर्शित…
  • मुकुंद झा
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियन ने इस दो दिवसीय हड़ताल को सफल बताया है। आज हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और रेहड़ी-…
  • इंदिरा जयसिंह
    मैरिटल रेप को आपराधिक बनाना : एक अपवाद कब अपवाद नहीं रह जाता?
    29 Mar 2022
    न्यायिक राज-काज के एक अधिनियम में, कर्नाटक उच्च न्यायालय की व्याख्या है कि सेक्स में क्रूरता की स्थिति में छूट नहीं लागू होती है।
  • समीना खान
    सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर
    29 Mar 2022
    शोध पत्रिका 'साइंस एडवांस' के नवीनतम अंक में फ्रांसीसी विशेषज्ञों ने 72 देशों में औसतन 15 वर्ष की 500,000 से ज़्यादा लड़कियों के विस्तृत सर्वे के बाद ये नतीजे निकाले हैं। इस अध्ययन में पाया गया है कि…
  • प्रभात पटनायक
    पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में फिर होती बढ़ोतरी से परेशान मेहनतकश वर्ग
    29 Mar 2022
    नवंबर से स्थिर रहे पेट्रोल-डीज़ल के दाम महज़ 5 दिनों में 4 बार बढ़ाये जा चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License