NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
कोरोना अपडेट:  एक महीने में संक्रमित मरीज़ों की संख्या में 11 लाख से ज़्यादा का इज़ाफ़ा
1 जुलाई से 1 अगस्त की तुलना करें तो अब हम एक दिन में साढ़े 18 हज़ार मामलों से 57 हज़ार से ज़्यादा नए मामलों पर पहुंच गए हैं और इस एक महीने में 5,85,493 से 16,95,988 की कुल संख्या पर।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Aug 2020
corona Update

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार, 1 अगस्त की सुबह आठ बजे जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के तीसरे दिन भी रिकॉर्ड 57,118 नए मामले सामने आए। इसी के साथ देश भर में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या 16,95,988 हो गयी।

इसी तरह एक महीना पहले 1 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछली 24 घंटों में नए मामलों की संख्या 18,653 थी और कुल मरीज़ों की संख्या 5,85,493 हो गयी थी।

अब ज़रा इन आंकड़ों की तुलना करें तो ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ समझ में आता है। अब हम एक दिन में साढ़े 18 हज़ार से 57 हज़ार से ज़्यादा नए मामलों पर पहुंच गए हैं और इस एक महीने में 5,85,493 से 16,95,988 की कुल संख्या पर। यानी केवल जुलाई के एक महीने में 11 लाख से ज़्यादा संक्रमण का आंकड़ा बढ़ गया।

corona india.PNG

हालांकि इस दौरान ठीक होने वालों का आंकड़ा भी बढ़ा। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताज़ा जानकारी के अनुसार अभी तक 64.52 फीसदी यानी 10,94,374 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है, लेकिन संक्रमण के कारण अभी तक 36,511 मरीज़ों की मौत भी हो चुकी है। इसी के साथ देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ कर 5,65,103 हो गयी है।

corona_2.jpg

पहली जुलाई के आंकड़ों के मुताबिक 59.43 फीसदी यानी 3,47,979 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका था, और संक्रमण के कारण 17,400 मरीज़ों की मौत भी हो चुकी थी। और देश में कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ कर 2,20,114 हो गयी थी।

इसी तरह अगर दो महीने पीछे चलें मतलब जून में तो हम देखते हैं कि पहली जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक 31 मई सुबह 8 बजे से लेकर 1 जून सुबह 8 बजे तक कुल 8,392 नये मामले दर्ज किये गये थे और कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की कुल संख्या 1,90,535 हो गयी थी। उस समय स्वस्थ होने वालों की दर 48.19 थी।

june.jpg

इसी तरह पहली मई को संक्रमण के 1,993 नये मामले सामने आये और 73 लोगों की मौत दर्ज की गई। उस समय संक्रमित मरीज़ों की कुल संख्या 35,043 हो गयी थी। हालांकि ठीक होने की दर महज़ 25.37 फ़ीसदी ही थी।

इससे पहले पहली अप्रैल को भारत के आंकड़ें इस तरह नहीं मिल रहे थे। हालांकि जनता कर्फ़्यू 22 मार्च को लग चुका था और देशव्यापी लॉकडाउन 24-25 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजे से लागू हो गया था, लेकिन उस समय तबलीगी जमात और प्रवासी मज़दूरों को ही विलेन बनाने की कोशिशें चल रही थीं। ख़ैर हम इस लेख में इसके विस्तार में नहीं जाएंगे।

लेकिन तब से तुलना करें तो तब आंकड़ें कुछ दहाई से सैकड़ों में आने शुरू हुए और फिर कुछ हज़ारों में लेकिन आज जब हम चार महीने बाद अध्ययन करते हैं तो देखते हैं कि अब हर दिन आंकड़ों में 50-55 हज़ार से ज़्यादा का इज़ाफ़ा हो रहा है।

हालांकि यह भी सच है कि कुल संक्रमण के मामले इस तुलना में इसलिए भी बढ़े हुए दिखाई देते हैं क्योंकि हमने टेस्टिंग बढ़ाई है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि अगर हम अपनी टेस्टिंग और बढ़ाएं तो संक्रमण का आंकड़ा और भी बढ़ा हुआ मिलेगा।

पहली जुलाई को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार तब तक कुल 88,26,585 सैंपल की जांच की गयी थी, जिनमें से 2,17,931 सैंपल की जांच उस समय बीते 24 घंटों में हुई थी।

जबकि ICMR द्वारा 1 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 1,93,58,659 सैंपल की जांच की गयी, जिनमें से 5,25,689 सैंपल की जांच बीते 24 घंटों में हुई।

इस प्रकार साफ होता है कि टेस्टिंग बढ़ने से संक्रमण के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं, लेकिन ये कोई नुकसान की बात नहीं बल्कि फायदे की बात है क्योंकि सही जांच से ही हमें सही स्थिति पता चल पाएगी। इसलिए टेस्ट से डरने या घटाने की बजाय इसे बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि सही तस्वीर हमारे सामने हो, जब समस्या या बीमारी सही रूप में हमारे सामने होगी तभी हम उससे निपटने का सबसे कारगर तरीका भी ढूंढ सकेंगे। ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग करके संक्रमित लोगों को क्वारंटीन करना ही, सही इलाज देना ही इस संक्रमण पर काबू पाने का अभी तक का सबसे अच्छा इलाज माना गया है। इसलिए जानकारों ने हमेशा पूरे देश को लॉकडाउन में डालने की बजाय हमेशा संक्रमण के दायरे को चिह्नित कर उचित इलाज और सुविधाएं मुहैया कराने की बात कही है।

Coronavirus
COVID-19
Corona Update
India Corona Update
Corona cases

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • भाषा
    सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए आंबेडकर के संघर्षों से प्रेरणा लें : विजयन
    14 Apr 2022
    विजयन ने कहा कि लोकतंत्र को लेकर आंबेडकर का दृष्टिकोण ऐसे समय में और प्रासंगिक हो गया है जब सांप्रदायिक फासीवादी राजनीति और नव उदार पूंजीवादी नीतियां संवैधानिक मूल्यों पर बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं। 
  • एजाज़ अशरफ़
    दंगे भड़काने के लिए धार्मिक जुलूसों के इस्तेमाल का संघ का इतिहास
    14 Apr 2022
    संघ परिवार का गान करने वाले चाहते हैं कि हम रामनवमी की हालिया हिंसा के उस पहलू को भूल जायें, जो उसकी सांप्रदायिक आग भड़काने के पुराने इतिहास को दर्शाती है। 
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,007 नए मामले, एक मरीज़ों की मौत
    14 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है | दिल्ली में मात्र एक सप्ताह के भीतर नए मामलों की संख्या करीब तीन गुना हो गयी है | 
  • ambedkar
    लाल बहादुर सिंह
    एक आधुनिक लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण की डॉ. आंबेडकर की परियोजना आज गहरे संकट में
    14 Apr 2022
    डॉ. 
  • ambedkar
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    मैं अंबेडकर बोल रहा हूँ... भेद तुम्हारे खोल रहा हूँ
    14 Apr 2022
    आज, 14 अप्रैल बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती है। इस मौके पर बहुत भाषण होंगे, लेख लिखे जाएंगे, लेकिन जिस तरह से युवा कवि राज वाल्मीकि अंबेडकर की तरफ़ से बोल रहे हैं और हमारे समाज का भेद खोल रहे…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License