NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोरोना वायरस से संक्रमित वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह का निधन, नेताओं और पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि
शेष नारायण सिंह के निधन के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों और ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 May 2021
Shesh Narain Singh

वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे और ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल में उनका कई दिनों से इलाज चल रहा था।

जानकारी के मुताबिक उपचार के दौरान उनकी हालत में सुधार हो रहा था और कुछ दिन पहले ही उनका प्लाजमा पद्धति से इलाज किया गया था, लेकिन शुक्रवार तड़के उनकी तबीयत अचानक खराब हुई।

शेष नारायण सिंह ने कई अखबारों में बतौर संपादक काम किया था और कई समाचार पत्रों में अब भी स्तंभ लेखन करते थे।वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के रहने वाले थे।

शेष नारायण सिंह के निधन के बाद पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों और ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह के निधन पर शोक प्रकट किया और कहा कि पत्रकारिता जगत में अपने योगदान के लिए वह हमेशा याद किए जाएंगे।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह जी का निधन अत्यंत दुखद है। पत्रकारिता जगत में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए वे हमेशा जाने जाएंगे। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’

वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह जी का निधन अत्यंत दुखद है। पत्रकारिता जगत में अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए वे हमेशा जाने जाएंगे। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के लिए मेरी संवेदनाएं। ओम शांति!

— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2021

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा, ''वरिष्ठ पत्रकार श्री शेष नारायण सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद है। आपका सम्पूर्ण जीवन जनपक्षीय पत्रकारिता को समर्पित रहा। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दारुण दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!''

वरिष्ठ पत्रकार श्री शेष नारायण सिंह जी का निधन अत्यंत दुःखद है।

आपका सम्पूर्ण जीवन जनपक्षीय पत्रकारिता को समर्पित रहा।

प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दारुण दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

ॐ शांति!

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 7, 2021

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने लिखा 'वरिष्ठ पत्रकार श्री शेष नारायण सिंह जी का निधन, अत्यंत दुखद!  शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे। भावभीनी श्रद्धांजलि!"

वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने लिखा 'वरिष्ठ पत्रकार Shesh Narain Singh नहीं रहे. हम सबने उनके लिए प्लाज्मा की अपील जारी की थी, जो मिल भी गया. पर शेष भाई को बचाया नहीं जा सका. बहुत दुखद और स्तब्धकारी! दिवंगत साथी को सादर श्रद्धांजलि और परिवार के प्रति शोक-संवेदना.'

पत्रकार रवीश कुमार उन्हें याद करते हुए लिखते है "शेष जी...ज़िंदगी की इमारत अनेक लोगों के दम पर टिकी होती है। अलग अलग समय में कुछ लोग आपकी बुनियाद में खाद-पानी डाल जाते हैं। हरा कर जाते हैं। मेरी ज़िंदगी में वो इतनी तरह से शामिल हैं, इस हद तक मेरी ज़िंदगी में भरे हुए हैं कि उनके नहीं रहने की ख़बर के लिए कोई जगह नहीं बची है। उनके बग़ैर इन स्मृतियों की गठरी बंद हो गई है। अचानक कुछ याद नहीं आता या फिर इतना कुछ याद आ जाता है। पतंग की डोर जैसे अचानक कट गई है। देर तक उस पतंग को ओझल होते देख रहा हूँ। इतना कुछ था कि रोज़ या कई महीनों तक मुलाकात की ज़रूरत ही नहीं रही। यह तब होता है जब आप होने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो जाते हैं। हर दिन किसी के नहीं रहने की इतनी ख़बरें आती हैं कि शोक अब भीतर गहरे बैठने लगा है। बाहर नहीं छलकता है। उसके बाहर आने का जैसे ही वक्त होता है, फिर किसी के चले जाने की ख़बर आ जाती है। किसी को बुढ़ापे में नौजवान की तरह देखना हो तो आप शेष जी से मिल सकते हैं। अब नहीं मिल पाएंगे। वो हमेशा नौजवान ही रहे। शेष जी, बहुत मिस कर रहा हूं।"

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Shesh Narain Singh
Shesh Narain Singh dies
COVID-19
UttarPradesh
GIMS

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License