NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
गिनी में तख़्तापलट: सेना ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को गिरफ़्तार किया, सरकार भंग करने की घोषणा
तख़्तापलट करने वाले नेताओं ने देश के संविधान को भंग करने की भी घोषणा की है। इसे पिछले साल संशोधित किया गया था ताकि कोंडे को तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति मिल सके।
पीपल्स डिस्पैच
06 Sep 2021
गिनी में तख़्तापलट: सेना ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को गिरफ़्तार किया, सरकार भंग करने की घोषणा

स्पष्ट तख्तापलट के एक प्रयास में रविवार 5 सितंबर को सशस्त्र बलों ने राष्ट्रपति अल्फा कोंडे को गिरफ्तार कर लिया और गिनी की सरकार को भंग करने की घोषणा की। राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के दौरान राजधानी कोनाक्री में राष्ट्रपति भवन और इसके आसपास भारी गोलाबारी में कम से कम दो लोग घायल हो गए।

तख्तापलट करने वाले नेता कर्नल ममदी डूंबौया ने एक टीवी प्रसारण में घोषणा की कि सशस्त्र बलों ने देश पर नियंत्रण कर लिया है और राष्ट्रपति अल्फा कोंडे के नेतृत्व वाली सरकार को भंग कर दिया है। उन्होंने देश के संविधान को भंग करने की भी घोषणा की और देश को चलाने के लिए सशस्त्र कमांडरों को तैनात करने की अपनी योजना जाहिर की।

इस तख्तापलट को अंजाम देने वाले सैनिकों ने अपने समूह का नाम नेशनल कमेटी फॉर रिकॉन्सिलिएशन एंड डेवलपमेंट (सीएनआरडी) दिया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए एक वीडियो भी जारी किया कि कोंडे उनकी हिरासत में सुरक्षित हैं। उन्होंने राष्ट्रीय कर्फ्यू की भी घोषणा की और सोमवार को "निवर्तमान मंत्रियों और संस्थानों के पूर्व अध्यक्षों" को एक बैठक के लिए आमंत्रित किया।

रॉयटर्स ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति भवन के पास भारी गोलाबारी में कम से कम दो लोग घायल हो गए। राष्ट्रपति कोंडे के ठिकानों का अभी भी पता नहीं है।

पिछले साल अक्टूबर में हुए चुनावों के बाद 7 नवंबर को राष्ट्रपति अल्फा कोंडे (83 वर्ष) को तीसरे कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति घोषित किया गया था। मार्च 2020 में तीसरी बार फिर से चुनाव लड़ने के लिए दो कार्यकाल की सीमा वाले संविधान में संशोधन करने के उनके फैसले के कारण पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनों को बल प्रयोग से दबा दिया गया जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया।

विपक्ष ने पिछले चुनाव के दौरान भी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार तख्तापलट की खबर सामने आने के बाद कोनाक्री शहर के कुछ हिस्सों में लोग सड़कों पर जश्न मनाते देखे गए।

हालांकि, कई क्षेत्रीय और विश्व के नेताओं ने इस तख्तापलट के प्रयास की निंदा की और सेना से राष्ट्रपति को रिहा करने के लिए कहा। इकोनॉमिक कम्यूनिटी ऑफ वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स (ईसीओडब्ल्यूएएस) ने प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने यह कहते हुए तख्तापलट करने वाले नेताओं से अल्फा कोंडे की तत्काल रिहाई के लिए कहा कि, "मैं व्यक्तिगत रूप से गिनी की स्थिति को देख रहा हूं"।

Guinea coup
Alpha Conde
UN

Related Stories

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख

यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ

यूक्रेन-रूस अपडेट: चीन ने की यूक्रेन को मदद की पेशकश, रूस पर प्रतिबंधों को भी बताया गलत

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त, समावेशी और नई प्रतिनिधि सरकार का यूएन का आह्वान

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान में सभी से 'संयम' दिखाने का आग्रह किया

इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    बहस: क्यों यादवों को मुसलमानों के पक्ष में डटा रहना चाहिए!
    04 Apr 2022
    आरएसएस-बीजेपी की मौजूदा राजनीतिक तैयारी को देखकर के अखिलेश यादव को मुसलमानों के साथ-साथ दलितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी यादवों के कंधे पर डालनी चाहिए।
  • एम.ओबैद
    बिहारः बड़े-बड़े दावों के बावजूद भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम नीतीश सरकार
    04 Apr 2022
    समय-समय पर नीतीश सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलेरेंस नीति की बात करती रही है, लेकिन इसके उलट राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही हैं।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक:  ‘रोज़गार अभियान’ कब शुरू होगा सरकार जी!
    04 Apr 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत की। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा की थी। लेकिन बेरोज़गारी पर कोई बात नहीं कर रहा है।…
  • जगन्नाथ कुमार यादव
    नई शिक्षा नीति, सीयूसीईटी के ख़िलाफ़ छात्र-शिक्षकों ने खोला मोर्चा 
    04 Apr 2022
    बीते शुक्रवार को नई शिक्षा नीति (एनईपी ), हायर एजुकेशन फंडिंग एजेंसी (हेफ़ा), फोर ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP),  सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीयूसीईटी) आदि के खिलाफ दिल्ली…
  • अनिल सिन्हा
    नेहरू म्यूज़ियम का नाम बदलनाः राष्ट्र की स्मृतियों के ख़िलाफ़ संघ परिवार का युद्ध
    04 Apr 2022
    सवाल उठता है कि क्या संघ परिवार की लड़ाई सिर्फ़ नेहरू से है? गहराई से देखें तो संघ परिवार देश के इतिहास की उन तमाम स्मृतियों से लड़ रहा है जो संस्कृति या विचारधारा की विविधता तथा लोकतंत्र के पक्ष में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License