NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अदालत ने आजाद की जमानत शर्तों में किया बदलाव, दिल्ली आने की दी इजाजत
भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद को तीस हजारी कोर्ट ने राजधानी दिल्ली आने की इजाज़त दे दी है. चंद्रशेखर को दरियागंज से 21 दिसम्बर को सीएए के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किया गया था, और 15 जनवरी को उन्हें बेल दी गई थी। लेकिन ज़मानत में ये शर्त रखी गई थी कि वो 4 हफ़्ते तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कोर्ट ने कहा है कि चंद्रशेखर दिल्ली आ सकते हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Jan 2020
चंद्रशेखर आज़ाद

दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने यहां जामा मस्जिद में सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काने के आरोपी, भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को मंगलवार को चिकित्सा और चुनाव के उद्देश्य से दिल्ली आने की इजाजत देते हुए उनसे कहा कि दिल्ली पुलिस को अपने यात्रा कार्यक्रम की जानकारी दें।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाउ ने आजाद की जमानत के आदेश में बदलाव करते हुए यह निर्देश दिये। उनके खिलाफ 20 दिसंबर को दरियागंज इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा के सिलसिले में मामला दर्ज किया गया था।

साथ ही अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि चुनाव आयोग से इस बात की पुष्टि करें और मंगलवार तक रिपोर्ट दें कि दिल्ली में आजाद का कार्यालय एक राजनीतिक दल का दफ्तर है या नहीं।

अदालत आजाद द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने अपने जमानत आदेश की शर्तों में संशोधन का अनुरोध किया था।

क्या है पूरा मामला

भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद को तीस हजारी कोर्ट ने राजधानी दिल्ली आने की इजाज़त दे दी है. चंद्रशेखर को दरियागंज से 21 दिसम्बर को सीएए के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन के दौरान गिरफ़्तार किया गया था, और 15 जनवरी को उन्हें बेल दी गई थी। लेकिन ज़मानत में ये शर्त रखी गई थी कि वो 4 हफ़्ते तक दिल्ली नहीं आ सकेंगे। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए आज कोर्ट ने कहा है कि चंद्रशेखर दिल्ली आ सकते हैं।

हालांकि, ये इजाज़त भी शर्तों के साथ दी गई है। आज सुनवाई करते हुए दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने कहा है कि चंद्रशेखर अगर दिल्ली आना चाहते हैं तो उन्हें अपने पूरे कार्यक्रम की जानकारी पहले ही देनी होगी.

कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि चंद्रशेखर को दिल्ली में कब आना है, कहां आना है और क्या करना है इसकी पूरी जानकारी क्षेत्र के DCP को देनी होगी.

आपको बता दें कि चंद्रशेखर को जामा मस्जिद पर सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के दौरान दिल्ली पुलिस ने 21 दिसम्बर को गिरफ़्तार किया था।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Chandrashekhar Azad
Bhim Army
Chandrashekhar Azad on bail
Bail on Conditions

Related Stories

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट

अखिल भारतीय चिकित्सा शिक्षा कोटा के तहत ओबीसी को मिला आरक्षण, छात्र संगठनों ने कहा संघर्ष की हुई जीत!

मज़बूत होती किसान-मज़दूरों की एकता

हाथरस मामले में सरकार और प्रशासन का दोहरा रवैया क्यों दिखाई पड़ता है?

हाथरस की ‘निर्भया’ के इंसाफ़ के लिए जगह-जगह प्रदर्शन, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

हाथरस केस: यूपी सरकार और पुलिस का रवैया चिंताजनक, क्या अब सीबीआई जांच ही है रास्ता

पत्रकार प्रशांत कनौजिया को यूपी पुलिस ने फिर किया गिरफ़्तार

'आज़ाद समाज पार्टी' : महज़ एक सियासी दांव या नया विकल्प?


बाकी खबरें

  • Karnataka
    सबरंग इंडिया
    कर्नाटक: बजरंग दल के सदस्य की हत्या, पुलिस ने हिजाब विवाद से लिंक का खंडन किया
    22 Feb 2022
    20 फरवरी, 2022 को बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की मौत के तुरंत बाद कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और धारा 144 लागू कर दी गई है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, निषेधाज्ञा की…
  • Tanzania
    पैन अफ्रीकैनिज़्म टूडे सेक्रेटैरियट
    जिनकी ज़िंदगी ज़मीन है: तंजानिया में किसानों के संघर्ष
    22 Feb 2022
    माउंटंदाओ वा विकुंडी व्या वकुलिमा तंजानिया तक़रीबन 200,000 छोटे-छोटे किसानों का एक नेटवर्क है। यह नेटवर्क ज़मीन पर कब्ज़ा करने और उन लोगों को अपराधी ठहराये जाने के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहा है, जिनकी…
  • तृप्ता नारंग
    मणिपुर चुनाव: आफ्सपा, नशीली दवाएं और कृषि संकट बने  प्रमुख चिंता के मुद्दे
    22 Feb 2022
    जहां कांग्रेस और एनपीएफ़ ने अपने घोषणापत्र में आफ्सपा को वापस लेने का ज़िक्र किया है, वहीं भाजपा इसमें चूक गई है।
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट : लखनऊ की स्लम बस्तियों के सुनो चुनावी एजेंडे
    21 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंचीं लखनऊ की ऐशबाग और सदर इलाके की स्लम बस्तियों में, जहां दलित समाज बसता है। उनके चुनावी बोल, चुनाव के एजेंडे टटोले, क्या चल रही साइकिल, या खिलेगा फूल…
  •  Anish Khan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छात्र नेता अनीश ख़ान की हत्या का विरोध जारी, कोलकाता उच्च न्यायालय में उठी सुनवाई की मांग
    21 Feb 2022
    एसएफ़आई ने अनीश ख़ान की मौत की निंदा करते हुए इसका ज़िम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को बताया है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License