NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अदालत ने केरल के पत्रकार कप्पन से दोबारा पूछताछ के अनुरोध वाली याचिका खारिज की
मथुरा की एक अदालत ने आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रहे  केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन से पूछताछ के अनुरोध वाली उप्र एसटीएफ की याचिका खारिज कर दी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Aug 2021
 सिद्दीकी कप्पन

मथुरा की एक अदालत ने आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रहे केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन से पूछताछ के अनुरोध वाली उप्र एसटीएफ की याचिका खारिज कर दी।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार पांडेय ने विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद आरोपी से दोबारा पूछताछ की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

कप्पन आतंकवाद संबंधी एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं, जिसमें हाथरस की एक युवती की मौत के बाद अशांति भड़काने और उसके लिए कोष मुहैया करने के आरोप शामिल हैं। कथित तौर पर युवती के साथ बलात्कार के बाद उसे आग के हवाले किया गया था।

एडीएसजे पांडेय ने सोमवार को अपने आदेश में कहा, 'अभियोजन के अनुरोध को ऐसे चरण में स्वीकार नहीं किया जा सकता, जब आरोप पत्र पहले ही अदालत में प्रस्तुत किया जा चुका है। '

अपनी याचिका में एसटीएफ ने अदालत से कहा था कि कप्पन के दिल्ली स्थित आवास पर पिछले साल 11 नवंबर को छापा मारा गया था, जिसके दौरान प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी की एक पुस्तिका मिली थी, जिस पर हाथों से लिखी गई कुछ टिप्पणी थीं।

एसटीएफ की याचिका में कहा गया है कि पुस्तिका को कप्पन की लिखावट से मिलान करने के लिए आगरा फोरेंसिक प्रयोगशाला में भेजा गया था, लेकिन प्रयोगशाला ने इस साल 21 जून को दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दोनों लिखावट मेल नहीं खातीं। ऐसे में आरोपी से दोबारा पूछताछ की जरूरत है।

गौरतलब है किकप्पन को पिछले साल पांच अक्टूबर को हाथरस जाते समय गिरफ्तार किया गया था। हाथरस में एक दलित युवती से सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई थी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। बलात्कार का आरोप गांव के ही चार उच्च जाति के लड़कों पर है। और इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है।

उस दौरान पुलिस-प्रशासन ने भी रात के अंधेरे में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी। परिवार जनों का कहना था कि उनकी सहमति और उपस्थिति के बिना ही उनकी लड़की को जला दिया गया।

इस पूरे मामले में खुद कठघरे में रही यूपी पुलिस ने कहा था कि उसने चार लोगों को मथुरा में पीएफआई के साथ कथित जुड़ाव के आरोप में गिरफ्तार किया और चारों की पहचान केरल के मालप्पुरम के सिद्दीक कप्पन, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के अतीक-उर-रहमान, बहराइच के मसूद अहमद और रामपुर के आलम के तौर पर हुई है। चारों लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

 (समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Siddique Kappan
journalist Siddique Kappan

Related Stories

डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत

पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के साथ, UAPA में जेल में बंद अतीकुर्रहमान के परिवार की कहानी

कैसे भारत मुसलमानों को मनमाने तरीके से अनिश्चित काल के लिए जेलों में कैद कर रहा है?

पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की गिरफ़्तारी का एक साल: आज भी इंसाफ़ के लिए भटक रही हैं पत्नी रिहाना

मोदी-राज में गिरफ्तारियों का सच और इमर्जेंसी में प्रो. रघुवंश की गिरफ्तारी-रिहाई का किस्सा

सिद्दीकी कप्पन को "चुपके से" एम्स से छुट्टी देकर मथुरा जेल ले जाया गया

न्यायालय ने पत्रकार कप्पन को बेहतर इलाज के लिए राज्य के बाहर भेजने का योगी सरकार को दिया निर्देश

यूपी की जेल में बंद पत्रकार कप्पन के बेहतर इलाज़ के लिए एडिटर्स गिल्ड, मुख्यमंत्री और सांसदों ने लिखा पत्र

दिशा रवि की गिरफ़्तारी, सिद्दिकी कप्पन को पाँच दिन की ज़मानत और अन्य

पत्रकार कप्पन को केरल में बीमार मां से मिलने के लिए पांच दिन की ज़मानत मिली


बाकी खबरें

  • कृष्णकांत
    भारत को मध्ययुग में ले जाने का राष्ट्रीय अभियान चल रहा है!
    10 May 2022
    भारत किसी एक मामले में फिसला होता तो गनीमत थी। चाहे गिरती अर्थव्यवस्था हो, कमजोर होता लोकतंत्र हो या फिर तेजी से उभरता बहुसंख्यकवाद हो, इस वक्त भारत कई मोर्चे पर वैश्विक आलोचनाएं झेल रहा है लेकिन…
  • सोनाली कोल्हटकर
    छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है
    10 May 2022
    छात्र ऋण अश्वेत एवं भूरे अमेरिकिर्यों को गैर-आनुपातिक रूप से प्रभावित करता है। समय आ गया है कि इस सामूहिक वित्तीय बोझ को समाप्त किया जाए, और राष्ट्रपति चाहें तो कलम के एक झटके से ऐसा कर सकते हैं।
  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    अब झूठ मत बोलिए, सरकारी आंकड़ें बोलते- मुस्लिम आबादी में तेज़ गिरावट
    09 May 2022
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बताया कि किस तरह से अंतर्राष्ट्रीय negative ranking से घिरी नरेंद्र मोदी सरकार को अब PR का भरोसा, मुस्लिम आबादी का झूठ NFHS से बेनक़ाब |
  • एम.ओबैद
    बीपीएससी प्रश्न पत्र लीक कांड मामले में विपक्षी पार्टियों का हमला तेज़
    09 May 2022
    8 मई को आयोजित बिहार लोक सेवा आयोग के 67वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसको लेकर विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला करना शुरू कर…
  • सत्यम् तिवारी
    शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'
    09 May 2022
    एमसीडी की बुलडोज़र कार्रवाई का विरोध करते हुए और बुलडोज़र को वापस भेजते हुए शाहीन बाग़ के नागरिकों ने कहा कि "हम मुसलमानों के दिमाग़ पर बुलडोज़र नहीं चलने देंगे"।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License