NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
न्यायालय ने विनोद दुआ के ख़िलाफ़ राजद्रोह के आरोप में दर्ज प्राथमिकी रद्द की
न्यायालय ने पत्रकार विनोद दुआ के यूट्यूब कार्यक्रम को लेकर उनके खिलाफ राजद्रोह के आरोप में हिमाचल प्रदेश के एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा दर्ज करायी गई प्राथमिकी बृहस्पतिवार को रद्द करते हुए कहा कि 1962 का फैसला प्रत्येक पत्रकार को सुरक्षा का अधिकार देता है।
भाषा
03 Jun 2021
विनोद दुआ

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने पत्रकार विनोद दुआ के यूट्यूब कार्यक्रम को लेकर उनके खिलाफ राजद्रोह के आरोप में हिमाचल प्रदेश के एक स्थानीय भाजपा नेता द्वारा दर्ज करायी गई प्राथमिकी बृहस्पतिवार को रद्द करते हुए कहा कि 1962 का फैसला प्रत्येक पत्रकार को सुरक्षा का अधिकार देता है।

न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने हालांकि दुआ का वह अनुरोध अस्वीकार कर दिया कि जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक एक समिति अनुमति नहीं दे देती, तब तक पत्रकारिता का 10 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले किसी मीडिया कर्मी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए।

पीठ ने कहा कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप होगा।

मीडिया कर्मियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पीठ ने कहा, ‘‘ केदार नाथ सिंह फैसले (भादंवि में राजद्रोह अपराध के दायरे पर 1962 का प्रसिद्ध आदेश) के तहत प्रत्येक पत्रकार सुरक्षा का हकदार है। ’’

भादंवि की धारा 124ए (देशद्रोह) की वैधता बरकरार रखते हुए शीर्ष अदालत ने 1962 के अपने फैसले में कहा था कि सरकार के कार्यों की आलोचना के लिए एक नागरिक के खिलाफ राजद्रोह के आरोप नहीं लगाए जा सकते, क्योंकि यह भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अनुरूप है।

पीठ ने पिछले साल छह अक्टूबर को दुआ का पक्ष सुनने के बाद याचिका पर आदेश को सुरक्षित रख दिया था।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 20 जुलाई को मामले में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से दुआ को दिया गया संरक्षण अगले आदेश तक बढ़ा दिया था।

शीर्ष अदालत ने पहले कहा था कि दुआ को मामले के संबंध में हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा पूछे गए किसी अन्य पूरक प्रश्न का उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है।

भाजपा नेता श्याम ने शिमला जिले के कुमारसैन थाने में पिछले साल छल मई को राजद्रोह, सार्वजनिक उपद्रव मचाने, मानहानिकारक सामग्री छापने आदि के आरोप में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दुआ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और पत्रकार को जांच में शामिल होने को कहा गया था।

श्याम ने आरोप लगाया था कि दुआ ने अपने यूट्यूब कार्यक्रम में प्रधानमंत्री पर कुछ आरोप लगाए थे।

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने पिछले वर्ष 14 जून को रविवार के दिन अप्रत्याशित सुनवाई करते हुए विनोद दुआ को अगले आदेश तक गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया था, लेकिन उनके खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।

दुआ ने न्यायालय से उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकार है।

Supreme Court
vinod dua
sedition CASE

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन की एक नेता ने कैसे बच्चों के लिए ‘फ्रीडम स्कूल’ समर कार्यक्रम की शुरुआत की  
    सोनाली कोल्हटकर
    ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन की एक नेता ने कैसे बच्चों के लिए ‘फ्रीडम स्कूल’ समर कार्यक्रम की शुरुआत की  
    16 Aug 2021
    जैस्मिन रिचर्ड्स का मानना है कि उनके समुदाय में युवा अश्वेत और भूरे बच्चों के बीच शिक्षा एवं सशक्तिकरण का काम भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि नस्लवादी पुलिसिया क्रूरता के खिलाफ संघर्ष करना।
  • देशभर में किसानों की तिरंगा यात्रा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशभर में किसानों की तिरंगा यात्रा, प्रधानमंत्री के भाषण से निराश
    16 Aug 2021
    किसानो को उम्मीद थी की जब प्रधानमंत्री लाल किले की प्रचीर से भाषण देंगे तो उनके बारे में भी कुछ बोलेंगे लेकिन वो इस मामले पर कुछ नहीं बोले। जिससे आंदोलनरत किसान मायूस हुए। हालांकि उन्होंने अपना…
  • सहारा करीमी
    सहारा करीमी
    अफ़ग़ान फिल्म निर्देशक सहारा करीमी की दुनिया से अपील
    16 Aug 2021
    ‘मैं इस दुनिया को नहीं समझती। मैं इस चुप्पी को नहीं समझती। मैं खड़ी हो जाऊंगी और अपने देश के लिए लड़ूंगी, लेकिन मैं इसे अकेले नहीं कर सकती। मुझे आप जैसे सहयोगी चाहिए...।’
  • श्रीलंका में कोविड-19 मामले में फिर वृद्धि के बाद सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध
    पीपल्स डिस्पैच
    श्रीलंका में कोविड-19 मामले में फिर वृद्धि के बाद सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध
    16 Aug 2021
    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो नए कोविड-19 मामलों और मौतों की संख्या और बढ़ जाएगी क्योंकि देश में बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की कमी है।
  • हाकैंडे हिचिलेमा ज़ाम्बिया में नए राष्ट्रपति चुने गए
    पीपल्स डिस्पैच
    हाकैंडे हिचिलेमा ज़ाम्बिया में नए राष्ट्रपति चुने गए
    16 Aug 2021
    बड़ी पूंजी और आईएमएफ़ को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले दोनों शीर्ष प्रतियोगियों के साथ, राष्ट्रपति पद के लिए 16उम्मीदवारों की दौड़ में पांचवां स्थान हासिल करने वाले नवगठित सोशलिस्ट पार्टी के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License