NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
अदालत का मंडी हाउस से विकलांग प्रदर्शनकारियों को हटाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इंकार
देश भर से आये विकलांग अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से दिल्ली के मंडी हाउस पर इंसाफ की मांग लेकर जमे हुए हैं। इसकी वजह से प्रशासन ने मंडी हाउस के एक हिस्से और निकटवर्ती दो सड़कों को 26 नवम्बर से बंद किया है। इससे हुई परेशानी के चलते यह बात जब याचिका बनकर कोर्ट के पास पहुंची तो दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Dec 2019
protest

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया, जिसमें विकलांग प्रदर्शनकारियों को मंडी हाउस से हटाये जाने का अनुरोध किया गया था।

याचिका में मंडी हाउस से विकलांग  प्रदर्शनकारियों को हटाये जाने और प्रदर्शन के कारण प्रभावित सड़कों को आम यातायात के लिए खोलने के निर्देश देने का निवेदन किया गया था।

रेलवे में नौकरी की मांग को लेकर विकलांग लोगों के प्रदर्शन के कारण मंडी हाउस के एक हिस्से और निकटवर्ती दो सड़कों को 26 नवम्बर से बंद किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की एक पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किये बगैर ही अदालत का रूख कर लिया।

अदालत ने याचिकाकर्ता बजरंग वत्स को पहले अधिकारियों के पास जाने के निर्देश दिये और उसकी याचिका का ख़ारिज कर दिया।वत्स ने अपनी याचिका में कहा था कि प्रदर्शन के कारण पुलिस ने यहां सिकंदरा रोड को आईटीओ से मंडी हाउस तक यातायात के लिए बंद कर दिया जबकि तिलक मार्ग लाल बत्ती से भगवानदास रोड को दोनों ओर से मंडी हाउस तक बंद कर दिया।

याचिका में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है लेकिन पुलिस प्रदर्शनकारियों को नहीं हटा रही है।

आपको बता दें कि  साल  2018 में रेलवे भर्ती बोर्ड के ग्रुप डी की लिखित परीक्षा में ये विकलांग अभ्यर्थी  पास हो गए थे। लिखित परीक्षा के रिजल्ट जब आये तब कट ऑफ मार्क नहीं दिखाया गया। जो लोग लिखित परीक्षा में पास हुए थे उन्हें कहा गया था कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा। छात्र डाक्यूमेंट बनवाने में जुट गए। लेकिन कुछ दिन के बाद रेलवे ने सीटों की संख्या बढ़ाकर दुबारा नतीजे निकाल दिए।

इस रिवाइज़्ड नतीजों में इन विकलांगों का नाम गायब था। जिन्होंने शुरू में प्रदर्शन किया पहले तो उन्हें लिखित में पास कर दिया गया फिर बिना कारण बताए फेल भी कर दिया गया। इनका डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं हुआ लेकिन बाद में इन्हें बताया गया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद यह लोग फेल हैं और इनका चयन नहीं हुआ है।

इंसाफ की मांग लेकर ये अभ्यर्थी पिछले 13 दिनों से दिल्ली के मंडी हाउस में विकलांग कोर्ट सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।  इनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मान ली जाती , तब तक वह मंडी हॉउस से नहीं हटेंगे।  

( भाषा के इनपुट के साथ )  

Supreme Court
New Delhi
Students with disabilities
Student Protests
Group D
Railways
Central Government
BJP
modi sarkar
indian railways

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?


बाकी खबरें

  • CDSCO
    भाषा
    CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
    28 Dec 2021
    सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (…
  • sunil
    भाषा
    पेले से आगे निकले छेत्री, भारत ने आठवां सैफ ख़िताब जीता, महिला टीम भी चमकी
    28 Dec 2021
    भारतीय फुटबॉल को वर्ष 2021 में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली । पचास और साठ के दशक का अपना खोया गौरव लौटाने की कोशिश में जुटी टीम उस पल का इंतजार ही करती रही जो देश में इस खेल की दशा और दिशा बदल सके।
  • UP Elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: किसानों की आय दोगुनी होने का टूटता वादा, आत्महत्या का सिलसिला जारी
    28 Dec 2021
    बुंदेलखंड के बाँदा ज़िले में युवा किसान राम रुचि और प्रमोद पटेल ने इसी साल क़र्ज़ के दबाव में आत्महत्या कर ली। न्यूज़क्लिक ने दोनों परिवारों से मिल कर बात की और जानने की कोशिश की कि सरकार का किसानों…
  • officers of Edu dept eating MDM with students
    राजेश डोबरियाल
    उत्तराखंड: 'अपने हक़ की' लड़ाई अंजाम तक पहुंचाने को तैयार हैं दलित भोजन माता सुनीता देवी
    28 Dec 2021
    “...चूंकि क्रिसमस की बैठक में सभी पक्ष अभी क्षेत्र का माहौल सौहार्दपूर्ण बनाए रखने पर सहमत हुए हैं इसलिए वे जांच कमेटी की रिपोर्ट आने का इंतज़ार कर रहे हैं। नियमानुसार तो सुनीता देवी की ही भोजनमाता…
  • UP Election 2022
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव 2022: बेरोज़गार युवा इस चुनाव में गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं
    28 Dec 2021
    मोदी-योगी से नाउम्मीद युवाओं को विपक्ष से चाहिए रोजगार का भरोसा
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License