NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’ अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
भाषा
14 Feb 2022
delhi high court

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली के विभिन्न निजी स्कूलों में कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के 44,000 से अधिक बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने के लिए दायर एक याचिका पर दिल्ली सरकार से ‘संक्षिप्त और स्पष्ट’ जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने एनजीओ ‘जस्टिस फॉर ऑल’ की जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया और दिल्ली सरकार के वकील संतोष कुमार त्रिपाठी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा, ‘‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम और पिछले वर्ष सीटों की संख्या, प्राप्त आवेदनों और दाखिलों की संख्या को लेकर एक संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दाखिल करें।’’

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तारीख मुकर्रर कर दी।

अधिवक्ता खगेश बी झा और शिखा शर्मा बग्गा के माध्यम से दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि कर्तव्यों के पालन को लेकर सरकार की निष्क्रियता के कारण उन हजारों बच्चों के मौलिक अधिकारों का घोर उल्लंघन हुआ है, जो अप्रैल 2021 से दाखिले का इंतजार कर रहे हैं।

याचिका में कहा गया है कि हालांकि, मौजूदा वर्ष की 53,000 से अधिक सीटें हैं और इसके अलावा 24,000 सीटों को पिछले शैक्षणिक सत्र से आगे बढ़ाया जाना है, यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह के बच्चों के लिए कुल 77,000 सीटें हैं, लेकिन सिर्फ 21,000 बच्चों को दाखिला दिया गया है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि शिक्षा निदेशक ने खुद प्रक्रिया में देरी की और अब प्रवेश में देरी के आधार पर दाखिले से इनकार कर रहे हैं, जो कि उपयुक्त सरकार का कर्तव्य है।

याचिकाकर्ता एनजीओ ने शिक्षा निदेशक को उन निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश देने की मांग की है, जो आवंटित सीटों पर छात्रों को दाखिला देने में नाकाम रहे हैं।

Delhi High court
EWS category

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई

नौसेना लीक मामला: सीबीआई ने नौसेना के दो कमांडर के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र दाख़िल किया


बाकी खबरें

  • up
    सोनिया यादव
    यूपी: 69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में युवाओं पर लाठीचार्ज, लेकिन घोटाले की जवाबदेही किसकी?
    06 Dec 2021
    69 हज़ार शिक्षक भर्ती का मामला पिछले तीन सालों से अधर में लटका हुआ है। निराश अभ्यर्थियों ने जब लखनऊ में धांधली और घोटाले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया।
  • Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः 204 विद्यालयों के पास नहीं है अपना भवन, ज़मीन पर बैठकर बच्चे करते हैं पढ़ाई
    06 Dec 2021
    बिहार के वैशाली ज़िले में ऐसे 204 विद्यालय हैं जिनके पास अपना भवन नहीं है। कुछ जगहों पर बच्चों को पेड़ के पास पढ़ाया जा रहा है तो कहीं सामुदायिक भवन में कक्षाएँ चल रही हैं।
  • Babri Demolition
    सुमन गुप्ता
    6 दिसंबर महज़ एक तारीख़ रह गई : अयोध्या के चेहरे पर नहीं कोई शिकन
    06 Dec 2021
    याद उन्हें है, जिन्हें लगता है कि इस दिन 16वीं सदी की एक मस्जिद ताक़त के बल पर ढहा दी गई और कोई दंडित नहीं हुआ या फिर उन्हें जिन्हें यह एहसास है कि यह महज़ एक भवन को ढहाना नहीं था...।
  • Babri Masjid
    न्यूज़क्लिक टीम
    बाबरी विध्वंस की पूरी कहानी, क्या हुआ, कब हुआ, क्यों हुआ!
    06 Dec 2021
    6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ढहा दिया गया...भारत के लोकतंत्र के इतिहास में इसे एक बुरे दिन के तौर पर याद किया जाता है। जिस दिन सरेआम देश के संविधान की धज्जियां उड़ा दी गईं। हालांकि तब…
  • WTO
    पीपल्स डिस्पैच
    स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को डब्ल्यूटीओ के एजेंडे की परवाह क्यों करनी चाहिए?
    06 Dec 2021
    हालिया रद्द किए गए विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में ट्रिप्स छूट प्रस्ताव पर चर्चा की जानी थी, पर इसके एजेंडे में अन्य विषय भी विचारणीय थे, जिन्हें दुनिया भर के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License