NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
चंद्रशेखर मामले में कोर्ट की दिल्ली पुलिस को फटकार, कहा- प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार
सीएए प्रदर्शन पर अदालत ने कहा- संसद में जो कहा जाना चाहिए था, नहीं कहा गया, इसलिए लोग सड़कों पर हैं। जामा मस्जिद जाने पर भी कोर्ट ने कहा कि पुलिस ऐसे बर्ताव कर रही है जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Jan 2020
चंद्रशेखर आजाद
Image for representational use only.Image Courtesy : The Indian Express

दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ कोई सबूत नहीं दिखा पाने को लेकर मंगलवार को दिल्ली पुलिस की खिंचाई की और कहा कि लोग सड़कों पर इसलिए हैं क्योंकि जो चीजें संसद के अंदर कही जानी चाहिए थी, वे नहीं कही गयीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाऊ ने कहा कि दिल्ली पुलिस ऐसे बर्ताव कर रही है जैसे कि जामा मस्जिद पाकिस्तान है और यदि ऐसा है तो भी कोई भी व्यक्ति वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर सकता है।

न्यायाधीश ने कहा कि पाकिस्तान एक समय अविभाजित भारत का हिस्सा था। अदालत की टिप्पणी आज़ाद की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आयी। आज़ाद को पुरानी दिल्ली के दरियागंज में सीएए विरोधी प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ संसद के अंदर जो बातें कही जानी चाहिए थीं, वे नहीं कही गयीं। यही वजह है कि लोग सड़कों पर उतर गये हैं। हमें अपना विचार व्यक्त करने का पूरा हक़ है लेकिन हम देश को नष्ट नहीं कर सकते।’’

अदालत ने पुलिस के जांच अधिकारी से उन सारे सबूतों को पेश करने को कहा जो दर्शाते हों कि आज़ाद जामा मस्जिद में सभा को कथित रूप से भड़काऊ भाषण दे रहे थे। जांच अधिकारी से ऐसा कानून भी बताने को कहा गया जिससे पता चले कि सभा असंवैधानिक थी।

इसी दौरान सरकारी वकील ने आज़ाद की कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर सवाल उठाए। इस पर आज़ाद के वकील ने ऐतराज़ जताया और पोस्ट बताने के लिए कहा। लेकिन सरकारी वकील ने कहा कि वे उसे उनके साथ साझा नहीं कर सकते, जिसपर आज़ाद के वकील ने कहा कि उनके पास ऐसा कौन सा विशेषाधिकार है जिसकी वजह से वे उसे साझा नहीं कर सकते। इस पर सरकारी वकील ने आज़ाद की जामा मस्जिद जाने की अपील वाली पोस्ट पढ़ी।

अदालत ने कहा, ‘‘ आप ऐसे बर्ताव कर रहे हैं जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान हो और यदि वह पाकिस्तान है तो भी आप वहां जा सकते हैं और प्रदर्शन कर सकते हैं। पाकिस्तान अविभाजित भारत का हिस्सा था।’’

अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख बुधवार, 15 जनवरी तय की है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि उसके पास सबूत के तौर पर बस सभा की ड्रोन तस्वीरें हैं, अन्य कोई रिकार्डिंग नहीं है।

इस पर न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ क्या आप सोचते हैं कि दिल्ली पुलिस इतनी पिछड़ी है कि उसके पास किसी चीज की रिकार्डिंग करने के यंत्र नहीं हैं?’’ अदालत ने कहा, ‘‘मुझे कुछ ऐसी चीज या कानून दिखाइए जो ऐसी सभा को रोकता हो... हिंसा कहां हुई? कौन कहता है कि आप प्रदर्शन नहीं कर सकते... क्या आपने संविधान पढ़ा है। प्रदर्शन करना किसी भी व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है।’’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Bhim Army Chandrashekhar Azad
Jama masjid
CAA Protests
delhi court
Azad Bail
Mehmood Pracha

Related Stories

शाहीन बाग़ में पैसों के बंटवारे को लेकर महिलाओं के बीच हुई लड़ाई? नहीं, भोपाल का पुराना वीडियो वायरल

CAA-NRC : महिलाओं का विरोध प्रदर्शन तेज, देश भर में बने कई नए शाहीन बाग

तुर्कमान गेट, दिल्ली : '26 जनवरी किस बात की, जब संविधान का सम्मान ही नहीं'

हम खेलेंगे : CAA-NRC और सरकार की बर्बरता के ख़िलाफ़ प्रदर्शन का ज़रिया बना फ़ुटबॉल 

उत्तर प्रदेश पुलिस बदले की भावना से काम कर रही है: दीपक कबीर

CAA प्रदर्शन : उत्तरप्रदेश की ख़ास रिपोर्टों का एक समग्र ब्योरा

CAA-NRC के ख़िलाफ़ देशभर में प्रदर्शन जारी, चंद्रशेखर की रिहाई के लिए हाथ बांधकर मार्च

CAA विरोधी प्रदर्शन: दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भारी पुलिस बल तैनात

दिल्ली गेट और जामा मस्जिद में कब, कैसे, क्या हुआ ?

ये हमारा मुल्क है, हमें कागज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं: चंद्रशेखर आजाद


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License