NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19: महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक हुई प्रगति पर संकट!
संयुक्त राष्ट्र महिला एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के नए आकलन में कहा गया कि कोविड-19 संकट के चलते 2021 तक 4.7 करोड़ अतिरिक्त महिलाएं-लड़कियां अत्यधिक ग़रीबी की कगार पर पहुंच जाएंगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Sep 2020
 महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक हुई प्रगति पर संकट!
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोविड-19 वैश्विक महामारी महिलाओं को बहुत ज्यादा प्रभावित करेगी और 2021 तक 4.7 करोड़ और महिलाओं एवं लड़कियों को अत्यधिक गरीबी की तरफ धकेल देगी।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी नए आंकड़ों में यह कहा गया है जिसके मुताबिक इस जनसांख्यिकी को गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए दशकों में हुई प्रगति फिर पीछे की ओर चली जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र महिला एवं संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के इस नए आकलन में कहा गया कि कोविड-19 संकट महिलाओं के लिए गरीबी दर को बढ़ा देगा और गरीबी में रहने वाली महिलाओं एवं पुरुषों के बीच का अंतर बढ़ जाएगा।

महिलाओं के लिए गरीबी दर 2019 से 2021 के बीच 2.7 प्रतिशत तक घटने की उम्मीद थी, लेकिन वैश्विक महामारी और उसके दुष्परिणामों के कारण अब इसके 9.1 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा, ‘वैश्विक महामारी 2021 तक 9.6 करोड़ लोगों को अत्यंत गरीबी की ओर धकेल देगी, जिनमें से 4.7 करोड़ महिलाएं एवं लड़कियां होंगी। यह संकट बेहद गरीबी में रहने वाली कुल महिलाओं की संख्या को बढ़ाकर 43.5 करोड़ कर देगा, जहां अनुमान दिखाते हैं कि 2030 तक यह संख्या वैश्विक महामारी से पहले के स्तर तक नहीं लौट पाएगी।’

अनुमान दिखाते हैं कि महामारी सामान्य तौर पर समूची वैश्विक गरीबी को प्रभावित करेगी, लेकिन महिलाएं अत्यधिक प्रभावित होंगी। 2021 तक बेहद गरीबी में रह रहे 25 से 34 साल के 100 पुरुषों पर 118 महिलाएं होंगी। यह अंतर 2030 तक प्रति 100 पुरुष पर 121 महिलाएं हो जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र महिला (यूएन वीमन) संस्था की कार्यकारी निदेशक फुमजाइल म्लाम्बो नगकुका ने कहा, ‘महिलाओं की अत्यंत गरीबी में यह बढ़ोतरी, हमारे समाजों एवं अर्थव्यवस्थाओं को हमने जिन तरीकों से बनाया है उनमें गहरी खामियों को दिखाता है।’

उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि महिलाएं परिवार की देखभाल करने की सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदारी लेती हैं; वे कम कमाती हैं, कम बचाती हैं और बहुत कम सुरक्षित नौकरियां पकड़ती हैं। वास्तव में कुल मिलाकर महिलाओं का रोजगार पुरुषों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक खतरनाक है।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य और दक्षिणी एशिया और उप-सहारा अफ्रीका (जहां दुनिया के 87 प्रतिशत अत्यधिक गरीब रहते हैं) में अत्यधिक गरीबी में सबसे अधिक वृद्धि दिखेगी, जहां क्रमशः 5.4 करोड़ और 2.4 करोड़ लोग महामारी के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं।

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी आगाह किया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के विनाशकारी सामाजिक और आर्थिक प्रभावों से दुनिया भर में महिलाएँ व लड़कियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में वर्षों व कई पीढ़ियों से हो रही प्रगति को कोरोनावायरस संकट की भेंट ना चढ़ने देने के लिये व्यापक प्रयास करने की आवश्यकता होगी।

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के दौरान अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को अपने रोज़गार खोने के कारण वित्तीय असुरक्षा, नियमित आय के अभाव और प्रभावी सामाजिक संरक्षा के दायरे से बाहर होने जैसी अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

गुटेरेश ने ध्यान दिलाया कि महामारी से निपटने के ऐहतियाती उपायों के कारण लागू होने वाली तालाबन्दी व सख़्त पाबन्दियों के कारण लिंग आधारित हिंसा के मामले भी तेज़ी से बढ़े हैं।महिलाओं को अक्सर उनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोगों के साथ घरों में ही सीमित रहने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।

आपको बता दें कि वैश्विक स्तर पर आए इन आंकड़ों की झलक देश के स्तर पर भी दिख रही है। पश्चिम बंगाल में एक ताजा सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह कड़वी हकीकत सामने आई है कि इस दौरान बाल मजदूरी करने वाले स्कूली बच्चों की तादाद 105 प्रतिशत बढ़ गई है। इनमें भी लड़कियों की स्थिति बेहद खराब है।

पश्चिम बंगाल राइट टू एजुकेशन (आरटीई) फोरम और कैम्पेन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर (सीएसीएल) की ओर से किए गए ताजा सर्वेक्षण में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल में स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच बाल मजदूरी बढ़ी है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, लॉकडाउन का असर हर व्यक्ति पर पड़ा है और राज्य में स्कूल जाने वाले बच्चों के बीच बाल मजदूरी में 105 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान लड़कियों में बाल मजदूरों की संख्या 113 प्रतिशत बढ़ी है जबकि लड़कों के बीच इस संख्या में 94.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ

Coronavirus
COVID-19
women empowerment
Gender Equality
poverty
United Nations Women and United Nations Development
Global Pandemic

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान
    23 Apr 2022
    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हत्याओं और राज्य में सामाजिक सौहार्द्र को खराब करने की कोशिशों की निंदा की है। उन्होंने जनता से उन ताकतों को "अलग-थलग करने की अपील की है, जिन्होंने सांप्रदायिक…
  • राजेंद्र शर्मा
    फ़ैज़, कबीर, मीरा, मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला!
    23 Apr 2022
    कटाक्ष: इन विरोधियों को तो मोदी राज बुलडोज़र चलाए, तो आपत्ति है। कोर्स से कवियों को हटाए तब भी आपत्ति। तेल का दाम बढ़ाए, तब भी आपत्ति। पुराने भारत के उद्योगों को बेच-बेचकर खाए तो भी आपत्ति है…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही की खुराकः बिहार में अलग-अलग जगह पर सैकड़ों बच्चे हुए बीमार
    23 Apr 2022
    बच्चों को दवा की खुराक देने में लापरवाही के चलते बीमार होने की खबरें बिहार के भागलपुर समेत अन्य जगहों से आई हैं जिसमें मुंगेर, बेगूसराय और सीवन शामिल हैं।
  • डेविड वोरहोल्ट
    विंबलडन: रूसी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध ग़लत व्यक्तियों को युद्ध की सज़ा देने जैसा है! 
    23 Apr 2022
    विंबलडन ने घोषणा की है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को इस साल खेल से बाहर रखा जाएगा। 
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हक़ीक़त
    23 Apr 2022
    एक ऐसे वक्त जबकि देश संवैधानिक मूल्यों, बहुलवाद और अपने सेकुलर चरित्र की रक्षा के लिए जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी को अपनी विरासत का स्मरण करते हुए देश की मूल तासीर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License