NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोविड-19: सरकारें छुपा रही हैं कोरोना संक्रमण और मौतों के सही आंकड़े!
भोपाल में सरकारी आकड़ों के मुताबिक़ बृहस्पतिवार को कोरोना से 8 मौतें हुईं, जबकि कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक 108 शवों का अंतिम संस्कार हुआ है। गुजरात उच्च न्ययालय ने भी गुजरात सरकार के कोरोना संक्रमण के आकड़ों पर सवाल उठाए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Apr 2021
कोविड-19: सरकारें छुपा रही हैं कोरोना संक्रमण और मौतों के सही आंकड़े!
Image courtesy : Firstpost

देशभर में कोरोना महामहारी के बीच लगातार मौतों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन इस दौरन सरकारों पर आकड़े छुपाने के गंभीर आरोप लग रहे है। कई सरकारों पर यह आरोप है कि वो राज्य में कोरोना संक्रमण और उनसे होने वाली मौतों के सही आंकड़ों को पेश नहीं कर रही है। इसको लेकर अब राज्य के न्यायलय भी गंभीर सवाल उठा रहे हैं। ताज़ा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है। जहाँ सरकारी आंकड़े कुछ और है जबकि श्मशान और क़ब्रिस्तान में आने वाली कोरोना लाशों की संख्या में भारी अंतर है। भोपाल स्थित दो विश्रामघाटों एवं एक कब्रिस्तान में बृहस्पतिवार को 108 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार उस दिन भोपाल जिले में महामारी से सिर्फ आठ लोगों की मौत हुई है।

भोपाल स्थित इन दो विश्रामघाटों एवं एक कब्रिस्तान के रिकॉर्ड के अनुसार तीनों जगहों पर बृहस्पतिवार को कुल 156 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। इनमें से 108 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक हुआ।

हालांकि, बृहस्पतिवार की शाम जारी प्रदेश सरकार की कोविड-19 बुलेटिन के अनुसार 24 घंटों में भोपाल में सिर्फ आठ लोगों की मौत संक्रमण से हुई थी।

भदभदा विश्राम घाट प्रबंधन समिति के सचिव मम्तेश शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘भदभदा विश्राम घाट में बृहस्पतिवार को कुल 88 शवों का अंतिम संस्कार किया। इनमें से 72 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया।’’

उन्होंने कहा कि जिन 72 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया, उनमें से 45 भोपाल के निवासी थे, जबकि 27 अन्य जिलों के थे।

भदभदा विश्राम घाट प्रदेश की राजधानी भोपाल में हिन्दुओं के बड़े श्मशान घाटों में से एक है।

शर्मा ने बताया कि जो लोग अन्य जिलों से भोपाल में इलाज करवाने आते हैं और उपचार के दौरान उनकी मौत हो जाती है, उन सभी का अंतिम संस्कार भोपाल में ही किया जा रहा है। कोविड-19 दिशा-निर्देशों के अनुसार उनके शवों को दूसरे जिलों में नहीं ले जाया जा सकता।

उन्होंने बताया कि पहले भोपाल में भदभदा विश्राम घाट एवं झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद को ही कोविड-19 से मरने वालों का अंतिम संस्कार करने की अनुमति थी, लेकिन इस महामारी से होने वाली मौतों की संख्या में तेजी हो रही वृद्धि के बाद शहर के सुभाष नगर विश्राम घाट में भी संक्रमण से मरने वालों का अंतिम संस्कार किया जाने लगा है।

शर्मा ने बताया कि पहले संक्रमण से मरने वाले 10-12 शव रोजाना भदभदा विश्राम घाट में लाए जाते थे।

वहीं, शहर के सुभाष नगर विश्राम घाट के प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि उनके विश्राम घाट में बृहस्पतिवार को 51 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि इनमें से 26 शवों का अंतिम संस्कार कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया, जिनमें से 21 भोपाल के रहने वाले थे।

झदा कब्रिस्तान जहांगीराबाद के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रेहान गोल्डन ने बताया, ‘‘बृहस्पतिवार को हमारे (मुस्लिम) कब्रिस्तान में 17 शव दफनाये गये। इनमें से 10 को कोविड-19 प्रोटोकोल के मुताबिक दफनाया गया, जिनमें से आठ लोग भोपाल के निवासी थे, जबकि दो अन्य जिलों के रहने वाले थे।’’

भोपाल जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी से कोविड-19 के मौतों के कम आंकड़ों एवं भारी तादात में शवों के बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

सरकार कोविड-19 जांच और संक्रमित मरीजों के वास्तविक आंकड़े दे : गुजरात उच्च न्यायालय
 
 गुजरात में कोविड-19 के मामलों में अचानक हुई बढ़ोतरी की पृष्ठभूमि में ईमानदारी और पारदर्शिता पर जोर देते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार आरटी-पीसीआर जांच और संक्रमित लोगों के वास्तविक आंकड़ों को जारी करे।

शुक्रवार को उपलब्ध हुए फैसले की प्रति के मुताबिक गुजरात उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की है कि कोविड-19जांच और संक्रमितों की संख्या को लेकर सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले आंकड़े सही नहीं होने को लेकर आम लोगों की धारणा को दूर करने के लिए पारदर्शिता की जरूरत है।

यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति भार्गव करिया की युगलपीठ ने अपने आदेश में की है।

पीठ, राज्य में हाल के हफ्तों में संक्रमण के बढ़े मामलों पर स्वत: संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।

मामले की पिछली सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई थी लेकिन पीठ के आदेश की विस्तृत प्रति अगले दिन उपलब्ध हुई। अब इस मामले की सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।

युगलपीठ ने कहा, ‘‘ आरटी-पीसीआर जांच और उसमें संक्रमित मिले लोगों की सही जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। राज्य को आरटी-पीसीआर जांच के सही नतीजों को जारी करने से झिझकना नहीं चाहिए, अगर आंकड़े सही नहीं दिए जा रहे हैं।’’

न्यायालय ने कहा कि सरकार अचानक बढ़े मामलों के लिए जिम्मेदार नहीं है लेकिन राज्य को सही आंकड़े जारी करने चाहिए ताकि संक्रमितों की वास्तविक संख्या का पता चल सके और लोगों की इस धारणा को दूर किया जा सके कि सरकार द्वारा दिए गए आंकड़े सही नहीं हैं।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

COVID-19
Coronavirus
Covid-19 India
Gujrat High Court
BJP
Indian government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • yogi
    अजय कुमार
    उत्तर प्रदेश : बिल्कुल पूरी नहीं हुई हैं जनता की बुनियादी ज़रूरतें
    09 Feb 2022
    लोगों की बेहतरी से जुड़े सरकारी मानकों के निगाह से देखने पर उत्तर प्रदेश में घाव ही घाव नजर आते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग़रीबी बेरोज़गारी के के हालात इतने बुरे हैं कि लगता है जैसे योगी सरकार ने इन…
  • देबांगना चैटर्जी
    फ़्रांस में खेलों में हिजाब पर लगाए गए प्रतिबंध के ज़रिये हो रहा है विभाजनकारी, भेदभावपूर्ण और ख़तरनाक खेल
    09 Feb 2022
    फ़्रांस में धर्मनिरपेक्षता को बरक़रार रखने के लिए खेलों में हिजाब और दूसरे "सुस्पष्ट धार्मिक चिन्हों" पर प्रतिबंध लगाने की कवायद पूरी तरह से पाखंड, भेदभाव और राजनीतिक हितों से भरी नज़र आती है। आख़िरकार…
  • Modi
    अजय गुदावर्ती
    मोदी की लोकप्रियता अपने ही बुने हुए जाल में फंस गई है
    09 Feb 2022
    अलोकप्रिय नीतियों के बावजूद पीएम की चुनाव जीतने की अद्भुत कला ही उनकी अपार लोकप्रियता का उदाहरण है। जहाँ इस लोकप्रियता ने अभी तक विमुद्रीकरण, जीएसटी और महामारी में कुप्रबंधन के बावजूद अच्छी तरह से…
  • unemployment
    कौशल चौधरी, गोविंद शर्मा
    ​गत 5 वर्षों में पदों में कटौती से सरकारी नौकरियों पर छाए असुरक्षा के बादल
    09 Feb 2022
    संघ लोकसेवा आयोग द्वारा 2016-17 में भर्ती किए गए कुल उम्मीदवार 6,103 की तदाद 2019-20 में 30 फीसदी घट कर महज 4,399 रह गई।
  • SP MENIFESTO
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जनता की उम्मीदों पर कितना खरा होगा अखिलेश का ‘वचन’
    09 Feb 2022
    समाजवादी पार्टी ने अपने कहे मुताबिक भाजपा के बाद अपने वादों का पिटारा खोल दिया, इस बार अखिलेश ने अपने घोषणा पत्र को समाजवादी वचन पत्र का नाम दिया, इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं पर विशेष ध्यान दिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License