NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोविड-19 : कैसा रहा 21 दिनों का सफ़र? क्या कहते हैं मरीज़ों के आंकड़े 
किसी भी तरह के प्रतिबन्ध से पहले तक भारत में कोरोना के मामलों में दो गुना इज़ाफ़ा हर तीन दिनों में हो रहा था। प्रतिबन्ध लगा देने के बाद 14 अप्रैल तक की रिपोर्ट यह है कि कोरोना के मामले में दो गुना इजाफा हर 7 दिनों में होने लगा।
अजय कुमार
14 Apr 2020
कोविड-19
Image courtesy: RFI

कोरोना से लड़ने के लिए भारत को 21 दिनों के लिए बंद कर दिया गया। यह मियाद 14 अप्रैल को खत्म हो रही है। लॉकडाउन से जुड़े बहुत सारे पहलुओं को छोड़कर केवल इस बात पर फोकस करते हैं कि भारत में कोरोना के मामले की रफ़्तार इन 21 दिनों में कैसी रही?

प्रधानमंत्री के आर्थिक मामलों की सलाहकार परिषद में सदस्य रह चुकी और मौजूदा वक्त में रिसर्च एंड पॉलिसी से जुड़ी ब्रूकिंग संस्थान की प्रोफेसर शमिका रवि ने 21 दिनों के लॉकडाउन के आंकड़ों का विश्लेषण कर निष्कर्ष निकाला है। जिन्हें संक्षिप्त तरीके से हम प्रस्तुत कर रहे हैं।

मार्च 12 तक भारत में कोरोना के मामले हर तीन दिन में दो गुने रहे थे। मार्च 12 को सरकार ने विदेशों से आवाजाही को रोक दिया। स्कूलों, कॉलेजों और पब्लिक जगहों को बंद करने का आदेश दे दिया। इन प्रतिबंधों की वजह से 12 मार्च से लेकर 23 मार्च तक कोरोना के मामले में दो गुने का इजाफा हर 5 दिनों में होने लगा।  

इसके बाद कोरोना से बचने के लिए कयामत की रात आयी। पूरे भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया। मार्च 29 तक के आंकड़ों से यह निकलकर आया कि कोरोना के मामले हर पांच दिन में दो गुने होने की बजाए हर चार दिन में दो गुने की रफ़्तार से बढ़ते दिखने लगे। इसकी वजह 13 मार्च से 15 मार्च के बीच निजामुद्दीन में हुआ धार्मिक आयोजन था। जिसकी वजह से आंकड़ों के लिहाज से देखे तो अचानक बहुत बड़ी संख्या में मामले जुड़ गए।

अप्रैल 6 तक यानि लॉकडाउन के दो हफ्ते बाद लॉकडाउन का असर दिखने लगा। अप्रैल 6 तक के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद पता चला कि भारत में हर 6 दिनों के बाद मामलों में दो गुने की बढ़ोतरी हो रही थी। अप्रैल 13 तक के आंकड़ों से यह दिख रहा है कि हर 7 दिनों में भारत में कोरोना के मामलें में दो गुने की बढ़ोतरी हो रही है।

इस तरह से देखा जाए तो किसी भी तरह के प्रतिबन्ध से पहले तक भारत में कोरोना के मामलों में दो गुना इजाफा हर तीन दिनों में हो रहा था। प्रतिबन्ध लगा देने के बाद 14 अप्रैल तक की रिपोर्ट यह है कि कोरोना के मामले में दो गुना इजाफा हर 7 दिनों में होने लगा। वर्डलोमीटर के मुताबिक 14 अप्रैल के सुबह 8 बजे तक भारत में कोरोना के कुल मरीज की संख्या 10541 हैं।

कहने का मतलब है कि कोरोना को केवल आंकड़ों के लिहाज से देखें तो लॉकडाउन की वजह से फायदा हुआ है। शमिका रवि का विशेलषण कहता है कि अगर किसी भी तरह का प्रतिबन्ध नहीं होता तो मामले दो गुने रफ़्तार से बढ़ते और इनकी संख्या 67052 होती। यह संख्या भी ज्यादा है लेकिन भाजपा के अमित मालवीय की झूठी खबर से बहुत कम है कि प्रतिबन्ध नहीं लगाया जाता तो यह संक्रमित मरीजों की संख्या 8 लाख 20 हजार होती।  

अप्रैल 14 तक भारत में प्रतिदिन 13.32 फीसदी के हिसाब से मामलों में इजाफा हो रहा है। अमेरिका में प्रतिदिन मामलों में होने वाला इजाफा 17 फीसदी के आसपास है। अगर दस लाख की आबादी पर मौतों की संख्या देखी जाए तो भारत में यह 0. 27 होता है।  भारत के बराबर बड़े देश चीन और अमेरिका है। चीन में दस लाख की आबादी पर 2.41 लोग मरे हैं और अमेरिका में 71.95 लोग मरे हैं। स्पेन, इटली और इस समय बेल्जियम जैसे देश कोरोना से सबसे संवेदशील जगहों में शामिल हैं। स्पेन, बेल्जियम और इटली जैसे देशों में दस लाख की आबादी पर मरने वालों की संख्या क्रमशः 380, 338 और 341 है।

इस दौरान भारत में कोरोना के सबसे अधिक मामले दिल्ली और मुंबई में मिले। राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु अभी भी कोरोना से जूझ रहे हैं। यहां मामले दूसरे राज्यों से अधिक है। केरल, आंध्र प्रदेश की स्थिति पहले से अच्छी हो रही है। उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, झरखंड, जम्मू- कश्मीर, पंजाब, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के बारें में अभी बहुत अधिक अनिश्चितिता की स्थिति है।

इन सभी बातों को पढ़ने के साथ एक बात ध्यान में रखनी जरूरी है कि भारत में कोरोना के आँकड़ें जिस तरह से संग्रहित किये जा रहे हैं, उस पर भी विवाद चल रहा है।   

CORONA_INDIA 14 April 5 PM.png

Coronavirus
COVID-19
novel coronavirus
Coronavirus Epidemic
Corona cases

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • sedition
    भाषा
    सुप्रीम कोर्ट ने राजद्रोह मामलों की कार्यवाही पर लगाई रोक, नई FIR दर्ज नहीं करने का आदेश
    11 May 2022
    पीठ ने कहा कि राजद्रोह के आरोप से संबंधित सभी लंबित मामले, अपील और कार्यवाही को स्थगित रखा जाना चाहिए। अदालतों द्वारा आरोपियों को दी गई राहत जारी रहेगी। उसने आगे कहा कि प्रावधान की वैधता को चुनौती…
  • बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    एम.ओबैद
    बिहार मिड-डे-मीलः सरकार का सुधार केवल काग़ज़ों पर, हक़ से महरूम ग़रीब बच्चे
    11 May 2022
    "ख़ासकर बिहार में बड़ी संख्या में वैसे बच्चे जाते हैं जिनके घरों में खाना उपलब्ध नहीं होता है। उनके लिए कम से कम एक वक्त के खाने का स्कूल ही आसरा है। लेकिन उन्हें ये भी न मिलना बिहार सरकार की विफलता…
  • मार्को फ़र्नांडीज़
    लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?
    11 May 2022
    दुनिया यूक्रेन में युद्ध का अंत देखना चाहती है। हालाँकि, नाटो देश यूक्रेन को हथियारों की खेप बढ़ाकर युद्ध को लम्बा खींचना चाहते हैं और इस घोषणा के साथ कि वे "रूस को कमजोर" बनाना चाहते हैं। यूक्रेन
  • assad
    एम. के. भद्रकुमार
    असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की
    11 May 2022
    राष्ट्रपति बशर अल-असद का यह तेहरान दौरा इस बात का संकेत है कि ईरान, सीरिया की भविष्य की रणनीति का मुख्य आधार बना हुआ है।
  • रवि शंकर दुबे
    इप्टा की सांस्कृतिक यात्रा यूपी में: कबीर और भारतेंदु से लेकर बिस्मिल्लाह तक के आंगन से इकट्ठा की मिट्टी
    11 May 2022
    इप्टा की ढाई आखर प्रेम की सांस्कृतिक यात्रा उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में गीतों, नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन किया जा रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License