NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
ख़बर भी, नज़र भी: साहेब, व्यवस्था सुधारिए, छवि ख़ुद सुधर जाएगी
कोविड को लेकर अभी तक हाहाकार है, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने से ज़्यादा अपनी छवि की चिंता सता रही है, क्योंकि अगले बरस देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में चुनाव होने हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 May 2021
cartoon

भारतीय जनता पार्टी को इस संकट के समय में भी कोरोना से निपटने से ज़्यादा शायद अपनी छवि बचाने और आगे होने जा रहे चुनावों की ज़्यादा की चिंता सता रही है। यही वजह है कि इस समय भी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपने पितृसंगठन आरएसएस के साथ यूपी चुनावों को लेकर मंथन कर रहा है, न कि अस्पतालों की स्थिति सुधारने, दवा और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के बारे में सोचने के।

ख़बर है कि कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात को लेकर बीजेपी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व के बीच शीर्ष स्तर पर मंथन हुआ है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल रहे। बैठक में कोरोना महामारी के हालात के बीच सरकार और पार्टी की छवि को लेकर चर्चा हुई है। कोरोना की दूसरी लहर के बीच लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी को देखते हुए इस बैठक को अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में बीजेपी और संघ ने अपने संगठन को मजबूत करने के साथ ही सरकार के स्तर पर भी छवि सुधारने के प्रयास शुरू करने पर चर्चा की है।

यूपी में भाजपा के भीतर ख़ासा असंतोष

पीटीआई-भाषा की ख़बर है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमितों को उपचार मिलने में पेश आने वाली समस्याओं से आम जनता के साथ साथ खुद भाजपा नेताओं में भी खासा रोष है और उन्होंने इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में लोगों की नाराजगी सत्तारूढ़ दल के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं।

प्रदेश के हरदोई जिले से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने में प्रशासन की कोशिशों से संतुष्ट नहीं हैं और कहते हैं "आम लोगों की बात तो दूर, अति महत्वपूर्ण (वीआईपी) समझे जाने वाले लोगों के लिए भी व्यवस्था नहीं हो पाई।'

हरदोई जिले की अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित गोपामऊ विधानसभा सीट से श्याम प्रकाश 2017 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर 87,693 मतों से निर्वाचित हुए। 'पीटीआई-भाषा' से बातचीत में प्रकाश ने कहा ' कोरोना वायरस से निपटने की व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। आम लोगों की छोडि़ए वीआईपी की भी व्यवस्था नहीं हो पाई।'

श्याम प्रकाश अकेले जनप्रतिनिधि नहीं हैं जिन्होंने संक्रमण प्रबंधन को लेकर सरकार के प्रयासों पर इस तरह की टिप्पणी की है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्‍य सचिव (चिकित्सा व स्वास्थ्य) तथा प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की थी। पाठक ने अपने पत्र में लिखा था, 'अत्यंत कष्ट के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि वर्तमान समय में लखनऊ जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं का अत्यंत चिंताजनक हाल है। विगत एक सप्ताह से हमारे पास पूरे लखनऊ जनपद से सैकड़ों फोन आ रहे हैं, जिनको हम समुचित इलाज नहीं दे पा रहे हैं।'

केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी मुख्यमंत्री और सरकार के प्रमुख लोगों को पत्र लिखकर अव्‍यवस्‍था की ओर इशारा किया था। बलिया के विधायक सुरेंद्र सिंह भी कोरोना प्रबंधन को लेकर सरकार के खिलाफ असंतोष जता चुके हैं।

फिरोजाबाद जिले के जसराना से भाजपा विधायक राम गोपाल लोधी की पत्नी को उपचार के लिए आठ घंटे इंतजार करना पड़ा। वह आगरा में बेड के लिए भटकीं तो विधायक ने सरकारी तंत्र के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

प्रदेश भाजपा में शीर्ष स्तर पर ऐसा मानने वालों की कमी नहीं है कि कोरोना की दूसरी लहर ने राजनीतिक तौर पर पार्टी का काफी नुकसान किया है।

एक प्रदेश पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता ने पीटीआई-भाषा से कहा, "कुछ विधायकों व कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक तौर पर असंतोष व्यक्त किया है। कार्यकर्ताओं के बीच व्यापक स्तर पर नाराजगी है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाला है और वह राज्य के जिलों का दौरा करके गांवों तक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं।"

कोरोना संक्रमण से 30 अप्रैल को उबरने के बाद योगी ने जिलों का दौरा शुरू कर जमीनी सच्चाई परखी। अब तक वह करीब 50 जिलों में कोविड प्रबंधन की समीक्षा कर चुके हैं और आगे भी उनके कार्यक्रम विभिन्न जिलों में हैं।

राज्‍य में आधिकारिक रूप से अब तक सरकार के तीन मंत्री और पांच विधायकों समेत 18,978 संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं और अब तक साढ़े 16 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

राज्य में अगले वर्ष की शुरुआत (फरवरी-मार्च) में विधानसभा चुनाव होंगे। इसे देखते हुए विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने संक्रमण के प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि 'देश और प्रदेश के प्रधान (मोदी और योगी) के बीच परस्पर प्रशंसा का जो आदान-प्रदान हो रहा है उसमें जनता पिस रही है। अगर कोरोना के टीके, बेड, ऑक्सीजन की व्यवस्था में ध्यान दिया जाए तो शायद और लोगों की जान बच जाए।'

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा 'भाजपा सरकार सच्चाई स्वीकार करने के बजाय गलत आंकड़े प्रस्तुत कर रही है। नदियों में तैरते शवों के दृश्‍य हर हाल में खुद को सही मानने वाले हुक्मरान के घमंड का नतीजा हैं।'

विपक्ष के हमलों के बीच सबसे ज्यादा परेशानी में भाजपा के कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि हैं जिन्हें इस दौरान अपने अपने इलाकों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पतालों में बेड, रेमडेसिविर आदि के अभाव से दो चार होना पड़ा है।

आजमगढ़ ज़िले के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने कहा 'जल्द ही विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज होगी और हम लोग उन मतदाताओं का सामना कैसे करेंगे जिनके परिजनों को बेड, ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सा सुविधा हम नहीं दिला पाये।'

गौरतलब है कि 2017 के चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने 403 सदस्यों वाली विधानसभा में 325 सीटें जीती थीं। मुख्य विपक्षी दल सपा 50 का आंकड़ा नहीं पार कर सकी और कांग्रेस दहाई से भी नीचे सिमट गई। बहुजन समाज पार्टी को भी 19 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।

कोरोना के कहर में अपने परिवार के सदस्य गंवा चुके लखनऊ के मोहनलालगंज के भाजपा सांसद कौशल किशोर ने अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा था 'संबंधित संस्‍थानों के जिम्मेदार अधिकारी मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं जिससे सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है।'

राजधानी लखनऊ के एक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं 'अब 2017 के परिणाम को दोहराना सपना है और इसे कोई चमत्कार ही वापस ला सकता है।'

उन्होंने राज्य में पंचायत चुनाव का उदाहरण दिया जहां भाजपा को दावों के विपरीत मुंह की खानी पड़ी। कार्यकर्ता ने कहा ' पंचायत चुनाव में 70 फीसद से ज्यादा मतदान प्रतिशत रहने के बावजूद भाजपा को इतना बड़ा झटका लगा तो विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत कम होने पर स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं।'

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के लिए पिछले महीने चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए थे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने दावा किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बेहतर परिणामों के बाद अब पार्टी अधिकतर जिलों में जिला व क्षेत्र पंचायतों में बोर्ड के गठन में जुटेगी और उसे सफलता मिलेगी।

अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों पर कोरोना के प्रभाव के बारे में पूछने पर विधायक श्याम प्रकाश ने कहा ' 2022 के लिए स्थिति बहुत खराब रहेगी क्योंकि जनता में आक्रोश है।'

हालांकि भाजपा के बांदा जिले के विधायक प्रकाश द्विवेदी कोरोना के कहर और पंचायत चुनाव में मिले परिणामों से 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को अलग बताते हैं। प्रकाश द्विवेदी ने कहा ' पंचायत चुनाव में प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य उम्मीदवार होते हैं और सर्वाधिक प्राथमिकता ग्राम प्रधान के लिए होती है। जब गांव की राजनीति होती है तो पार्टी किनारे हो जाती है। लोग-बाग निजी संबंधों को ज्यादा तरजीह देते हैं।'

सत्तारूढ़ दल के विधायक द्विवेदी ने पत्र लिखकर पंचायत चुनाव टालने की भी मांग की थी। वह यह भी कहते हैं ' कोरोना को लेकर तात्कालिक नाराजगी जरूर रही लेकिन अब पूरी व्यवस्था नियंत्रण में है।'

कोरोना के चलते भाजपा के प्रति लोगों में अगर नाराजगी है तो 2022 के चुनाव में इसका लाभ किसे मिलेगा, इस सवाल पर शाहजहांपुर के भाजपा विधायक रोशन लाल वर्मा ने बचते हुए कहा, 'विपक्ष को जो भूमिका निभानी चाहिए वह निभा नहीं पाया। संकट की इस घड़ी में विपक्ष लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।'

उधर, भाजपा के गोरखपुर क्षेत्र से पूर्व मंत्री अजय तिवारी ने कहा 'यह सही है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ जब तक जिलों में नहीं जा रहे थे तब तक स्थिति खराब थी लेकिन अब सब कुछ नियंत्रण में है और लोगों की नाराजगी दूर हो रही है। योगी ने सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा है।'

लखनऊ स्थित राजनीतिक विश्लेषक बंशीधर मिश्र ने कहा 'कोविड-19 की दूसरी लहर में जिन घरों से लोगों की जान गई हैं उनको और उनके आसपास के लोगों के मन से यह बात कौन दूर सकता है कि उनके घर-परिवार का 'भविष्य' सरकार की अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। 2022 के चुनाव में भाजपा को इसका 'भुगतान' करना पड़ेगा।'

COVID-19
Coronavirus
Health sector collapse
Modi Govt
Narendra modi
Narendra Modi Image
BJP
RSS

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • hisab kitab
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तर प्रदेश में क्यों पनपती है सांप्रदायिक राजनीति
    24 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले वहां सांप्रदायिक राजनीति की शुरुआत फिर से हो गयी है। सवाल यह है कि उप्र में नफ़रत फैलाना इतना आसान क्यों है? इसके पीछे छिपी है देश में पिछले दस सालों से बढ़ती बेरोज़गारी
  • night curfew
    रवि शंकर दुबे
    योगी जी ने नाइट कर्फ़्यू तो लगा दिया, लेकिन रैलियों में इकट्ठा हो रही भीड़ का क्या?
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना महामारी फिर से पैर पसार रही है, ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने राज्यों को नाइट कर्फ़्यू लगाने पर मजबूर कर दिया है, जिसके मद्देनज़र तमाम पाबंदिया भी लगा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि रैलियों…
  • kafeel khan
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोरखपुर ऑक्सिजन कांड का खुलासा करती डॉ. कफ़ील ख़ान की किताब
    24 Dec 2021
    न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में वरिष्ठ पत्रकार परंजोय गुहा ठाकुरता डॉ कफ़ील ख़ान की नई किताब ‘The Gorakhpur Hospital Tragedy, A Doctor's Memoir of a Deadly Medical Crisis’ पर उनसे बात कर रहे हैं। कफ़ील…
  • KHURRAM
    अनीस ज़रगर
    मानवाधिकार संगठनों ने कश्मीरी एक्टिविस्ट ख़ुर्रम परवेज़ की तत्काल रिहाई की मांग की
    24 Dec 2021
    कई अधिकार संगठनों और उनके सहयोगियों ने परवेज़ की गिरफ़्तारी और उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों को कश्मीर में आलोचकों को चुप कराने का ज़रिया क़रार दिया है।
  •  boiler explosion
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    गुजरात : दवाई बनाने वाली कंपनी में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा, चपेट में आए आसपास घर बनाकर रह रहे श्रमिक
    24 Dec 2021
    गुजरात के वडोदरा में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License