NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19 : रूस में रविवार को दर्ज हुए सबसे ज़्यादा मामले
रूस ने हर साल होने वाली विक्ट्री परेड की तारीख़ आगे बढ़ा दी है। यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत यूनियन की विजय का जश्न मनाने के लिए आयोजित की जाती है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Apr 2020
कोरोना वायरस

19 अप्रैल को रूस में कोरोना वायरस के 6000 नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में आए सबसे ज़्यादा मामले हैं। इसके साथ रूस में पिछले हफ़्ते 27000 नए मामले सामने आए और अब वहाँ 42000 से ज़्यादा मामले हो गए हैं और 361 लोगों की मौत हो गई है।

रविवार, जो कि रूढ़िवादी ईसाइयों के लिए ईस्टर डे भी था, को आए इन मामलों की वजह से रूस अब कोरोना से प्रभावित दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल हो गया है। हालांकि, इतने ज़्यादा मामले सामने आने के बावजूद दूसरे देशों के मुक़ाबले रूस में मरने वालों की संख्या काफ़ी कम है।

मॉस्को और आसपास के इलाक़ों में देश भर के 60% से ज़्यादा मामले हैं। यह इलाक़े सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हुए हैं।

सरकार का दावा है कि टेस्ट की संख्या बढ़ी है इसलिए ज़्यादा मामले सामने आए हैं। एक Tass रिपोर्ट के अनुसार, रूस में अब 2 मिलियन से ज़्यादा लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है और 135000 लोगों की क्वारन्टीन में रखा गया है।

रूस में बॉर्डर सील हो गये हैं, और ग़ैर ज़रूरी सेवाओं और उद्योगों पर लॉकडाउन लगा हुआ है।

17 अप्रैल को पुतिन ने 9 मई को होने वाली विस्ट्री परेड की भी तारीख़ आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत यूनियन की विजय का जश्न मनाने के लिए आयोजित की जाती है।

लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था और कामगार लोगों पर पड़ने से रोकने के लिए राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले हफ़्ते देश की जीडीपी का 2% के राहत पैकेज की घोषणा की। इसके तहत छोटे और मध्य वर्ग के उद्योगों के मज़दूरों को अप्रैल और मई में लिए 160 डॉलर प्रति महीना देने की योजना है।

देश के विपक्षी दलों के अनुसार यह राहत पैकेज अपर्याप्त है और रूस को कामकाजी वर्ग के लिए बजट बढ़ाना होगा। पिछले हफ़्ते रूस की संसदीय फाइनेंस ओवरसाइट बॉडी ने चेतावनी दी थी कि माहमारी की वजह से देश में बेरोज़गारी 8 मिलियन तक पहुंच सकती है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

COVID-19
Coronavirus
Corona Crisis
Russia
economic crises

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • Sudan
    पवन कुलकर्णी
    कड़ी कार्रवाई के बावजूद सूडान में सैन्य तख़्तापलट का विरोध जारी
    18 Jan 2022
    सुरक्षा बलों की ओर से बढ़ती हिंसा के बावजूद अमेरिका और उसके क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र भी बातचीत का आह्वान करते रहे हैं। हालांकि, सड़कों पर "कोई बातचीत नहीं, कोई समझौता…
  • CSTO
    एम. के. भद्रकुमार
    कज़ाख़िस्तान में पूरा हुआ CSTO का मिशन 
    18 Jan 2022
    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बुधवार को क्रेमलिन में रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के साथ कज़ाख़िस्तान मिशन के बारे में कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीट ऑर्गनाइजेशन की “वर्किंग मीटिंग” के बाद दी गई चेतावनी…
  • election rally
    रवि शंकर दुबे
    क्या सिर्फ़ विपक्षियों के लिए हैं कोरोना गाइडलाइन? बीजेपी के जुलूस चुनाव आयोग की नज़रो से दूर क्यों?
    18 Jan 2022
    कोरोना गाइडलाइंस के परवाह न करते हुए हर राजनीतिक दल अपनी-अपनी तरह से प्रचार में जुटे हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों पर कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन बीजेपी के चुनावी जुलूसों पर अब भी कोई बड़ी…
  • Rohit vemula
    फ़र्रह शकेब
    स्मृति शेष: रोहित वेमूला की “संस्थागत हत्या” के 6 वर्ष बाद क्या कुछ बदला है
    18 Jan 2022
    दलित उत्पीड़न की घटनायें हमारे सामान्य जीवन में इतनी सामान्य हो गयी हैं कि हम और हमारी सामूहिक चेतना इसकी आदी हो चुकी है। लेकिन इन्हीं के दरमियान बीच-बीच में बज़ाहिर कुछ सामान्य सी घटनाओं के प्रतिरोध…
  • bank
    प्रभात पटनायक
    पूंजीवाद के अंतर्गत वित्तीय बाज़ारों के लिए बैंक का निजीकरण हितकर नहीं
    18 Jan 2022
    बैंकों का सरकारी स्वामित्व न केवल संस्थागत ऋण की व्यापक पहुंच प्रदान करता है बल्कि पूंजीवाद की वित्तीय प्रणाली की स्थिरता के लिए भी आवश्यक है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License