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कोविड-19 : रूस में रविवार को दर्ज हुए सबसे ज़्यादा मामले
रूस ने हर साल होने वाली विक्ट्री परेड की तारीख़ आगे बढ़ा दी है। यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत यूनियन की विजय का जश्न मनाने के लिए आयोजित की जाती है।
पीपल्स डिस्पैच
20 Apr 2020
कोरोना वायरस

19 अप्रैल को रूस में कोरोना वायरस के 6000 नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में आए सबसे ज़्यादा मामले हैं। इसके साथ रूस में पिछले हफ़्ते 27000 नए मामले सामने आए और अब वहाँ 42000 से ज़्यादा मामले हो गए हैं और 361 लोगों की मौत हो गई है।

रविवार, जो कि रूढ़िवादी ईसाइयों के लिए ईस्टर डे भी था, को आए इन मामलों की वजह से रूस अब कोरोना से प्रभावित दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल हो गया है। हालांकि, इतने ज़्यादा मामले सामने आने के बावजूद दूसरे देशों के मुक़ाबले रूस में मरने वालों की संख्या काफ़ी कम है।

मॉस्को और आसपास के इलाक़ों में देश भर के 60% से ज़्यादा मामले हैं। यह इलाक़े सबसे बड़े हॉटस्पॉट बने हुए हैं।

सरकार का दावा है कि टेस्ट की संख्या बढ़ी है इसलिए ज़्यादा मामले सामने आए हैं। एक Tass रिपोर्ट के अनुसार, रूस में अब 2 मिलियन से ज़्यादा लोगों की टेस्टिंग हो चुकी है और 135000 लोगों की क्वारन्टीन में रखा गया है।

रूस में बॉर्डर सील हो गये हैं, और ग़ैर ज़रूरी सेवाओं और उद्योगों पर लॉकडाउन लगा हुआ है।

17 अप्रैल को पुतिन ने 9 मई को होने वाली विस्ट्री परेड की भी तारीख़ आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी। यह परेड दूसरे विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर सोवियत यूनियन की विजय का जश्न मनाने के लिए आयोजित की जाती है।

लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था और कामगार लोगों पर पड़ने से रोकने के लिए राष्ट्रपति पुतिन ने पिछले हफ़्ते देश की जीडीपी का 2% के राहत पैकेज की घोषणा की। इसके तहत छोटे और मध्य वर्ग के उद्योगों के मज़दूरों को अप्रैल और मई में लिए 160 डॉलर प्रति महीना देने की योजना है।

देश के विपक्षी दलों के अनुसार यह राहत पैकेज अपर्याप्त है और रूस को कामकाजी वर्ग के लिए बजट बढ़ाना होगा। पिछले हफ़्ते रूस की संसदीय फाइनेंस ओवरसाइट बॉडी ने चेतावनी दी थी कि माहमारी की वजह से देश में बेरोज़गारी 8 मिलियन तक पहुंच सकती है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

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