NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कोविड-19: प्रवासी कामगारों के लिये खाद्य सुरक्षा, नकद आहरण,परिवहन को लेकर याचिका
कोविड-19 संक्रमण के फिर से उभरने और उसकी वजह से लागू पाबंदियों का संदर्भ देते हुए कार्यकर्ताओं – अंजलि भारद्वाज, हर्ष मंदर और जगदीप चोकर - ने 2020 में वकील प्रशांत भूषण के जरिये स्वत: संज्ञान के मामले में अंतरिम याचिका दायर कर कल्याणकारी उपायों को फिर शुरू किये जाने की मांग की।
भाषा
30 Apr 2021
कोविड-19: प्रवासी कामगारों के लिये खाद्य सुरक्षा, नकद आहरण,परिवहन को लेकर याचिका
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

नयी दिल्ली: तीन कार्यकर्ताओं ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर केंद्र और राज्यों को यह निर्देश देने की मांग की है कि वो देश के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लगाई गई पाबंदियों के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे प्रवासी कामगारों की खाद्य सुरक्षा, नकद आहरण, परिवहन सुविधाएं और अन्य कल्याणकारी उपाय सुनिश्चित करें।

पिछले साल मई में शीर्ष अदालत ने प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों पर स्वत: संज्ञान लिया था और कई दिशानिर्देश दिये थे जिनमें प्रवासी कामगारों से किराया न लेने और उनके ट्रेनों या बसों में बैठने तक उन्हें मुफ्त भोजन उपलब्ध कराना शामिल था।

कोविड-19 संक्रमण के फिर से उभरने और उसकी वजह से लागू पाबंदियों का संदर्भ देते हुए कार्यकर्ताओं – अंजलि भारद्वाज, हर्ष मंदर और जगदीप चोकर - ने 2020 में वकील प्रशांत भूषण के जरिये स्वत: संज्ञान के मामले में अंतरिम याचिका दायर कर कल्याणकारी उपायों को फिर शुरू किये जाने की मांग की।

बुधवार को दायर की गई ताजा याचिका में कहा गया, “प्रवासी मजदूरों द्वारा 2020 के लॉकडाउन के दौरान जिन मुसीबतों का सामना किया गया वह लगातार कायम खराब आर्थिक स्थिति की वजह से बरकरार हैं और अब कई राज्यों में कोविड का प्रसार रोकने के लिये लगाई जा रही नई पाबंदियों, कर्फ्यू तथा लॉकडाउन की वजह से और बढ़ गई हैं।”

प्रवासी मजदूर फिर “इन नीतियों” का दंश झेल रहे हैं और तत्काल दखल की आवश्यकता है।

COVID-19
Migrant workers
Supreme Court
State Government
Central Government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    किसानों, स्थानीय लोगों ने डीएमके पर कावेरी डेल्टा में अवैध रेत खनन की अनदेखी करने का लगाया आरोप
    18 May 2022
    खनन की अनुमति 3 फ़ीट तक कि थी मगर 20-30 फ़ीट तक खनन किया जा रहा है।
  • मुबाशिर नाइक, इरशाद हुसैन
    कश्मीर: कम मांग और युवा पीढ़ी में कम रूचि के चलते लकड़ी पर नक्काशी के काम में गिरावट
    18 May 2022
    स्थानीय कारीगरों को उम्मीद है कि यूनेस्को की 2021 की शिल्प एवं लोककला की सूची में श्रीनगर के जुड़ने से पुरानी कला को पुनर्जीवित होने में मदद मिलेगी। 
  • nato
    न्यूज़क्लिक टीम
    फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने
    17 May 2022
    पड़ताल दुनिया भर की में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के विस्तार के रूप में फिनलैंड-स्वीडन के नेटो को शामिल होने और तुर्की के इसका विरोध करने के पीछे के दांव पर न्यूज़क्लिक के प्रधान…
  • सोनिया यादव
    मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!
    17 May 2022
    देश में मैरिटल रेप को अपराध मानने की मांग लंबे समय से है। ऐसे में अब समाज से वैवाहिक बलात्कार जैसी कुरीति को हटाने के लिए सर्वोच्च अदालत ही अब एकमात्र उम्मीद नज़र आती है।
  • ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    विजय विनीत
    ज्ञानवापी मस्जिद विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग के क्षेत्र को सुरक्षित रखने को कहा, नई याचिकाओं से गहराया विवाद
    17 May 2022
    सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने की। कोर्ट ने कथित शिवलिंग क्षेत्र को सुरक्षित रखने और नमाज़ जारी रखने के आदेश दिये हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License