NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
कोविड-19 संकट के चलते दुनिया में एक अरब से अधिक लोग हो सकते हैं अत्यंत गरीब : रपट
एक ताजा रपट के अनुसार दक्षिण एशिया का इलाका गरीबी की मार झेलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा।
भाषा
12 Jun 2020
कोविड-19 संकट

न्यूयॉर्क : कोविड-19 संकट के चलते दुनिया में गरीबों की संख्या बढ़कर एक अरब से अधिक हो सकती है और अत्यंत गरीब लोगों की संख्या में जुड़े 39.5 करोड़ लोगों में से आधे से अधिक लोग दक्षिण एशिया के होंगे। एक ताजा रपट के अनुसार दक्षिण एशिया का इलाका गरीबी की मार झेलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्र होगा।

यह सब बातें किंग्स कॉलेज लंदन और ऑस्ट्रेलियन नेशनल युनिवर्सिटी के शोधार्थियों के एक अध्ययन में सामने आयी हैं। यह अध्ययन संयुक्तराष्ट्र विश्वविद्यालय के वैश्विक विकासात्मक अर्थशास्त्र शोध संस्थान के एक नए जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में कहा गया है कि मध्यम आय वर्ग वाले विकासशील देशों में गरीबी नाटकीय रूप से बढ़ेगी जो वैश्विक स्तर पर गरीबी को बढ़ाएगा।

अध्ययन के अनुसार यदि 1.90 डॉलर प्रति दिन की आय को गरीबी का पैमाना माना जाए और महामारी से इसमें 20 प्रतिशत का संकुचन हो तो अतिरिक्त 39.5 करोड़ अत्यंत गरीबों की श्रेणी में आ जाएंगे। इनमें करीब आधे से अधिक लोग दक्षिण एशियाई देशों के होंगे। इसका प्रमुख कारण भारत की बड़ी आबादी का गरीब होना है।गरीबी के दलदल में फंसने वाले नए लोगों में 30 प्रतिशत यानी 11.9 करोड़ अफ्रीका के सहारा मरुस्थलीय देशों में होंगे।

ऐसे में दक्षिण एशिया और पूर्वी एशिया के विकासशील देशों में फिर से गरीबों की संख्या बढ़ सकती है।

इस अध्ययन के मुताबिक महामारी से उपजे संकट के चलते दुनियाभर में गरीबों की संख्या एक अरब से ऊपर पहुंच सकती है।

कोरोना वायरस के मरीज़ों की बढ़ती संख्या से अर्थव्यवस्था के और नीचे जाने का जोखिम : आईएचएस

नयी दिल्ली : देश में लंबे समय से जारी लॉकडाउन के चलते चालू वित्त वर्ष में जहां भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी आने की आशंका है वहीं लॉकडाउन में ढील के बाद कोविड-19 के मरीजों की बढ़ती संख्या से देश का आर्थिक परिदृश्य और गिरावट के जोखिम को दिखा रहा है।

आईएचएस मार्किट ने शुक्रवार को कहा, ‘‘ इस लंबे लॉकडाउन का असर देश के औद्योगिक उत्पादन और उपभोक्ता व्यय दोनों पर गहरा है। वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही अप्रैल-जून में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर में तीव्र गिरावट का अनुमान है जिससे वित्त वर्ष 2020-21 में देश की आर्थिक वृद्धि दर भारी मंदी का शिकार हो सकती है।’’

कंपनी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर कोविड-19 के प्रभाव को लेकर अपने आकलन में यह बात कही।

भारत में 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है जो 30 जून तक रहेगा। हालांकि चार मई के बाद से लॉकडाउन के नियमों में सर्शत ढील दी गयी है।

आईएचएच मार्किट ने कहा कि अन्य देशों की तुलना में लॉकडाउन नियमों में राहत देने के बाद कोविड-19 के मामलों में कमी देखी गयी। लेकिन भारत में स्थिति इसके उलट है। ऐसे में लॉकडाउन नियमों का भविष्य बहुत ज्यादा अनिश्चित है और अर्थव्यवस्था के और नीचे जाने का जोखिम बढ़ा है।

सर्वेक्षण कंपनी ने कहा कि भारत में कोरोना मामले बढ़ने की वजह शहरों में जनसंख्या घनत्व अधिक होना, देश की ज्यादा आबादी और कमजोर स्वास्थ्य प्रणाली होना है।

आईएचएस मार्किट का कंपनियों के खरीद प्रबंधकों के बीच किया जाने वाला अप्रैल का सर्वेक्षण ‘पीएमआई’ लॉकडाउन के पूरे असर को दर्शाता है जिसमें कारोबारी गतिविधियां लगभग ढह जाने के संकेत मिलते हैं।

कंपनी का एकीकृत उत्पादन सूचकांक अप्रैल में 7.2 अंक रहा जो सर्वेक्षण शुरू होने के साढ़े चौदह साल के इतिहास में सबसे निचला स्तर है।

सर्वेक्षण दिखाता है कि कोविड-19 ने देश के विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे कुल कारोबारी गतिविधियों में तीव्र गिरावट रही है।

COVID-19
Coronavirus
poverty
Global Epidemic
Global crisis

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • khoj khabar
    न्यूज़क्लिक टीम
    खोज ख़बर : कश्मीर हिंसा या सिंघु लिंचिंगः साज़िश ही साज़िश
    19 Oct 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने कश्मीर में बढ़ती हिंसा और सिंघु बॉडर में हुई लिंचिग के पीछे की साज़िश पर कश्मीर के नेता यूसुफ़ तारागामी और अर्थशास्त्री नवशरण कौर से बातचीत की। एक तरफ़ किसान…
  • priyanka
    असद रिज़वी
    यूपी चुनावों में 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देने का कांग्रेस का ऐलान
    19 Oct 2021
    महिला संगठनों और समाजसेवियों ने इस फ़ैसले की प्रशंसा तो की है लेकिन कांग्रेस पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर गंभीर न होने का आरोप भी लगाया है।
  • Prashant
    विजय विनीत
    चंपारण से बनारस पहुंची सत्याग्रह यात्रा, पंचायत में बोले प्रशांत भूषण- किसानों की सुनामी में बह जाएगी भाजपा 
    19 Oct 2021
    "किसानों की हुंकार बता रही है कि मोदी-योगी सरकार को अपना अहंकार तोड़ना होगा। अगर तीनों कृषि कानून लागू हो गए तो देश की मंडियां अंबानी और अडानी के हाथ में चली जाएंगी। तब किसानों को अपनी जमीन पर…
  • prisons
    भरत डोगरा
    भारतीय जेलों के लिए  बजट में क्या गड़बड़ी है?
    19 Oct 2021
    जेलों में स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, सुधार सेवाओं और कल्याण को बहुत कम प्राथमिकता दी जाती है।
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    कश्मीर में दहशत का माहौल, किसानों का रेल रोको आंदोलन और अन्य ख़बरें
    19 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी कश्मीर में दहशत का माहौल, किसानों ने किया रेल रोको आंदोलन और अन्य पर
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License