NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
दिल्ली में शमशान घाट, कब्रिस्तानों की संख्या बढ़ाने को लेकर याचिका दायर
कोविड-19 के कारण रोज ‘‘बड़ी संख्या’’ में लोगों की मौत के कारण शहर में शमशान घाट और कब्रिस्तानों की संख्या अस्थायी तौर पर बढ़ाने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से मंगलवार को जवाब मांगा।
भाषा
04 May 2021
दिल्ली में शमशान घाट, कब्रिस्तानों की संख्या बढ़ाने को लेकर याचिका दायर
Image courtesy : Deccan Herald

नयी दिल्ली : चार मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 के कारण रोज ‘‘बड़ी संख्या’’ में लोगों की मौत के कारण शहर में शमशान घाट और कब्रिस्तानों की संख्या अस्थायी तौर पर बढ़ाने का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से मंगलवार को जवाब मांगा। जबकि इससे पहले नगर निगमों ने श्मशानों में लकड़ियों की कमी का मुद्दा भी उठाया था। अब नगर निगमों ने लकड़ी के वैकल्पिक व्यवस्था पर जोड़ देना शुरू कर दिया है।    

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने केंद्र, दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और नगर निकायों को नोटिस जारी कर उनसे याचिका पर जवाब मांगा।

अदालत ने प्राधिकारियों को याचिकाकर्ता प्रत्यूष प्रसन्न द्वारा उपलब्ध आंकड़ों पर विचार करते हुए अपने जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

वकील स्निग्धा सिंह के जरिए दायर याचिका में प्रसन्न ने दावा किया, ‘‘अस्पतालों में बिस्तरों और जांच किट तथा ऑक्सीजन आपूर्ति जैसे अन्य सामान की भारी कमी के कारण देश में खासतौर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है।’’

याचिका में कहा गया है, ‘‘इसके चलते शमशान घाट और कब्रिस्तान भर गए हैं और शवों का अंतिम संस्कार करने में काफी वक्त लग रहा है। अत: शमशान घाट और कब्रिस्तानों की संख्या अस्थायी तौर पर बढ़ाने की आवश्यकता है।’’


दिल्ली नगर निगमों ने श्मशानों में लकड़ी की कमी को पूरा करने लिए दाह-संस्कार में गोबर के उपलों के उपयोग की अनुमति दी

कोविड-19 से हो रही मौतों की बढ़ती संख्या और दाह-संस्कार के लिए लकड़ी की कमी के बीच राष्ट्रीय राजधानी में दो नगर निगमों ने मृतकों के अंतिम संस्कार में गाय के गोबर से बने उपलों के उपयोग की अनुमति दे दी है।

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि निगम के अधिकार क्षेत्र में स्थित सभी गऊशालाओं से कहा गया है कि वे गाय के गोबर से उपले बनाने की मशीनें अपने यहां लगाएं। उन्होंने कहा कि सीएसआर निधि से इन मशीनों को लगाने के लिए धन दिया जाएगा।

कोविड-19 महामारी से हो रही मौतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

एक परिपत्र के अनुसार, उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र में स्थित विभिन्न शमशानों में मृतकों के अंतिम संस्कार में गाय के गोबर से बने उपलों के उपयोग को अनुमति दे दी है।

उसमें कहा गया है कि पराली और गाय का गोबर मिलाकर बनने वाले उपलों को बनाने में निगम एनजीओ, स्वयं सहायता समूहों और अन्य सामाजिक संगठनों से मदद लेगा और विभिन्न शमशानों में लकड़ी के स्थान पर उपले उपलब्ध कराएगा।

वहीं पूर्वी दिल्ली नगर निगम के मेयर निर्मल जैन ने भी कहा कि उन्होंने भी सात-आठ दिन पहले ऐसे प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

Delhi
COVID-19
Corona Deaths
Cremation ghat

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License