NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
क्यूबा: 60 फ़ीसदी आबादी का पूर्ण टीकाकरण, बनाया रिकॉर्ड
क्यूबा के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, 12 अक्टूबर तक 65,00,743 क्यूबाई लोगों का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। यह टीकाकरण क्यूबा ने अपनी वैक्सीन से ही किया है। कुल मिलाकर क्यूबा की आबादी के 58.1 फ़ीसदी हिस्से का टीकाकरण हो चुका है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Oct 2021
Cuba Vaccine
पिछले महीने 6 सितंबर को क्यूबा ने अपने शिशुओं का टीकाकरण करना शुरू कर दिया। इस तरह क्यूबा अपनी शिशु आबादी का टीकाकरण करने वाला पहला देश बन गया है। (फोटो: मिगेल डियाज-केनेल/ट्विटर)

क्यूबा ने सफलता के साथ अपनी आबादी के 60 फ़ीसदी हिस्से का स्वनिर्मित कोरोना वैक्सीन के ज़रिए टीकाकरण कर दिया है। जबकि अमेरिका द्वारा लगाए गए एक दशक लंबे प्रतिबंध के चलते क्यूबा के सामने तमाम चुनौतियां मौजूद थीं। क्यूबा के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, 12 अक्टूबर तक 65,00,743 क्यूबाई नागरिकों को कोविड वैक्सीन की सभी डोज लग चुकी हैं। यह क्यूबाई आबादी का 58.1 फ़ीसदी हिस्सा है। क्यूबा की आबादी लगभग 1,11,80,000 है।

इस संख्या में अबदाला वैक्सीन के तीन डोज, सोबर्ना वैक्सीन के दो डोज के साथ-साथ सोबर्ना प्लस का तीसरा बूस्टर डोज लगवाने वाले और एकल खुराक वैक्सीन सोबर्ना प्लस का एक डोज लगवाने लोग शामिल हैं। इसमें वयस्क (19 साल से ऊपर) और अवयस्क (2 से 18 साल), दोनों ही आबादी शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि 96,54,453 लोगों को कम से कम एक वैक्सीन तो लग ही चुकी है, जो कुल आबादी का 86.3 फ़ीसदी हिस्सा है।

"अवर वर्ल्ड इन डेटा इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म" द्वारा इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक़, क्यूबा यूएई के साथ दुनिया के उन दो देशों में शामिल है, जिन्होंने प्रति 100 व्यक्ति पर सबसे ज़्यादा वैक्सीन लगाए हैं। लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में क्यूबा सबसे आगे है।

क्यूबा का टीकाकरण

क्यूबा का टीकाकरण कार्यक्रम 12 मई को शुरू हुआ था। पिछले महीने 6 सितंबर को देश ने अपनी अवयस्क आबादी का टीकाकरण करना शुरू कर दिया और क्यूबा दुनिया का पहला देश बन गया, जो 2 साल के बच्चों का भी टीकाकरण कर रहा था। क्यूबा का लक्ष्य अपनी 100 फ़ीसदी आबादी को साल के अंत तक टीकाकृत करने की है।

22 सितंबर को क्यूबा की सरकारी फार्मास्यूटिकल कंपनी बॉयोक्यूबाफार्मा के अध्यक्ष एडुआर्डो मार्टिनेज़ डियाज़ ने घोषणा करते हुए कहा कि पूरे देश के टीकाकरण के लिए जितनी कोविड-19 वैक्सीन खुराक की जरूरत थी, उतनी उत्पादित हो चुकी हैं।

इस छोटे से द्वीपीय देश ने अपने वैक्सीन का निर्यात भी चालू कर दिया है। जून में वेनेजुएला पहला देश बना, जिसने अबदाला वैक्सीन की एक करोड़ बीस लाख खुराक खरीदीं। जुलाई में ईरान ने सोबर्ना 02 वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति दे दी और पास्तुकोवैक समझौते के तहत अपने देश में इसका उत्पादन शुरू कर दिया।

सितंबर में विएतनाम ने भी एक करोड़ अबदाला वैक्सीन खरीदने का करार किया। दोनों देशों के बीच विएतनाम में ही वैक्सीन के उत्पादन के समझौते पर भी सहमति बनी। अक्टूबर के पहले हफ़्ते में निकारागुआ ने अबदाला और सोबर्ना 02 वैक्सीन के आपात उपयोग की अनुमति दे दी, जिसमें सोबर्ना 02 वैक्सीन निकारागुआ की शिशु आबादी के लिए थी, बात दें निकारागुआ ने क्यूबा के साथ अपनी पूरी शिशु आबादी के टीकाकरण के लिए जरूरी खुराकों का करार किया है।

अबदाला और सोबर्ना 02 वैक्सीन दुनिया की सबसे 5 प्रभावी वैक्सीनों में शामिल हैं। जून के तीसरे हफ़्ते में क्यूबा ने एक घोषणा में कहा था कि सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बॉयोटेक्नोलॉजी द्वारा विकसित अबदाला वैक्सीन ने 92.28 फ़ीसदी की कार्यकुशलता दिखाई है, इसके लिए तीन चरणों की क्लिनिकल ट्रायल की गई थी। जुलाई के पहले हफ़्ते में क्यूबा ने कहा कि फिनले वैक्सीन इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित सोबर्ना 02 वैक्सीन ने तीन चरणों वाले क्लिनिकल ट्रायल में तीसरे बू्स्टर डोज़ के बाद 91.2 फ़ीसदी की कार्यकुशलता दिखाई है।

क्यूबा के सेंटर फॉर स्टेट कंट्रोल ऑफ़ मेडिकेशन्स, मेडिकल इक्विपमेंट एंड डिवाईस ने अबदाला और सोबर्ना 02 व सोबर्ना प्लस को 9 जुलाई और 20 अगस्त को अनुमति दी थी। राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण CECMED द्वारा अनुमति मिलने के बाद 16 सितंबर को क्यूबा के वैज्ञानिकों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

इन तीन वैक्सीनों के अलावा क्यूबा के वैज्ञानिक सोबर्ना 01 और मामबिसा वैक्सीन का उत्पादन भी कर रहे हैं। बाद वाली नाक से छिड़काव (स्प्रे) द्वारा ली जाने वाली वैक्सीन है। यह इस तरह की दुनिया की कुछ ही वैक्सीनों में से एक है।

अमेरिका द्वारा लगाए गए तमाम व्यावसायिक, आर्थिक और वित्तीय प्रतिबंधों के बावजूद, वैक्सीन विकसित करने, उन्हें लोगों को लगाने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रेरक रिकॉर्ड बनाने के अलावा क्यूबा ने हाल में डेल्टा वेरिएंट की ख़तरनाक लहर का भी सफलता से मुकाबला किया था। 

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़ क्यूबा में कोरोना संक्रमितों के ठीक होने की दर 97.9 फ़ीसदी है। संक्रमण से अब तक वहां 7,994 लोगों की मौत हुई है। 

यह लेख मूलत: द पीपल्स डिस्पैच में प्रकाशित हुआ था। 

इस लेख को मूल अंग्रेजी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

Cuba Reaches Milestone with 60% of its Population Being Fully Vaccinated

Cuba Vaccination
Cuba Vaccine
Covid Vaccine
covid lockdown
corona vaccine

Related Stories

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में

फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

कोविड-19: देश में 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू

क्या बूस्टर खुराक पर चर्चा वैश्विक टीका समता को गंभीर रूप से कमज़ोर कर रही है?

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

अबकी बार, मोदी जी के लिए ताली-थाली बजा मेरे यार!

100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License