NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
क्यूबावासियों ने 67वां राष्ट्रीय विद्रोह दिवस मनाया
26 जुलाई 1953 को फ़िदेल कास्त्रो के नेतृत्व में क्रांतिकारियों के एक समूह ने सैंटियागो डे क्यूबा में मोनकाडा आर्मी बैरकों पर हमला किया और बेयामो में कार्लोस मैनुअल डे सेस्पेडेस आर्मी बैरकों पर हमला किया जो क्यूबा क्रांति की शुरूआत थी।
पीपल्स डिस्पैच
27 Jul 2020
क्यूबावासियों ने 67वां राष्ट्रीय विद्रोह दिवस मनाया

गत 26 जुलाई को क्यूबा के राष्ट्रीय विद्रोह दिवस की 67 वीं वर्षगांठ मनाई गई। 26 जुलाई 1953 को क़रीब सौ क्रांतिकारियों के साथ कमांडर फिदेल कास्त्रो ने सैंटियागो डे क्यूबा में मोनकाडा आर्मी बैरक पर हमला कर दिया, जबकि अन्य लड़ाकों के एक समूह ने कार्लोस मैनुअल डे सेस्पेडेस के आर्मी बैरकों में हमला किया। हालांकि ये हमले विफल रहे लेकिन ये विद्रोह क्यूबा की क्रांति की शुरुआत रही और 1 जनवरी 1959 को फुलगेनियो बतिस्ता की अमेरिका समर्थित सैन्य तानाशाही को पराजित करने वाले साम्राज्यवाद-विरोधी आंदोलन की नींव रखी।

इस अवसर पर क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डिआज-कैनेल ने क्यूबा की क्रांति के ऐतिहासिक नेता को याद किया और क्यूबा के राष्ट्रीय नायक जोस मार्टी की विरासत और कमांडर फिदेल कास्त्रो के क्रांतिकारी विचारों का बचाव करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने 67 साल पहले के जुझारू कार्यों के नायकों और शहीदों की तरह आज की चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

राष्ट्रपति डिआज़-कैनेल ने ट्वीट किया, "हमारे घरों से, आइए हम सब मिलकर कैलेंडर के हर दिन को 26 तारीख़ बनाने, साल के हर महीने को जुलाई का महीना बनाने और हर बचनबद्धता को एक विजयी मोनकाडा बनाने के लिए एक साथ काम करें।"

राष्ट्र प्रमुख ने क्यूबा के कम्युनिस्ट पार्टी के पहले सचिव राउल कास्त्रो, कमांडर रामिरो वैलेडेस और अन्य लड़ाकों के प्रति स्नेह ज़ाहिर किया जिन्होंने उन हमलों में भाग लिया था। एक अन्य ट्वीट में डिआज़-कैनेल ने लिखा, "मैं आपके साथ मातृभूमि की रक्षा करने पर गौरवान्वित और सम्मानित हूं। #SomosCuba (#WeAreCuba) #SomosContinuidad (#WeAreContinuity)।”

COVID-19 महामारी और शारीरिक दूरी के नियमों के कारण क्यूबा ने पहली बार पारंपरिक रैली के बिना राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की जो 1959 से उन कार्यों के नायकों और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, सोशल मीडिया के माध्यम से हज़ारों क्यूबावासियों ने इस ऐतिहासिक कार्यों को याद किया और क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी।

cuba
67th National Rebellion Day
#WeAreCuba
#WeAreContinuity
twitter
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • शशि शेखर
    कांग्रेस का कार्ड, अखिलेश की तस्वीर, लेकिन लाभार्थी सिर्फ़ भाजपा के साथ?
    23 Mar 2022
    मोदी सरकार ने जिस राशन को गरीबों के लिए फ्री किया है, वह राशन पहले से लगभग न के बराबर मूल्य पर गरीबों को मिल रहा था। तो क्या वजह रही कि लाभार्थी समूह सिर्फ़ भाजपा के साथ गया।
  • bhagat singh
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हमें ये शौक़ है देखें सितम की इंतिहा क्या है
    23 Mar 2022
    आज शहीद दिवस है। आज़ादी के मतवाले भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान का दिन। आज ही के दिन 23 मार्च 1931 को इन तीनों क्रांतिकारियों को अंग्रेज़ सरकार ने फांसी दी थी। इन क्रांतिकारियोें को याद करते…
  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    सद्भाव बनाम ध्रुवीकरण : नेहरू और मोदी के चुनाव अभियान का फ़र्क़
    23 Mar 2022
    देश के पहले प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिक भावनाओं को शांत करने का काम किया था जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री धार्मिक नफ़रत को भड़का रहे हैं।
  • Mathura
    मौहम्मद अली, शिवानी
    मथुरा: गौ-रक्षा के नाम पर फिर हमले हुए तेज़, पुलिस पर भी पीड़ितों को ही परेशान करने का आरोप, कई परिवारों ने छोड़े घर
    23 Mar 2022
    मथुरा के जैंत क्षेत्र में कुछ हिंदुत्ववादियों ने एक टैंपो चालक को गोवंश का मांस ले जाने के शक में बेरहमी से पीटा। इसके अलावा मनोहरपुरा सेल्टर हाउस इलाके में आए दिन काफ़ी लोग बड़ी तादाद में इकट्ठा…
  • toffee
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: विषाक्त टॉफी खाने से चार बच्चों की मौत
    23 Mar 2022
    ग्रामीणों के मुताबिक टॉफी के रैपर पर बैठने वाली मक्खियों की भी मौत हो गई। एक टॉफी सुरक्षित रखी गई है। पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License