NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
मौजूदा आर्थिक संकट 2008 से बड़ा और व्यापक: गोल्डमैन सैश
प्रतिभूति तथा निवेश प्रबंधन से जुड़ी वैश्विक कंपनी गोल्डमैन सैश ने कहा कि भारत के समक्ष खपत में गिरावट एक बड़ी चुनौती है।
भाषा
17 Oct 2019
Economic slowdown in India

मुंबई: प्रतिभूति तथा निवेश प्रबंधन से जुड़ी वैश्विक कंपनी गोल्डमैन सैश ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर नीचे जाने के जोखिम के साथ 6 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही कहा है कि मौजूदा आर्थिक संकट 2008 से बड़ा है। उसने कहा कि देश के समक्ष खपत में गिरावट एक बड़ी चुनौती है और इसका कारण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के संकट को नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि आईएल एंड एफएस के भुगतान संकट से पहले ही खपत में गिरावट शुरू हो गयी थी।

कई लोग खपत में नरमी का कारण एनबीएफसी संकट को बता रहे हैं। एनबीएफसी में संकट सितंबर 2018 में शुरू हुआ। उस समय आईएल एंड एफएस में पहले भुगतान संकट का मामला सामने आया था। उसके बाद इन संस्थानों से खपत के लिये वित्त पोषण थम गया।

ब्रोकरेज कंपनी गोल्डमैन सैश की वाल स्ट्रीट में मुख्य अर्थशास्त्री प्राची मिश्रा के अनुसार उसके विश्लेषण से पता चलता है कि खपत में जनवरी 2018 से गिरावट जारी है। यह अगस्त 2018
में आईएल एंड एफएस द्वारा चूक से काफी पहले की बात है।  

उन्होंने कहा कि खपत में गिरावट कुल वृद्धि में कमी में एक तिहाई योगदान है। इसके साथ वैश्विक स्तर पर नरमी से वित्त पोषण में बाधा उत्पन्न हुई है।यहां एक कार्यक्रम में प्राची ने कहा, ‘नरमी की स्थिति है और वृद्धि के आंकड़े 2 प्रतिशत नीचे आये हैं।’

हालांकि, उन्होंने कहा कि दूसरी छमाही में आर्थिक वृद्धि बढ़ने की उम्मीद है। इसका कारण आरबीआई की सस्ती मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर में रिकार्ड पांच बार कटौती की है। कुल मिलार रेपो दर में पांच बार में 1.35 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। फरवरी से हो रही इस कटौती के बाद रेपो दर 5.15 प्रतिशत पर आ गयी है। इसके अलावा कंपनियों के कर में कटौती जैसे उपायों से भी धारणा मजबूत होगी और वृद्धि में तेजी आएगी।

अर्थशास्त्री ने कहा कि निवेश और निर्यात लंबे समय से घट रहा है लेकिन खपत में तीव्र गिरावट चिंता का नया कारण है।उन्होंने कहा, ‘मौजूदा नरमी पिछले 20 महीने से जारी है... यह नोटबंदी या 2008 की वित्तीय संकट जैसी उन चुनौतियों से अलग है, जिसकी प्रकृति अस्थायी थी।'

यह बात ऐसे समय आयी है जब जून तिमाही में वृद्धि दर छह साल के न्यूनतम स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी। इसके बाद आरबीआई ने 2019-20 के लिये आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को कम कर 6.1 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्वबैंक जैसी एजेंसियों ने भी भारत की वृद्धि दर के अनुमान को कम किया है।

श्रेई इंफ्रा फाइनेंस के चेयरमैन हेमंत कनोड़िया ने कहा कि कंपनी के शोध के अनुसार समस्या का 40 प्रतिशत कारण वैश्विक व्यापार में नरमी है। वहीं 30 प्रतिशत कमी का कारण खपत में नरमी है। शेष का कारण वित्त पोषण को लेकर बाधाएं हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने कर्ज वितरण को रोक दिया और बारिश के दिनों के लिये नकदी को रखना उचित समझा। इसके कारण निर्माण उपकरण किराये पर लेने के मामले में 30 प्रतिशत की तीव्र गिरावट आयी।

economic crises
Indian Economy under Modi Government
Goldman sash
Nirmala Sitharaman
Narendra modi
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • weekend curfew
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र शनिवार-रविवार का कर्फ़्यू
    04 Jan 2022
    डीडीएमए की बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा, ‘‘शनिवार और रविवार को कर्फ़्यू रहेगा। लोगों से अनुरोध किया जाता है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।’’
  • Subramanian Swamy
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
    04 Jan 2022
    मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का…
  • Hindu Yuva Vahini
    विजय विनीत
    बनारस में हिन्दू युवा वाहिनी के जुलूस में लहराई गईं नंगी तलवारें, लगाए गए उन्मादी नारे
    04 Jan 2022
    "हिन्दू युवा वाहिनी के लोग चाहते हैं कि हम अपना धैर्य खो दें और जिससे वह फायदा उठा सकें। हरिद्वार में आयोजित विवादित धर्म संसद के बाद बनारस में नंगी तलवारें लहराते हुए जुलूस निकाले जाने की घटना के…
  • Maulana Hasrat Mohani
    परमजीत सिंह जज
    मौलाना हसरत मोहानी और अपनी जगह क़ायम अल्पसंख्यक से जुड़े उनके सवाल
    04 Jan 2022
    आज भी अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस करते हैं, ऐसे में भारत को संविधान सभा में हुई उन बहसों को फिर से याद दिलाने की ज़रूरत है, जिसमें बहुसंख्यकवाद के कड़वे नतीजों की चेतावनी दी गयी थी।
  • Goa Chief Ministers
    राज कुमार
    गोवा चुनावः  34 साल में 22 मुख्यमंत्री
    04 Jan 2022
    दल बदल के मामले में गोवा बाकी राज्यों को पीछे छोड़ता नज़र आ रहा है। चुनाव से पहले गोवा के आधे से ज्यादा विधायक पार्टी बदल चुके हैं। आलम ये है कि कहना मुश्किल है कि जो विधायक आज इस पार्टी में है कल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License