NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
तमिलनाडु के ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में डीएमके एकतरफ़ा जीत हासिल की
एआईएडीएमके और बीजेपी की बेहद अपमानजनक हार।
नीलाबंरन ए
15 Oct 2021
Dmk

द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ मोर्चे ने तमिलनाडु में 9 जिलों के ग्रामीण स्थानीय निकाय के चुनावों में एकतरफा जीत हासिल की है। जबकि इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ के बावजूद एआईएडीएमके को करारी हार झेलनी पड़ी।

सत्तारूढ़ गठबंधन ने जिला और संघीय परिषद वार्ड (यूनियन काउंसिल वार्ड), दोनों में ही एकतरफा जीत हासिल की है। दूसरी पार्टियां जिनमें मक्कल निधि मैयम और नाम तमिलर काची (एनएमके) भी शामिल हैं, उन्हें तमाम भाषणबाजी और कैंपेन के बावजूद बेहद अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय जनता पार्टी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। बीजेपी को भी बुरे तरीके से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि डीएमके का दावा है कि चुनावों में सफलता राज्य सरकार द्वारा पिछले पांच महीनों में किए गए बढ़िया कामों का नतीजा है।

 सिवांथिपत्ती ग्राम पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए 90 साल की महिला और इसी पद पर एक दूसरी पंचायत में 21 साल की महिला की जीत खबरों में रही। 21 साल की महिला ने तेंकासी जिले में एक वोट से जीत हासिल की थी।

डीएमके की बड़ी जीत, AIADMK और बीजेपी की बुरी हालत

डीएमके ने अपने द्वारा लड़े गए 140 जिला परिषद वार्डों में से 138 में जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस को 5 और AIADMK को दो वार्डों में जीत मिली। बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। डीएमके अब सभी 9 जिलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद जीतने की स्थिति में है।

यूनियन काउंसिल वार्ड में भी ऐसे ही नतीजे देखने को मिले। सोमवार 3 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कुल 1381 वार्ड में से डीएमके ने 1010 पर जीत दर्ज की या आगे चल रही थी। जबकि AIADMK सिर्फ़ 215 वार्ड में ही बढ़त बना सकी।

पट्टली मक्कल काची उत्तरी जिलों के अपने गढ़ में 47 वार्डों में जीतने में कामयाब रही। वहीं बीजेपी को 6 यूनियन काउंसिल वार्ड में जीत मिली। कांग्रेस ने 24 और विधुथलाई चिरुथैगल काची ने डीएमके गठबंधन का हिस्सा रहते हुए 27 सीटों पर जीत दर्ज की।

अम्मा मक्कल मुनेत्र कझगम को सिर्फ़ पांच सीटें हासिल हुईं। वहीं अभिनेता विजयकांत की देसिय मुरपोक्कू द्रविड कझगम को सिर्फ एक सीट मिली। दोनों ही पार्टियों ने अकेले चुनाव लड़ा था। 

 कोयंबटूर जिले में एक ग्राम पंचायत में एक बीजेपी प्रत्याशी तब चर्चा में आया, जब उसे सिर्फ एक वोट मिला। हालांकि ग्राम पंचायतों के चुनाव सीधे पार्टी लाइन पर नहीं लड़े जाते। लेकिन राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को सदस्य और अध्यक्ष पद के लिए खड़े करते हैं।

विजय मक्कल इयक्कम का जीत का दावा, एनटीके, एमएनएम खाली हाथ

अभिनेता विजय के प्रशंसकों द्वारा संचालित कल्याण संगठन विजय मक्कल इयक्कम ने अपने कुछ सदस्यों की जीत का दावा किया है। संगठन में पदाधिकारी ने दावा किया कि चुनावों में वार्ड सदस्य और ग्राम पंचायत अध्यक्ष के लिए खड़े हुए उनके 169 सदस्यों में से 110 ने  जीत हासिल की है।

कट्टर तमिल राष्ट्रवादी पार्टी एनटीके को यूनियन और जिला परिषद वार्ड में एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई। जबकि पार्टी खुद को तमिलों का असली प्रतिनिधि होने का दावा करती है। कमल हासन के नेतृत्व वाली एमएनएम का भी यही हाल हुआ। नतीजों में साफ दिखाई दिया की पार्टी की ग्रामीण इलाकों। तक पहुंच बहुत काम है।

डीएमडीके के खराब प्रदर्शन को उनके नेता की खराब सेहत और उनके द्वारा लगातार गठबंधन बदलने की प्रवृत्ति को जिम्मेदार बताया जा रहा है।

AIADMK ने लगाया धांधली का आरोप

अपने वक्तव्य में AIADMK ने प्रदेश सरकार पर चुनावों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। पलनीसामी और पनीर्सेलवाम ने दावा किया कि डीएमके ने पिछले दरवाजे से अपनी प्रशासनिक शक्ति का इस्तेमाल कर जीत हासिल की है।

वक्तव्य में कहा गया, "राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़े स्तर पर उल्लंघनों को अनुमति दी, यह उल्लंघन नामांकन भरने से शुरु हुए और वोटों की गिनती तक चलते रहे। डीएमके ने राज्य निर्वाचन आयोग को कठपुतली बना दिया है।"

पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि डीएमके विधायकों ने तिरूपत्तुर जिले में 10 अक्टूबर को बंद कमरों को भी बिना अनुमति खोला। "चुनाव आयोग को अपनी साख बचाने डयूटी पर तैनात अधिकारी को निलंबित करना पड़ा। यह केवल एक उदाहरण है। कई नामांकनों को नियम विरुद्ध खारिज कर दिया गया।"
 
एआईएडीएमके नेताओं का आरोप है कि उनके द्वारा डीएमके नेताओं, विधायकों और सांसदों के खिलाफ की गई नियम उल्लंघन की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई।

Local Body Elections in Tamil Nadu
DMK
AIADMK
BJP
PMK
DMK Wins Local Body Polls
NTK
VCK
Vijay Makkal Iyakkam

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • mamta banerjee
    भाषा
    तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में चारों नगर निगमों में भारी जीत हासिल की
    15 Feb 2022
    तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर, चंदरनगर और आसनसोल नगरनिगमों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है तथा सिलीगुड़ी में माकपा से सत्ता छीन ली।
  • hijab
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    हिजाब विवादः समाज सुधार बनाम सांप्रदायिकता
    15 Feb 2022
    ब्रिटेन में सिखों को पगड़ी पहनने की आज़ादी दी गई है और अब औरतें भी उसी तरह हिजाब पहनने की आज़ादी मांग रही हैं। फ्रांस में बुरके पर जो पाबंदी लगाई गई उसके बाद वहां महिलाएं (मुस्लिम) मुख्यधारा से गायब…
  • water shortage
    शिरीष खरे
    जलसंकट की ओर बढ़ते पंजाब में, पानी क्यों नहीं है चुनावी मुद्दा?
    15 Feb 2022
    इन दिनों पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रचार चल रहा है, वहीं, तीन करोड़ आबादी वाला पंजाब जल संकट में है, जिसे सुरक्षित और पीने योग्य पेयजल पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद, पंजाब चुनाव में…
  • education budget
    डॉ. राजू पाण्डेय
    शिक्षा बजट पर खर्च की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? 
    15 Feb 2022
    एक ही सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे बजट एक श्रृंखला का हिस्सा होते हैं इनके माध्यम से उस सरकार के विजन और विकास की प्राथमिकताओं का ज्ञान होता है। किसी बजट को आइसोलेशन में देखना उचित नहीं है। 
  • milk
    न्यूज़क्लिक टीम
    राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ खिलवाड़ क्यों ?
    14 Feb 2022
    इस ख़ास पेशकश में परंजॉय गुहा ठाकुरता बात कर रहे हैं मनु कौशिक से राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सम्बंधित कानूनों में होने वाले बदलावों के बारे में
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License