NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
आंदोलन
उत्पीड़न
घटना-दुर्घटना
डीयू : दलित शिक्षक का आरोप विभागाध्यक्ष ने मारा थप्पड़, विभागाध्यक्ष का आरोप से इनकार
"शिक्षण संस्थानों में यह कोई पहली ऐसी घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी समाज के निचले तबके से आने वाले छात्र और शिक्षक इस प्रकार के जातिगत हमलों और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करते आये हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी इस प्रकार के हमलों को और बढ़ावा देने का काम करती है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Aug 2021
lakshmibai college teacher Dr Neelam
एसएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने डॉ. नीलम से मुलाकात की

दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज में हिंदी विभाग में दलित एसोसिएट प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि एक मीटिंग के दौरान उनके सहयोगी ने उन्हें थप्पड़ मारा। इस घटना की वजह खुद को दलित होने को बतया। इस बात की शिकायत उन्होंने पुलिस और कॉलेज प्रिंसिपल दोनों के पास शिकायत दर्ज कराई है।  

इस घटना की चारों तरफ आलोचना भी हो रही है। छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) ने  इसकी भर्त्सना की है। इसके खिलाफ एसएफआई ने आज लक्ष्मीबाई कॉलेज के समाने एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन भी किया।  

डॉ. नीलम ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि सोमवार को हिंदी विभाग की एक मीटिंग रखी गई थी, जिसमें विभागाध्यक्ष डॉ रजीत कौर द्वारा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर मिनट्स तैयार कर उन पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे थे। जब साइन करने के लिए मिनट का रजिस्टर उनके पास आया, तो वो मिनट्स पढ़ने लगीं। इस पर विभागाध्यक्ष डॉ. रजीत कौर ने उनसे बिना पढ़े मिनट्स साइन करने को कहा। जब डॉ. नीलम ने बिना पढ़े मिनट्स पर साइन करने से मना कर दिया तो कौर ने डॉ. नीलम को मीटिंग में सबके सामने थप्पड़ मार दिया।

हालांकि कौर इन आरोप से इंकार कर रही हैं।  उनका कहना है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और अगर हुआ भी है तो जानबूझकर नहीं किया गया है।  

नीलम ने कहा कि उन्हें(कौर) को हमेशा मेरी जाति के कारण मुझसे समस्या रही है।    

अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के एक रिपोर्ट के मुताबिक कौर का कहना है कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है और कहा कि उन्होंने भी प्रिंसिपल के पास जवाबी शिकायत दर्ज की थी।  उन्होंने अख़बार से बात करते हुए कहा कि नीलम पिछली बैठकों के मिन्ट्स भी देखने पर जोर दे रही थीं, जिसमें कई बैठक में वो  शामिल भी नहीं थी । तभी मैंने इसका  विरोध किया। जिसपर उन्होंने कहा कि वह मिनटों को पढ़ने के बाद ही हस्ताक्षर करेगी, भले ही इसमें 3-4 घंटे लगें। मुझे कंप्यूटर लैब में जाना था, इसलिए मैंने उससे रजिस्टर लेने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने खींच लिया। उस झगड़े के दौरान, संभव है कि मेरा हाथ उनके चेहरे पर लगा हो। लेकिन मैंने उन्हें जानबूझकर उन्हें थप्पड़ नहीं मारा था।"

कौर ने आगे कहा  कि“मैंने तुरंत माफी भी मांगी ली थी, लेकिन उन्होंने आकर मुझे पकड़ लिया और मेरे बाल खींचे। उनकी मूल शिकायत में कोई जातिगत कारक नहीं था लेकिन अब वह मुझे परेशान करने  करने के लिए दलित कार्ड खेल रही हैं। मैं भगवान से डर रही हूँ।  मैंने अपने जीवन में कभी भी जातिवादी कुछ भी नहीं कहा है।"

कॉलेज में हिंदी विभाग की शिक्षिका अंशु झारवार ने इंडियन एक्स्प्रेस से कहा “वहां हम 13 लोग थे; हम सभी ने देखा कि क्या हुआ। हम दंग रह गए कि कोई अपने सहयोगी को इस तरह से थप्पड़ भी मार सकता है।”

इस घटना को लेकर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर प्रत्युषा बसला ने कहा कि "दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की जांच की जा रही है। इस मामले को अगली शासी निकाय की बैठक में उठाया जाएगा।"

छात्र संगठन एसएफआई ने बुधवार को भारी पुलिस बल की मौजूदिगी में प्रदर्शन किया और नीलम से उनका एक डेलिगेशन मिला और एकजुटता जाहिर की। एसएफआई ने अपने एक बयान  में कहा कि शिक्षण संस्थानों में यह कोई पहली ऐसी घटना नहीं है बल्कि इससे पहले भी समाज के निचले तबके से आने वाले छात्र और शिक्षक इस प्रकार के जातिगत हमलों और जातिसूचक टिप्पणियों का सामना करते आये हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी इस प्रकार के हमलों को और बढ़ावा देने का काम करती है।

छात्र संगठन ने एक पुराने मामले की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि जातिगत द्वेष या विद्वेष का एक स्पष्ट मामला हिंदी विभागाध्यक्ष पद को लेकर भी सामने आया था जहां प्रोफेसर श्योराज सिंह बैचेन को विभाग अध्यक्ष नहीं बनने दिया जा रहा था। छात्रों-शिक्षकों के प्रदर्शन के बाद और एक वर्ष विलंब के बाद उन्हें पद पदभार दिया गया। इस दौरान भी योग्यता की बजाए जातिगत टिप्पणियां की गई।

एसएफआई ने मांग की है कि लक्ष्मीबाई कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष पीड़ित प्राध्यापिका डॉ नीलम से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। साथ ही साथ उसने माँग की है कि दिल्ली विश्वविद्यालय मामले की जांच करे और कॉलेज प्रशासन से प्रोफेसर रजीत कौर के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करने की सिफारिश करे।

SFI
Students Federation of India
Dalit atrocities

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

‘धार्मिक भावनाएं’: असहमति की आवाज़ को दबाने का औज़ार

न्याय के लिए दलित महिलाओं ने खटखटाया राजधानी का दरवाज़ा

उत्तर प्रदेश: योगी के "रामराज्य" में पुलिस पर थाने में दलित औरतों और बच्चियों को निर्वस्त्र कर पीटेने का आरोप

यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है

राजस्थान: घोड़ी पर चढ़ने के कारण दलित दूल्हे पर पुलिस की मौजूदगी में हमला

यूपी: ‘प्रेम-प्रसंग’ के चलते यूपी के बस्ती में किशोर-उम्र के दलित जोड़े का मुंडन कर दिया गया, 15 गिरफ्तार 

भीमा कोरेगांव : भुला दी गई दलित युवा की मौत

यूपी: बेहतर कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर उठते सवाल!, दलित-नाबालिग बहनों का शव तालाब में मिला


बाकी खबरें

  • सोनिया यादव
    आंगनवाड़ी की महिलाएं बार-बार सड़कों पर उतरने को क्यों हैं मजबूर?
    23 Feb 2022
    प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारों द्वारा घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद उन्हें अभी तक उनका सही बकाया नहीं मिला है। एक ओर दिल्ली सरकार ने उनका मानदेय घटा दिया है तो…
  • nawab malik
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा
    23 Feb 2022
    लगभग आठ घंटे की पूछताछ के बाद दक्षिण मुंबई स्थित ईडी कार्यालय से बाहर निकले मलिक ने मीडिया से कहा, '' हम लड़ेंगे और जीतेंगे। हम झुकेंगे नहीं।'' इसके बाद ईडी अधिकारी मलिक को एक वाहन में बैठाकर मेडिकल…
  • SKM
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल: बीरभूम के किसानों की ज़मीन हड़पने के ख़िलाफ़ साथ आया SKM, कहा- आजीविका छोड़ने के लिए मजबूर न किया जाए
    23 Feb 2022
    एसकेएम ने पश्चिम बंगाल से आ रही रिपोर्टों को गम्भीरता से नोट किया है कि बीरभूम जिले के देवचा-पंचमी-हरिनसिंह-दीवानगंज क्षेत्र के किसानों को राज्य सरकार द्वारा घोषित "मुआवजे पैकेज" को ही स्वीकार करने…
  • राजस्थान विधानसभा
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान में अगले साल सरकारी विभागों में एक लाख पदों पर भर्तियां और पुरानी पेंशन लागू करने की घोषणा
    23 Feb 2022
    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को वित्तवर्ष 2022-23 का बजट पेश करते हुए 1 जनवरी 2004 और उसके बाद नियुक्त हुए समस्त कर्मचारियों के लिए आगामी वर्ष से पूर्व पेंशन योजना लागू करने की घोषणा की है। इसी…
  • चित्र साभार: द ट्रिब्यून इंडिया
    भाषा
    रामदेव विरोधी लिंक हटाने के आदेश के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया की याचिका पर सुनवाई से न्यायाधीश ने खुद को अलग किया
    23 Feb 2022
    फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने एकल न्यायाधीश वाली पीठ के 23 अक्टूबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें और गूगल की अनुषंगी कंपनी यूट्यूब को रामदेव के खिलाफ मानहानिकारक आरोपों वाले वीडियो के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License