NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
डीयू: डूटा का विरोध प्रदर्शन जारी, एडहॉक शिक्षकों को परमानेंट किए जाने की मांग
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी डूटा के नेतृत्व में सोमवार को मंडी हाउस से संसद भवन तक विरोध मार्च का आयोजन किया गया।
सोनिया यादव
09 Dec 2019
DUTA protest

नई दिल्ली: भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना दिखाने वाली मोदी सरकार फिलहाल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन का कारण बनी हुई है। सोमवार 9 दिसंबर को हज़ारों की संख्या में शिक्षक सड़कों पर उतरे और उन्होंने केंद्र सरकार समेत मानव संसाधन विकास मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की।

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ यानी डूटा के नेतृत्व में सोमवार को मंडी हाउस से संसद भवन तक विरोध मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से आए हज़ारों की संख्या में टीचर्स ने भाग लिया। शिक्षकों की मांग है कि सरकार अपने वायदों को पूरा करे और सभी एडहॉक शिक्षकों को Absorption यानि परमानेंट करे, उनकी नियुक्ति को स्थाई करे।
duta.JPG
प्रदर्शन में शामिल एडहॉक शिक्षकों का कहना है कि सरकार हमें हमारा हक नहीं दे रही। संसद में वायदा करने के बावजूद अभी तक हमारी नियुक्तियों को परमानेंट नहीं किया गया है। सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के भविष्य के साथ-साथ भी खेल रहा है। एडहॉक शिक्षकों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है, नए सर्कुलर लाकर नौकरियां छीनने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमारी मांग Absorption की मांग अटल है, अडिग है।

मैत्री कॉलेज से आई एडहॉक शिक्षिका डॉ. अनीता सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में कहा, ‘मैं पिछले 7 सालों से मैत्री कॉलेज में पढ़ा रही हूं। इस दौरान मैंने पढ़ाने के साथ-साथ पेपर भी तैयार किए हैं, परीक्षाओं के पेपरों की जांच भी की है। हर वो काम किया है जो पर्मानेंट शिक्षक करते हैं लेकिन मुझे और मेरे जैसे कई हजार शिक्षकों को अभी तक पर्मानेंट नहीं किया गया। हमें कोई सुविधाएं भी नहीं मिलती, ऐसा लगता है मानों हम यहां कुछ हैं ही नहीं।'

लेडी श्रीराम कॉलेज में 5 सालों से पत्रकारिता पढ़ा रहीं सुनीता श्रीवास्तव कहती हैं, ‘मैं एडहॉक हूं और बस यही मेरी पहचान है। कॉलेज प्रशासन से लेकर छात्र और परिवार सब इसी नाम से बुलाते हैं हमें। हमें केवल चार महीने में चार छुट्टियां मिलती हैं, इसके अलावा ना कोई मातृत्व अवकाश मिलता और ना ही कोई मेडिकल लीव मिलती है। हमारी हालत कोई नहीं समझ सकता।'
duta 2.JPG
गौरतलब है कि मार्च 2017 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने लोकसभा में सभी शिक्षकों को स्थाई करने की बात सदन में रखते हुए कहा था कि उनकी सरकार पार्ट टाइम पॉलिसी पर चलने वाली नहीं है। इसके बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी जुलाई के महीने में 6 महीने के भीतर सभी शिक्षकों को स्थाई करने की बात कही थी लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसे लेकर शिक्षक लगातार प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं।

डूटा के अध्यक्ष डॉ राजीव रे ने न्यूज़क्लिक से कहा, 'हमारी मांग है कि सभी एडहॉक शिक्षकों को सरकार Absorption के जरिए परमानेंट करे। शिक्षकों के ऊपर जो हर चार महीने बाद नौकरी जाने की तलवार लटकती रहती है, उससे निज़ात मिल सकें। आज हमारी लड़ाई सरकारी शिक्षण संस्थानों को निज़ीकरण से बचाने की है। शिक्षकों को अगर उनके अधिकार नहीं मिलेंगे तो, बच्चों को वो कैसे सही शिक्षा दे पाएंगे।'

हालांकि पुलिस ने इस मार्च को जंतर-मंतर के पास संसद मार्ग थाने पर रोक दिया और कई शिक्षकों को हिरासत में भी ले लिया। जिसके बाद सभी शिक्षकों में काफी रोष है।

बता दें कि इससे पहले 28 अगस्त को जारी डीयू के एक सर्कुलर के बाद से ही शिक्षकों का लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इस सर्कुलर में कहा गया था कि इस अकादमिक सत्र में सिर्फ़ गेस्ट शिक्षकों की नियुक्ती होगी। हालांकि शिक्षकों के भारी विरोध के बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने इस सर्कुलर को वापस लेने की बात कही थी। लेकिन अब शिक्षक नियुक्ति को स्थाई करने की मांग पर डटे हुए हैं।

Delhi University
DUTA
DUTA protest
DUTA strikes
education system

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने वाले सैकड़ों शिक्षक सड़क पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

डीयू के छात्रों का केरल के अंडरग्रेजुएट के ख़िलाफ़ प्रोफ़ेसर की टिप्पणी पर विरोध

डीयू: एनईपी लागू करने के ख़िलाफ़ शिक्षक, छात्रों का विरोध

प्रत्यक्ष कक्षाओं की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का रोष प्रदर्शन, जेएनयू, डीयू और जामिया करेंगे  बैठक में जल्द निर्णय

डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज़ के ख़िलाफ़ कुलपति कार्यालय पर किया प्रदर्शन

दिल्ली: डीयू के शिक्षकों का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री आवास तक मार्च

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वेतन नहीं मिलने के विरोध में की हड़ताल

डीयू खोलने की मांग को लेकर छात्रों की 48 घंटे की भूख हड़ताल, पुलिस ने हिरासत में लिया


बाकी खबरें

  • Kisan Jan-Jagran Padyatra
    विजय विनीत
    किसानों ने बनारसियों से पूछा- तुमने कैसा सांसद चुना है?
    20 Oct 2021
    गांधी जयंती 2 अक्टूबर को चंपारण से शुरू हुई किसान जन-जागरण पदयात्रा का आज 20 अक्टूबर को बनारस में समापन हुआ। अब 7 नवंबर से कन्याकुमारी से दिल्ली तक के लिए पदयात्रा शुरू होगी, जो 26 नवंबर को दिल्ली…
  • कश्मीर से धोखा बंद करे मोदी सरकार, हाल खराब: यूसुफ़ तारीगामी
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    कश्मीर से धोखा बंद करे मोदी सरकार, हाल खराब: यूसुफ़ तारीगामी
    20 Oct 2021
    कश्मीर में हिंसा के दौर, सरकार के नॉर्मेलसी के दावे बेनकाब होने पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की कश्मीर में माकपा के नेता, पूर्व विधायक युसूफ़ तारीगामी से और जानने की कोशिश की ज़मीनी हालात के…
  • लखीमपुर हिंसा कि SC में सुनवाई, किसानों की सत्याग्रह यात्रा और अन्य ख़बरें
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखीमपुर हिंसा कि SC में सुनवाई, किसानों की सत्याग्रह यात्रा और अन्य ख़बरें
    20 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हम बात करेंगे लखीमपुर खीरी हिंसा की SC में सुनवाई, किसानों की सत्याग्रह यात्रा और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • नियमित शिक्षकों की कमी से जूझ रहे पटना के दो ट्रेनिंग कॉलेज
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नियमित शिक्षकों की कमी से जूझ रहे पटना के दो ट्रेनिंग कॉलेज
    20 Oct 2021
    पटना यूनिवर्सिटी के दो ट्रेनिंग कॉलेजों में नियमित शिक्षक नहीं हैं। ये कॉलेज केवल प्राचार्य और गेस्ट फैकल्टी के भरोसे चल रहे हैं। इन कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी की भी कमी है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के
  • Biden
    जेम्स डब्ल्यू कार्डेन
    अमेरिकी विदेश नीति में यथार्थवादियों का अंततः उदय
    20 Oct 2021
    आखिरकार लंबे समय से अनसुने किए गए तथा संभावनाशील द्विदलीय नीति के पैरोकार एवं न्यू अमेरिका फाउंडेशन के सह-संस्थापक और मेरे मित्र स्वर्गीय शर्ले आर. श्वेनिंगर जैसे विचारकों का यह अपना क्षण हो सकता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License