NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
डीयू: सेंट स्टीफन कॉलेज में जोरदार प्रदर्शन, छात्रों ने कहा-आज जेएनयू कल डीयू भी हो सकता है!
दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज के छात्र आमतौर पर रा़जनीति से दूर रहते हैं, लेकिन बीते 30 तीस सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और खुलकर राजनीति पर बात की।
सोनिया यादव
09 Jan 2020
 St. Stephen's College

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा की आग देश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी फैल चुकी है। छात्र विश्वविद्यालय परिसर में अपनी सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, प्रशासन की चुप्पी और कानून व्यवस्था पर सवाल भी उठा रहे हैं। इस विरोध का असर 8 जनवरी को देशव्यापी बंद में भी नज़र आया, इसमें भारी संख्या में छात्र संगठनों ने हिस्सा लिया और कई कॉलेजों के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार भी किया।

दिल्ली विश्वविद्यालय और सेंट स्टीफन कॉलेज के छात्रों ने बड़े पैमाने पर इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। आज़ादी और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए, मौजूदा केंद सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए बारिश में खड़े होकर छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी। फैज की क्रांतिकारी नज्म हम देखेंगे भी गाई और अपना विरोध दर्ज करवाया। इस दौरान छात्रों ने कहा, 'कल जामिया था, आज जेएनयू है, कल डीयू भी हमला हो सकता है।'

दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज के छात्र आमतौर पर रा़जनीति से दूर रहते हैं, लेकिन बीते 30 तीस सालों में ऐसा पहली बार हुआ जब छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और खुलकर राजनीति पर बात की। इस दौरान छात्रों और शिक्षकों ने जेएनयू में हुई हिंसा, सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ आवाज बुलंद की और आजादी के नारे लगाए। छात्रों ने इस विरोध प्रदर्शन का आठ सेकेंड का वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में ट्वीट पर साझा किया। इस वीडियो में कॉलेज के छात्र हाथ में बैनर लिए दिख रहे हैं, साथ ही वह जेएनयू के छात्रों के समर्थन में नारे भी लगा रहे हैं।

At St Stephen's today. Students boycott classes (very, very rare) to read the Preamble to the Constitution and to support and say #WeStandWithJNU. And #NoCAANoNRC pic.twitter.com/OxlGWhWjyL

— Stephanians (@CafeSSC) January 8, 2020

कॉलेज के छात्र संघ अध्यक्ष रमन मोहरा (जो किसी भी राजनीतिक संगठन से नहीं जुड़े) ने कहा, 'संविधान की प्रस्तावना पढ़ने का मकसद देश और खुद को यह याद दिलाना था कि हमारे संविधान संस्थापक धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध थे।'

इस विरोध प्रदर्शन के संबंध में कॉलेज की छात्रा पेटरिशिया ने न्यूज़क्लिक को बताया, 'बीते दिनों जो भी घटनाएं जामिया, अलीगढ़ और जेएनयू में हुई हैं, प्रशासन और पुलिस का छात्रों के लिए जो रवैया रहा है उस ने आज हमें प्रदर्शन करने के लिए मज़बूर किया है। हम सभी इससे प्रभावित हुए हैं और हम अब चुप नहीं बैठेंगे।'

अंग्रेजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत एशले एनपी ने कहा, 'मंडल आंदोलन के बाद 30 सालों में ये पहला मौका है जब सेंट स्टीफन के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया है। छात्र देश के राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में संवेदनशील हैं और जामिया और जेएनयू में हिंसा के बाद, उनके अंदर भी आक्रोश है, चिंताएं हैं।'

 

बता दें कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपने हाथों में बैनर लिया हुआ था। जिसमें से एक बैनर पर लिखा था कि हम यहां अपने अधिकारों के लिए खड़े हैं न की दंगों के लिए (We are here for rights, not riots)। कॉलेज कैंपस में छात्रों ने नारे लगाए कि कल भी तुम हारे थे, आज भी तुम हारोगे, कल भी हम जीते थे, आज भी हम जीतेंगे।'
 St. Stephen's College
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के छात्र तरुण बताते हैं, 'पहले जामिया और उसके बाद जेएनयू पुलिस और सरकारी मशीनरी दमन पर उतर आई है। सरकार स्टूडेंट्स को सुनना ही नहीं चाहती। असहमति को आप दमन के जरिए कुचल नहीं सकते। किसी एक कैम्पस में अगर ऐसा हो सकता है तो यही घटना किसी दूसरे कैम्पस में भी दोहराई जा सकती है।'

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब दिल्ली के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों में छात्रों को हिंसा और पुलिस की निर्ममता का सामना करना पड़ सकता है तो इस देश में कोई भी सुरक्षित नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी छात्रों के साथ पुलिस की हिंसा की खबरें सुर्खियों में थी, जिसे लेकर छात्रों और परिजनों में डर और गुस्से का माहौल है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के अविनाश कुमार ने मीडिया से कहा, "छात्रों को लगातार विलेन बनाने के सरकार के अभियान की वजह से छात्रों पर ऐसे हिंसक हमलों का ख़तरा बढ़ गया है। और ऐसे हमले करने वालों को सरकार बेख़ौफ़ होकर उत्पात करने देती है। अब बहुत ज़रूरी हो गया है कि सरकार अपने नागरिकों की बात सुने।"

गौरतलब है कि जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर पुलिस की 'बर्बर' कार्रवाई का मुद्दा अभी पूरी तरह से शांत नहीं ही नहीं हुआ था कि 5 जनवरी की शाम दिल्ली के ही जेएनयू में फिर एक बड़ी घटना हो गई। जिसे लेकर देश और विदेश के तमाम शिक्षण संस्थानों के छात्र सड़कों पर उतरे रहे हैं और जेएनयू के साथ अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं।

Delhi University
DU Protest
St. Stephen's College
JNU
JNU Violence
CAA
NRC
Student Protests

Related Stories

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

‘जेएनयू छात्रों पर हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुलिस फ़ौरन कार्रवाई करे’ बोले DU, AUD के छात्र

जेएनयू हिंसा: प्रदर्शनकारियों ने कहा- कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या खाना चाहिए

JNU में खाने की नहीं सांस्कृतिक विविधता बचाने और जीने की आज़ादी की लड़ाई

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

SFI ने किया चक्का जाम, अब होगी "सड़क पर कक्षा": एसएफआई

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

रेलवे भर्ती मामला: बर्बर पुलिसया हमलों के ख़िलाफ़ देशभर में आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन, पुलिस ने कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा

रेलवे भर्ती मामला: बिहार से लेकर यूपी तक छात्र युवाओं का गुस्सा फूटा, पुलिस ने दिखाई बर्बरता


बाकी खबरें

  • club house
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बुल्ली और सुल्ली डील के बाद ‘क्लब हाउस चैट’ का मामला, हरियाणा से तीन आरोपी गिरफ़्तार
    21 Jan 2022
    देश में नफ़रतों का दौर जारी है, बुल्ली और सुल्ली ऐप के बाद ‘क्लब हाउस चैट’ का मामला सामने आया है। जिस अब गिरफ़्तारी भी हुई है।
  • amar jawan jyoti
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय समर स्मारक की लौ में मिलाने पर पूर्व सैनिकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
    21 Jan 2022
    पूर्व एयर वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री को टैग करते हुए उनसे इस आदेश को रद्द करने की अपील की।
  •  George Floyd
    एपी
    जॉर्ज फ्लॉयड हत्या मामले की सुनवाई करने वाले अधिकतर न्यायाधीश श्वेत
    21 Jan 2022
    इन निर्णायकों का चयन पुलिस अधिकारियों टोउ थाओ, थॉमस लेन और जे क्वेंग से संबंधित मामले की सुनवाई के संबंध में किया गया है। 
  • amar jwan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    अमर जवान ज्योति को बुझाने का मतलब इतिहास को मिटाना है: कांग्रेस
    21 Jan 2022
    राष्ट्रीय राजधानी में इंडिया गेट पर पिछले 50 साल से जल रही अमर जवान ज्योति का शुक्रवार को राष्ट्रीय समर स्मारक पर जल रही लौ में विलय किया जाएगा। 
  • bjp
    भाषा
    संभल में भाजपा प्रत्याशी पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज
    21 Jan 2022
    पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बताया कि असमोली विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र सिंह रिंकू और 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License