NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
दिहाड़ी मज़दूर रिज़वान की अस्पताल में मौत, पुलिस पर बेरहमी से पिटाई का आरोप
परिवार वालों के मुताबिक घर में खाने के लिए कुछ नहीं था और रिज़वान भूखा था। इसलिए वह खाने के लिए बिस्कुट लेने बाहर गया था, कि पुलिस ने पकड़ लिया।
असद रिज़वी
19 Apr 2020
रिज़वान अहमद
मृतक रिज़वान अहमद (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर ज़िले के 22 साल के रिज़वान अहमद  की मौत 18 अप्रैल को हो गई। आरोप है लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने पर पुलिस ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसके चलते बाद में उसने दम तोड़ दिया।

रिज़वान अहमद दिहाड़ी मज़दूर था और जैसा कि ज़ाहिर है कि इस लॉकडाउन के चलते वो बेरोज़गार हो गया था। बुजुर्ग पिता इज़राइल पंक्चर जोड़ते हैं। इन दिनों उनका भी काम बंद है। घर में खाने-पीने की बहुत किल्लत हो गई थी। परिवार वालों के मुताबिक घर में खाने के लिए कुछ नहीं था और रिज़वान भूखा था। इसलिए वह खाने के लिए बिस्कुट लेने बाहर गया था।

रिज़वान के पिता इज़राइल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि उनका बेटा 15 अप्रैल को शाम 4 बजे अकबरपुर (टांडा) के छज्जापुर, घर का कुछ समान लेने गया था। उनके मुताबिक स्थानीय पोस्ट ऑफ़िस के पास उनके बेटे को एक पुलिस जीप ने रोका था। जीप में एक महिला पुलिस दरोगा और कुछ सिपाही मौजूद थे।

66394c83-6907-4647-aed3-cdff997526e2.jpg

मृतक रिज़वान के पिता की ओर से पुलिस को दिया गया शिकायती पत्र

इज़राइल का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रिज़वान अहमद को पकड़ लिया और लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने पर उसकी लाठियों से पिटाई शुरू कर  दी। पुलिस ने रिज़वान को इतना मारा कि वह गम्भीर रूप से घायल हो गया।

IMG_7212.jpg

मृतक रिज़वान के पिता इज़राइल

रिज़वान अहमद के पिता ने मीडिया को बताया कि जब वह घर लौटा तो उसका शरीर नीला पड़ चुका था। शरीर पर लाठियों के  निशान और सूजन थी। इज़राइल कहते हैं कि पुलिस के डर की वजह से वह अपने बेटे को डॉक्टर के पास इलाज के नहीं ले गए और उसका इलाज घरेलू दवाओं से घर पर ही किया जा रहा था।

लेकिन जब रिज़वान अहमद की तबीयत ज़्यादा बिगड़ी तो उसको परिवार वाले स्थानीय सरकारी आसोपुर अस्पताल ले गए। वहाँ के डाक्टरों ने उसे तुरंत ज़िला अस्पताल भेज दिया। जहाँ 17-18 अप्रैल की दरम्यानी रात करीब दो बजे रिज़वान की मौत हो गई।

जब मृतक के पिता इज़राइल से सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो एक स्थानीय समाजसेवी ने बताया कि उसके पिता बात करने कि स्थिति में नहीं है और न ही उनके पास मोबाइल आदि है। समाजसेवी इरफ़ान पठान के अनुसार रिज़वान अहमद कि मौत की शिकायत उसके पिता ने स्थानीय लोगों कि मदद से प्रशासन को कर दी है। पिता ने एक पत्र में सारा प्रकरण लिख कर प्रशासन को अपने अँगूठे के निशान के साथ भेजा है।

हालाँकि अभी तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई है। इरफ़ान के अनुसार पुलिस की मार और इलाज में देरी की वजह से रिज़वान के सेप्टिक भी हो गया था। उनके अनुसार पुलिस रिज़वान अहमद को पुराना बीमार बता कर मामला दबाने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है रिज़वान अहमद के परिवार ने उसकी मौत के बाद पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रयदर्शनी का कहना है कि मामले कि जांच कि जा रही है हालांकि उसके परिवार में इलाज के दौरान कोई आरोप नहीं लगाया था। सभी आरोप मौत के बात लगाए हैं।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार डॉक्टर का कहना है कि मृतक के फेफड़ों में पानी था। हालांकि पुलिस अधीक्षक आलोक प्रयदर्शनी ने माना कि रिज़वान अहमद के शरीर पर चोट के निशान भी थे। सीसीटीवी की जांच के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि जब तक मारपीट की सही जगह मालूम नहीं होगी, सीसीटीवी कि जांच नहीं हो सकती है। सारे ज़िले के सीसीटीवी की जांच करना सम्भव नहीं है। बता दें कि मृतक के पिता ने अपनी शिकायत में लिखा है कि रिज़वान अहमद को पुलिस ने स्थानीय पोस्ट ऑफ़िस के पास मारा था।

UttarPradesh
Lockdown
Coronavirus
COVID-19
UP police
Yogi Adityanath
Hunger Crisis
Corona Crisis
Lockdown crisis
poverty

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • रौनक छाबड़ा
    हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग
    15 Feb 2022
    सोमवार को हरियाणा के अलग-अलग ज़िलों से आये आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने करनाल में मुख्यमंत्री खट्टर के घर के पास एक महापड़ाव में हिस्सा लिया।
  • Muskan Khan
    राजा मुज़फ़्फ़र भट
    क्या मुस्कान इस देश की बेटी नहीं है?
    15 Feb 2022
    कर्नाटक के मांड्या के एक कॉलेज में एक युवा मुस्लिम महिला पर चिल्लाने और उन पर फब्तियां कसने के मामले पर सत्तारूढ़ व्यवस्था खामोश है। क्या उसका ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संकल्प महज एक नारा था?
  • covid-19
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 27,409 नए मामले, 347 मरीज़ों की मौत
    15 Feb 2022
    देश में कोरोना से अब तक 5 लाख 9 हज़ार 358 लोगों अपनी जान गँवा चुके हैं।
  • Gandhi
    भाषा
    चंपारण: जहां अंग्रेजों के ख़िलाफ़ गांधी ने छेड़ी थी जंग, वहाँ गांधी प्रतिमा को किया क्षतिग्रस्त
    15 Feb 2022
    पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) ने बताया कि चरखा पार्क में स्थापित प्रतिमा रविवार रात को क्षतिग्रस्त पाई गई थी और इसे जमीन पर फेंक दिया गया था।
  • paper leak
    गोविंद शर्मा
    यूपी चुनाव: योगी राज में पेपर लीक और परीक्षा-संबंधित घोटालों की कोई कमी नहीं
    15 Feb 2022
    2017 में जब योगी आदित्यनाथ राज्य के सीएम बने तो छात्रों को उम्मीद थी कि बिना किसी कुख्यात पेपर लीक के अब से स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी। पांच वर्ष बाद अब उनका दावा है कि…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License