NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आंदोलन
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
दलित बच्ची बलात्कार मामला : न्याय की मांग को लेकर जंतर मंतर पर कैंडल मार्च
सोमवार को जंतर मंतर पर दिल्ली कैंट की नौ वर्षीय बेटी को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकला गया, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं पीड़िता का परिवार दिल्ली उच्च न्यायालय की शरण में गया है और उन्होंने अदालत की देखरेख में जांच की मांग की। उन्होंने दिल्ली पुलिस की जांच पर अपना अविश्वास जताया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Aug 2021
दलित बच्ची बलात्कार मामला : न्याय की मांग को लेकर जंतर मंतर पर कैंडल मार्च

सोमवार को जंतर मंतर पर दिल्ली कैंट की नौ वर्षीय बेटी को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकला गया, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं पीड़िता का परिवार दिल्ली उच्च न्यायालय की शरण में गया है और उन्होंने अदालत की देखरेख में जांच की मांग की। उन्होंने दिल्ली पुलिस की जांच पर अपना अविश्वास जताया है। हालांकि अभी हाल ही में इस मामले में सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है कि पुजारी ने न केवल बच्ची से रेप किया बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या भी की।

हिंदी अख़बार अमर उजाला ने 14 अगस्त को एक रिपोर्ट छापी, जिसमे उन्होंने खुलासा किया कि पुजारी और उसके साथी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म के बाद उसे ये डर सताने लगा कि बच्ची सबको बता देगी। इस डर से उसने बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी।

इस रिपोर्ट में पुजारी के चरित्र को लेकर भी कई खुलासे किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुख्य आरोपी पंडित राधेश्याम रंगीन मिज़ाज का है। वह पहले भी छेड़छाड़ आदि करता रहा है। मगर मामले रफा-दफा हो गए। मामले पुलिस तक नहीं गए थे। अख़बार ने दावा किया कि अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पंडित राधेश्याम तीन मोबाइल फोन रखता था। एक ऐंड्रॉयड फोन भी था। इस फोन को उसने अश्लील फिल्मों के लिए रखा हुआ था। वारदात के बाद आरोपी को डर था कि उस मोबाइल की वजह से वह पकड़ा जाएगा, इस कारण उसने मोबाइल को चिता में फेंककर जला दिया था। 

माता पिता ने किया अदालत का रुख 

आपको बता दें दिल्ली में जिस नौ वर्षीय दलित बच्ची का कथित तौर पर बलात्कार और हत्या हुई थी, उसके माता-पिता ने अदालत की निगरानी में विशेष कार्यबल (एसआईटी) गठित करने के अनुरोध को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।

याचिका में मृतका के माता-पिता ने कहा है कि उन्हें अपराध शाखा द्वारा की जा रही जांच पर भरोसा नहीं है। हाल में घटना की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को स्थानांतरित की गई थी। मामले से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और बच्ची के माता-पिता को उचित सुरक्षा देने की भी याचना की गई है।

याचिका में प्रशासनिक गड़बड़ी की न्यायिक जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के ओल्ड नांगल गांव में दलित बच्ची की एक अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और उसके माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी का बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या की गई।

गृह मंत्री निगम चुनाव में हैदराबाद पहुंचते हैं लेकिन बीस किलोमीटर जाकर पीड़ित बच्ची के परिजनों से नहीं मिल सकते – डॉ उदित राज

सोमवार को जंतर-मंतर पर परिसंघ की तरफ से कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। जिसमे परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज, देश की जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना, समाजसेवी अनिल पासवान, प्रेम सिंह चौहान, डॉ. ऋतु सिंह समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

डॉ उदित राज ने कहा कि अगस्त को नांगल दिल्ली कैंट में 9 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की का बलात्कार करके हत्या कर दी गई। महिला वर्ग किसी भी जाति-धर्म की हो हमारे सामाजिक संरचना में उसकी स्थिति दोयम दर्जे के नागरिक की भांति ही है। जब दलित-आदिवासी महिला के मामले को देखें तो दूसरे दर्जे की भी नागरिकता की जगह नहीं है। क्या किसी और वर्ग की नाबालिग लड़की के साथ ऐसा हो सकता है कि 5:30 बजे लड़की श्मशान से पुजारी के यहाँ जाती है, उसका बलात्कार और हत्या हो जाती है। निडरता की हद पार करके बलात्कार का आरोपी पुजारी जाकर लड़की के बाप को खबर करता है कि तुम्हारी बेटी को बिजली का करेंट लगा, वो मर गयी और हमने उसको जला दिया। यह दलित और आदिवासी के साथ ही संभव है।

आगे उन्होंने कहा अगर लोग विरोध ना करते तो बच्ची को बिजली के करेंट से मरा हुआ मान लिया जाता। एक और आश्चर्य की बात है कि पुलिस ने पीड़िता के मां-बाप को पूरे दिन थाने में बिठाया और दबाव बनाया कि वो मान लें कि बच्ची की मौत बिजली के करेंट से हुयी है और कुछ पैसे ले दे कर के मामले को रफा-दफा करने का भी दवाब बनाया गया.

उदित राज ने देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रधानमंत्री के आवास से 20 किलोमीटर की दूरी पर ऐसी हृदयविदारक घटना होती है लेकिन उन्होंने इस मामले का संज्ञान तक नहीं लिया। गृह मंत्री जी निगम के चुनाव में हैदराबाद तक पहुच जाते हैं, लेकिन बीस किलोमीटर दूर जाकर पीड़ित बच्ची के परिजनों से नहीं मिल सकते हैं।

प्रदर्शनकारियो ने कहा कि जंतर-मंतर पर इस कैंडिल मार्च को करने का उद्देश्य ये है कि मुद्दे को लोगों की नजरों में बनाये रखा जाए , वरना मामला ठंडे बसते में चला जाएगा और आरोपी आज़ाद हो जाएगा। हालांकि लोग आए दिन ऐसी घटनाओं में हो रही वृद्धि से गुस्से में दिखे और कहा कि यह घटना अपने आप में अनोखी नहीं है बल्कि दिनचर्या बन गयी है।

इसके बाद त्रिलोकपुरी में भी 6 महीने की बच्ची के साथ बलात्कार हुआ और सोनीपत में घर में घुसकर घंटों एक मां के सामने ही एक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया।  

परिसंघ ने कहा कि दिल्ली कैंट की घटना निर्भया कांड से किसी मामले में कम दुर्दांत नहीं है। उस घटना को तत्कालीन प्रधानमंत्री ने इतनी गंभीरता से लिया सभी जानते हैं। निर्भया का शरीर सिंगापुर से आया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धांजलि देने खुद एयरपोर्ट पहुंचे, उसके बाद सरकार ने तमाम ठोस कदम उठाये लेकिन इस घटना का संज्ञान तक नहीं लिया गया।

प्रदर्शनकारियो ने अंत में कहा कि जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च करने का मकसद है कि दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा जल्द से जल्द सज़ा मिले, पीड़िता के परिजनों को सुरक्षा, 1 करोड़ मुआवजा, और अदालत की निगरानी में पुलिस द्वारा तथ्य, साक्ष्य एवं गवाह की सुरक्षा व्यवस्था की जाए. अन्यथा पुलिस के रवैये से इस जघन्य अपराध का भी वही हाल होगा जो अन्य मामलों में होता है।  

Dalit girl rape case
Delhi Cantt
rape case
Candle march at Jantar Mantar

Related Stories

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान: रेप के आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर दलित लड़की पर चाकू से किया हमला

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप

महाराष्ट्र: 6 महीने में 400 लोगों ने किया नाबालिग का कथित दुष्कर्म, प्रशासन पर उठे सवाल!

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में

ग्राउंड रिपोर्टः आजमगढ़ में दलित बच्ची से रेप की घटना को दबाने में लगा पुलिसिया सिस्टम, न्याय के लिए भटकता परिवार 


बाकी खबरें

  • Hijab
    अजय कुमार
    आधुनिकता का मतलब यह नहीं कि हिजाब पहनने या ना पहनने को लेकर नियम बनाया जाए!
    14 Feb 2022
    हिजाब पहनना ग़लत है, ऐसे कहने वालों को आधुनिकता का पाठ फिर से पढ़ना चाहिए। 
  • textile industry
    एम.ओबैद
    यूपी चुनावः "कानपुर की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी"
    14 Feb 2022
    "यहां की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री पर सरकार की ग़लत नीतियों की काफ़ी ज़्यादा मार पड़ी है। जमीनी हकीकत ये है कि पिछले दो साल में कोरोना लॉकडाउन ने लोगों को काफ़ी परेशान किया है।"
  • election
    ओंकार पुजारी
    2022 में महिला मतदाताओं के पास है सत्ता की चाबी
    14 Feb 2022
    जहां महिला मतदाता और उनके मुद्दे इन चुनावों में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं, वहीं नतीजे घोषित होने के बाद यह देखना अभी बाक़ी है कि राजनीतिक दलों की ओर से किये जा रहे इन वादों को सही मायने में ज़मीन पर…
  • election
    सत्यम श्रीवास्तव
    क्या हैं उत्तराखंड के असली मुद्दे? क्या इस बार बदलेगी उत्तराखंड की राजनीति?
    14 Feb 2022
    आम मतदाता अब अपने लिए विधायक या सांसद चुनने की बजाय राज्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के लिए मतदान करने लगा है। यही वजह है कि राज्य विशेष के अपने स्थानीय मुद्दे, मुख्य धारा और सरोकारों से दूर होते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 34,113 नए मामले, 346 मरीज़ों की मौत
    14 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1.12 फ़ीसदी यानी 4 लाख 78 हज़ार 882 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License