NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
पुणे में ऊंची जाति की लड़की से प्यार करने के कारण दलित युवक की हत्या!
इस घटना के बाद दलित संगठनों में गुस्से की भावना पैदा हुई है। विराज सहित हाल के दिनों में महाराष्ट्र में हुई दलितों की हत्या के विरोध में कई संगठन 15 जून को जन आक्रोश आंदोलन करने जा रहे हैं।
साकेत आनंद
11 Jun 2020
दलित युवक की हत्या

महाराष्ट्र के पुणे में एक 20 साल के दलित युवक की 7 जून को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना पुणे के पिंपरी चिंचवड़ के पिंपले सौदागर इलाके की है जहां दलित परिवार की इकलौते संतान विराज जगताप को कथित तौर पर सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने के कारण जान गंवानी पड़ी।

इस मामले में जिले के सांगवी थाने में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसमें लड़की के पिता और भाई भी शामिल हैं। सभी आरोपी पिंपले सौदागर के ही रहने वाले हैं। ये घटना लड़की के घर के पास ही हुई। विराज जगताप की मौत 8 जून को अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई।

परिवारवालों के मुताबिक, विराज जिस लड़की से प्रेम करता था, उसी ने 7 जून की रात करीब 9:30 बजे उसे कॉल करके बुलाया था। जब वो उसके घर के पास मोटरसाइकिल से पहुंचा तो एक ऑटो ने उसे टक्कर मारी जिसके बाद वो वहां गिर गया।

विराज के चचेरे भाई सागर जगताप घटना के बारे में बताते हैं, "जब उसे ऑटो से टक्कर मारा गया तो उसने भागने की भी कोशिश की। लेकिन ऑटो से निकलकर कुछ लोगों ने उसे पकड़कर अचानक लोहे की रॉड और पत्थर से पीटना शुरू कर दिया। उसे तब तक पीटा गया, जब तक वह अधमरे की हालत में नहीं हो गया।"

सागर बताते हैं कि इस घटना में लड़की के पिता जगदीश काटे, उसका बेटा सागर जगदीश काटे और लड़की के चाचा व उनके बेटे भी शामिल थे। वे कहते हैं कि पीटने की वजह सिर्फ और सिर्फ उनकी निचली जाति का होना है।  

वे आगे बताते हैं, "जब विराज को वे लोग पीट रहे थे, तो लड़की के पिता ने उससे कहा था कि तू महार मांग का लड़का है, तेरी औकात क्या है मेरी लड़की से प्यार करने की। फिर भी तू मेरी लड़की से प्यार करता है।''

सागर के मुताबिक, इस तरह के जातिवादी शब्द कहकर लड़की के पिता ने विराज के मुंह पर थूक दिया। बता दें कि पुलिस एफआईआर में भी इस घटना का जिक्र है।

अपने इकलौते बेटे को खोने के बाद विराज की मां रेशमा जगताप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुताबिक, वो कभी ठीक होती हैं, लेकिन फिर विराज के वापस आने की भी बात करने लगती हैं।

विराज के चाचा जितेश जगताप मां के बारे में बताते हैं कि उनकी हालत अभी ठीक नहीं है। वो आपसे क्या बात करेगी, ये उन्हें भी समझ में नहीं आएगा। वे कहते हैं, "आप पूछेंगे कि विराज को क्या हो गया तो वह बताएगी, विराज तो ठीक है। वो घर पर आ रहा है। अचानक हुई मौत के कारण उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है।"

हालांकि एक मराठी चैनल ने मां के बयान को दिखाया था, उसके मुताबिक रेशमा जगताप रोते हुए कह रही हैं, "मेरा उसके अलावा कोई नहीं था, मेरा वही इकलौता लड़का था। वो जब 9 महीने का था तो उसके पिता की मौत हो गई थी। अभी अप्रैल में ही मेरा बेटा 20 साल का हुआ। आज मेरी आखें उसे ढूंढ रही हैं लेकिन कहीं नहीं दिख रहा वो। इसके आरोपी को फांसी की सजा होनी चाहिए"
 
सागर जगताप के अनुसार, विराज को बुरी तरह पीटने के बाद लड़की के चाचा ने ही कॉल कर घटना के बारे में बताया और कहा, 'हमने इसको मारा है, इसको यहां से ले जाओ।'

परिवार वाले 7 जून की रात को घटनास्थल पर पहुंचकर विराज को अस्पताल लेकर गए। सागर ने कहा कि उसी रात वे लोग पुलिस स्टेशन भी शिकायत करने गए थे, लेकिन पुलिस ने एफआईआर नहीं लिखी थी। उन्होंने बताया कि अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी नहीं मिली है।

सागर के मुताबिक, "7 जून को थाने में कहा गया कि जब अस्पताल से सूचना मिलेगी तभी केस दर्ज होगा। अगले दिन 8 जून को अस्पताल के बाहर कई लोग इकट्ठा हो गए और एफआईआर दर्ज करने का दबाव बनाया। करीब दोपहर 3:30 बजे जब विराज की मौत हो गई, उसके बाद ही पुलिस वाले ने एफआईआर दर्ज की।"

एफआईआर के कागज पर लिखी तारीख और समय बताती है कि रिपोर्ट 8 जून को रात 11:24 बजे दर्ज की गई।

विराज के फुफेरे भाई प्रणव गायकवाड़ बताते हैं कि उसका उस लड़की के साथ स्कूल के समय से ही प्रेम संबंध था। फोन पर भी लगातार बात होती रहती थी।

विराज ने कुछ साल पहले अपना ट्रांसपोर्ट का बिजनेस शुरू किया था, वो अपनी गाड़ियों को प्राइवेट कंपनियों में भाड़े पर लगाता था। प्रणव बताते हैं कि विराज बीए पार्ट-2 में पढ़ाई भी कर रहा था और अपना बिजनेस भी करता था। वे कहते हैं, "सबकुछ सही चल रहा था, लेकिन इन जातिवादी लोगों ने उसे बुरी तरीके से मार दिया।"

इस प्रेम संबंध के बारे में विराज के चाचा जितेश जगताप को इससे पहले ज्यादा जानकारी नहीं थी। घटना के बाद उन्हें घर के अन्य लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले भी विराज को लड़की के भाई ने जातिवादी गाली देकर और धमकाते हुए कहा था कि, "मैं तुम्हें देख लूंगा।"

जितेश बताते हैं कि पुलिस ने मामले में अभी तक अच्छा काम किया है। उनके मुताबिक, जिस सड़क पर उसे मारा गया, पुलिस ने वहां का सीसीटीवी फुटेज निकाल लिया है।

हालांकि सागर यह भी बताते हैं कि उन्हें पता चला है कि लड़की ने थाने में दबाव में आकर बयान दिया है कि ये (प्यार) एकतरफा था, उसकी तरफ से कोई रिश्ता नहीं था। वे कहते हैं, "जबकि मेरे भाई के फोन पर उसका हमेशा कॉल आता था।"

एफआईआर के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों, हेमंत कैलास काटे, सागर जगदीश काटे, रोहित जगदीश काटे, कैलास मुरलीधर काटे, जगदीश मुरलीधर काटे (लड़की के पिता) और हर्षद कैलास काटे को नामजद किया है।

fir_0.jpg

इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-302, 143, 147, 148, 149 सहित अनुसूचित जाति (अत्याचार प्रतिबंध) अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(va), 3(2), 6 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1) और 135 के तहत केस दर्ज किया गया है।

इस मामले के जांच अधिकारी और पिंपरी चिंचवड़ इलाके के एसीपी श्रीधर जाधव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। केस की मौजूदा स्थिति और एफआईआर में देरी से जुड़े सवाल उन्हें मैसेज के जरिये भेजा गया है, जवाब आने पर उसे स्टोरी में जोड़ दिया जाएगा।

दलित संगठनों में रोष

पुणे शहर में हुई इस घटना के बाद दलित संगठनों में गुस्से की भावना पैदा हुई है। विराज सहित हाल के दिनों में महाराष्ट्र में हुई दलितों की हत्या के विरोध में कई संगठन 15 जून को जन आक्रोश आंदोलन करने जा रहे हैं।

रिपब्लिकन युवा मोर्चा के अध्यक्ष और मुखर दलित कार्यकर्ता राहुल दांबले इस घटना की जांच को लेकर पुलिस पर भी सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा, "पुलिस ने इस मामले को शुरू में दबाने की कोशिश की। उसे मारकर लहूलुहान कर दिया गया, वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझ रहा था फिर भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।"

राहुल कहते हैं कि जब विराज जिंदा था, अगर उस वक्त उसका बयान लिया गया होता और सही से कार्रवाई हो सकती थी।

वे बताते हैं, "लॉकडाउन अवधि में महाराष्ट्र में तकरीबन 10 दलितों की हत्या हुई है और महाराष्ट्र सरकार इस पर अब तक चुप्पी साधी हुई है। ये काफी निंदनीय है। 15 जून को हम बड़े स्तर पर दलित अत्याचार के खिलाफ आंदोलन करेंगे, जिसमें दलित समाज के अलावा भी कई लोग हिस्सा लेंगे।"

दलित पैंथर्स के केंद्रीय कार्य अध्यक्ष यशवंत नडगाम कहते हैं कि उनका संगठन इस हत्या का बड़े स्तर पर विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमने दलित पैंथर्स की तरफ से मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है कि फास्ट ट्रैक तरीके से इसकी जांच हो। अगर कुछ ना हो तो सीबीआई को ये मामला सौंपा जाय। ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र में हर जगह हो रही हैं। अब पुणे शहर में हुआ है, जो आगे बड़ा मामला बनने वाला है।"

दलितों पर बढ़ रहे हमले पर यशवंत बीजेपी के ऊपर भी आरोप लगाते हैं। वे कहते हैं, "महाराष्ट्र की सत्ता बीजेपी के हाथ से गई तो उसके पेट में जलन हो रही है। दलितों पर जो हमले बढ़े हैं उसमें बीजेपी का भी बहुत बड़ा रोल है। पार्टी सोचती है कि ऐसी घटनाओं से सरकार की बदनामी होगी।"

वहीं इस घटना पर वंचित बहुजन अघाडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दलित कार्यकर्ता प्रकाश अंबेडकर ने भी ट्वीट कर हमलावरों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

(साकेत आनंद स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Pune
murder
Caste Violence
Caste Problem
Dalits
Attack on dalits

Related Stories

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

यूपी: प्रयागराज सामूहिक हत्याकांड में पुलिस की जांच पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

यूपी: प्रयागराज हत्या और बलात्कार कांड ने प्रदेश में दलितों-महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठाए सवाल!

जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या

पड़ताल: जौनपुर में 3 दलित लड़कियों की मौत बनी मिस्ट्री, पुलिस, प्रशासन और सरकार सभी कठघरे में

राजस्थान में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमिलनाडु में चाकू से हमला कर ली जान

बिजनौर: क्या राष्ट्रीय स्तर की होनहार खिलाड़ी को चुकानी पड़ी दलित-महिला होने की क़ीमत?

महाराष्ट्र: ‘काला जादू’ के शक में 7 दलितों की पिटाई, 70 साल के बुजुर्ग को भी नहीं छोड़ा


बाकी खबरें

  • yogi
    एम.ओबैद
    सीएम योगी अपने कार्यकाल में हुई हिंसा की घटनाओं को भूल गए!
    05 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में एक बार फिर कहा कि पिछली सरकारों ने राज्य में दंगा और पलायन कराया है। लेकिन वे अपने कार्यकाल में हुए हिंसा को भूल जाते हैं।
  • Goa election
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोवा चुनाव: राज्य में क्या है खनन का मुद्दा और ये क्यों महत्वपूर्ण है?
    05 Feb 2022
    गोवा में खनन एक प्रमुख मुद्दा है। सभी पार्टियां कह रही हैं कि अगर वो सत्ता में आती हैं तो माइनिंग शुरु कराएंगे। लेकिन कैसे कराएंगे, इसका ब्लू प्रिंट किसी के पास नहीं है। क्योंकि, खनन सुप्रीम कोर्ट के…
  • ajay mishra teni
    भाषा
    लखीमपुर घटना में मारे गए किसान के बेटे ने टेनी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का इरादा जताया
    05 Feb 2022
    जगदीप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने उन्हें लखीमपुर खीरी की धौरहरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि वे 2024 के लोकसभा…
  • up elections
    भाषा
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पहला चरण: 15 निरक्षर, 125 उम्मीदवार आठवीं तक पढ़े
    05 Feb 2022
    239 उम्मीदवारों (39 प्रतिशत) ने अपनी शैक्षणिक योग्यता कक्षा पांच और 12वीं के बीच घोषित की है, जबकि 304 उम्मीदवारों (49 प्रतिशत) ने स्नातक या उससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता घोषित की है।
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    "चुनाव से पहले की अंदरूनी लड़ाई से कांग्रेस को नुकसान" - राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह
    05 Feb 2022
    पंजाब में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार की घोषणा करना राहुल गाँधी का गलत राजनीतिक निर्णय था। न्यूज़क्लिक के साथ एक खास बातचीत में राजनीतिक विशेषज्ञ जगरूप सिंह ने कहा कि अब तक जो मुकाबला…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License