NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
भारत
राजनीति
राजस्थान में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमिलनाडु में चाकू से हमला कर ली जान
दलित समाज के लोगों पर हमलों की घटना लगातार सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां राजस्थान के हुनुमानगढ़ जिले में दलित युवक जगदीश की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, वहीं तमिलनाडु के तंजावुर में दलित युवक प्रभाकरण की चाकू से हमला कर हत्या करने का मामला सामने आया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Oct 2021
attack on dalit
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गुरुवार को एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। युवक की पिटाई करते हुए आरोपियों ने कथित तौर पर एक वीडियो भी बनाया जिसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। इस वीडियो में कई आरोपी देखे जा सकते हैं जो युवक को जमीन पर गिराए हुए हैं और उसको बुरी तरह लाठी डंडो से पीट रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक आरोपी युवक के गर्दन पर अपना घुटना रखे हुए है और अन्य आरोपी उसे पीट रहे हैं। ये लोग इस दलित युवक को उस वक्त तक पीटते रहे जब तक युवक की जान नहीं निकल गई। युवक की पहचान प्रेमपुरा गांव के रहने वाले जगदीश मेघवाल (29) के रुप में की गई है।

इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने जगदीश के शव को उसके घर के सामने फेंक दिया। जगदीश के पिता बनावरीलाल मेघवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “प्रेमपुरा के रहने वाले विनोद, मुकेश, लालचंद उर्फ रामेश्वर, सिकंदर और दिलीप राजपूत दो मोटरसाइकिल से आए। वे जगदीश के शव को हमारे घर के सामने फेंक गए। मैंने उसे उठाने की कोशिश की लेकिन उसकी सांस नहीं चल रही थी।”

ये भी पढ़ें: यूपीः मिड-डे मील भोजन के दौरान दलित बच्चों से भेदभाव का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस घटना को लेकर अपहरण, हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कहा, ग्यारह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार ओडे, दिलीप कुमार, सिकंदर और हंसराज के रूप में हुई है।

मृतक जगदीश के पिता बनवारीलाल ने कहा कि जगदीश गुरुवार दोपहर करीब 1.30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि वह सूरतगढ़ जा रहा है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया हो और घर आने के रास्ते में उसे पीट-पीट कर मार डाला हो।

घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने थाने के सामने धरना दिया और कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक जगदीश के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

हनुमानगढ़ के पीलीबंगा थाने के सीआई इंद्र कुमार ने कहा, 'परिवार को आश्वासन दिया गया है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा और जो भी आरोपी है उसे बख्शा नहीं जाएगा।'

पिछले महीने ही एक दलित युवक की हुई हत्या 

पिछले महीने ही राजस्थान के अलवर में एक दलित युवक योगेश की उस समय पीट-पीट कर हत्या कर दी गई जब वह अपनी बाइक से जा रहा था। रास्ते में एक गड्ढे से बचने के चलते उसकी बाइक गलती से एक महिला से टकरा गई। वहां पर भीड़ जमा हो गई उसे बुरी तरह पीटने लगी जिससे वह बेहोश हो गया। योगेश की बाद में मौत हो गई।

तमिलनाडु में दलित युवक की चाकू से हमला कर हत्या

तमिलनाडु के तंजावुर में गैर-दलित समाज के लोगों ने 24 वर्षीय दलित युवक की चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार इस मामले में मणिकंदन और उसके दोस्त कार्थी को गिरफ्तार किया गया है और एससी/एसटी अधिनियम सहित पांच धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ये भी पढ़ें: मासूम दलित के मंदिर में प्रवेश पर परिवार पर 25 हज़ार रूपये का जुर्माना!

ये घटना शनिवार 9 अक्टूबर की शाम के समय की है जब कमचीपुरम के पास कोनुलमपल्लम रोड पर प्रभाकरण और उसके दोस्त दयानिधि और दोनों आरोपी का सामना हुआ। पुलिस ने कहा कि मणिकंदन ने कार्थी को कुछ मामलों पर चर्चा करने के लिए वेट्टामंगलम गांव के निवासी प्रभाकरण को लाने के लिए कहा था। 

प्रभाकरण की बड़ी बहन ई. प्रियंका द्वारा पंथनल्लूर पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक मणिकंदन और कार्थी दोनों ने अचानक प्रभाकरण पर शराब की बोतल से हमला कर दिया और उस पर चाकू से वार कर दिया। यह बात उन्हें दयानिधि ने बताई जो घटना स्थल से जान बचाकर भाग गई। जल्द ही उसके रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभाकरण को कमचीपुरम पीएचसी ले गए जहां से उसे कुंबकोणम जीएच में भेज दिया गया लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि प्रभाकरण और सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली मणिकंदन की 17 वर्षीय बेटी के बीच प्रेम प्रसंग था। यह पता चलने पर कमचीपुरम पश्चिम मराठुराई का निवासी और पेशे से वेल्डर मणिकंदन ने प्रभाकरण को चेतावनी दी थी कि अगर उसने इसे जारी रखा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ये भी पढ़ें : दलित एवं मुस्लिम बच्चों के बौने होने के जोखिम ज्यादा

शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर एसआर ओम प्रकाश ने शिकायत दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है। तिरुविदैमरुथुर के पुलिस उपाधीक्षक एस वेत्रिवेंथन ने मीडिया को बताया कि आरोपियों पर धारा 342, 324, 302, 109 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम 2015 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दलितों के ख़िलाफ़ अपराध में वृद्धि

हाल ही में जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 में दलितों के खिलाफ अपराध के देश भर में 50,291मामले दर्ज किए गए थे। वर्ष 2019 की तुलना में इन अपराधों में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। साल 2019 में एससी के खिलाफ किए गए अपराधों के मामले में कुल 45,961 मामले दर्ज किए थे। वहीं वर्ष 2018 में इनके खिलाफ किए गए अपराध के 42,793 मामले सामने आए थे। राजस्थान में साल 2020 में दलितों के खिलाफ अपराध के 7,368 मामले सामने आए थे। 

ये भी पढ़ें: आगरा में दलित महिला का शव चिता से हटवाने की घटना : मायावती ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

Rajasthan
Tamilnadu
Attack on dalits
Dalits
dalit lives matter
Casteism

Related Stories

विचारों की लड़ाई: पीतल से बना अंबेडकर सिक्का बनाम लोहे से बना स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

सिवनी मॉब लिंचिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरे आदिवासी, गरमाई राजनीति, दाहोद में गरजे राहुल

बागपत: भड़ल गांव में दलितों की चमड़ा इकाइयों पर चला बुलडोज़र, मुआवज़ा और कार्रवाई की मांग

मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे

गुजरात: मेहसाणा कोर्ट ने विधायक जिग्नेश मेवानी और 11 अन्य लोगों को 2017 में ग़ैर-क़ानूनी सभा करने का दोषी ठहराया


बाकी खबरें

  • doctor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार : गया ज़िले में 15 लाख से ज़्यादा की महिला आबादी पर केवल 24 महिला डॉक्टर
    19 Nov 2021
    बिहार में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ़ की भारी कमी है साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का भी अभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों की हालत तो बद से बदतर है। नीति आयोग की 2019 के हेल्थ इंडेक्स में 21 राज्यों की सूची में…
  •  Savita is the captain of Indian hockey team in Asian Champions Trophy, Rani rested
    भाषा
    एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में सविता भारतीय हॉकी टीम की कप्तान, रानी को आराम
    19 Nov 2021
    टूर्नामेंट दक्षिण कोरिया के डोंगाइ में पांच से 12 दिसंबर तक खेला जायेगा। भारत को पहले ही दिन अभियान की शुरूआत करनी है। टूर्नामेंट में चीन, कोरिया, जापान, थाईलैंड, मलेशिया भी भाग ले रहे हैं।
  • kisan andolan
    शंभूनाथ शुक्ल
    कृषि क़ानूनों की वापसी : कोई भी जनांदोलन बेकार नहीं जाता
    19 Nov 2021
    किसानों के इस आंदोलन ने बिहार के तीसा आंदोलन और उत्तर प्रदेश में बाबा रामचंदर द्वारा चलाए गए किसान आंदोलन की यादें ताज़ा कर दीं। उन्हें एक साल बाद अपने उद्देश्य में सफलता मिली।
  • cartoon
    लाल बहादुर सिंह
    त्वरित टिप्पणी: विशुद्ध चुनावी है मोदी जी का यू-टर्न, लेकिन किसानों की जंग अभी जारी है
    19 Nov 2021
    जाहिर है किसानों ने 3 कानूनों की लड़ाई जीत ली है, लेकिन कृषि के विकास के कारपोरेट रास्ते के ख़िलाफ़ किसान-रास्ते की विजय का युद्ध अभी बाकी है।
  • farmers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत: तीनों कृषि क़ानून रद्द, लेकिन अभी कई सवाल बाक़ी
    19 Nov 2021
    ‘‘ आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा। सरकार, एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करे।’’
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License