NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
गर्भवती महिला की मौत : जांच कमेटी ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी, कार्रवाई की सिफ़ारिश
रिपोर्ट में कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों की लापरवाही को महिला की मौत का जिम्मेदार बताया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
भाषा
09 Jun 2020
गर्भवती महिला की मौत
Image courtesy: The Logical Indian

नोएडा: प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद अस्पताल-अस्पताल भटकने के बावजूद उपचार के अभाव में नौ महीने की गर्भवती महिला की पांच जून की रात को हुई मौत के मामले की जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को मंगलवार को सौंप दी। रिपोर्ट में कई सरकारी एवं निजी अस्पतालों की लापरवाही को महिला की मौत का जिम्मेदार बताया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफ़ारिश की गई है।

जिला सूचना अधिकारी राकेश चौहान ने बताया कि गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी निवासी गर्भवती महिला नीलम पत्नी विजेंद्र की चार दिन पहले उपचार के अभाव में जनपद गौतम बुद्ध नगर में मौत हो गई थी।

इसे पढ़ें : यूपी: आख़िर क्यों 13 घंटे अस्पतालों के चक्कर लगाती गर्भवती को किसी ने भर्ती नहीं किया?

उन्होंने बताया कि नीलम के परिजनों का आरोप था कि उन्होंने सेक्टर 24 स्थित ईएसआईसी अस्पताल से लेकर ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल, जिला अस्पताल और कई निजी अस्पतालों में गर्भवती महिला को उपचार नहीं मिला और उसकी मौत हो गई।

सूचना अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने अपर जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की थी।

कमेटी की जांच के आधार पर जिलाधिकारी ने ईएसआईसी अस्पताल सेक्टर 24 के निदेशक एवं उपचार व रेफर करने वाले चिकित्सक, एंबुलेंस के चालक को उत्तरदाई माना है। उत्तरदाई अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए प्रमुख सचिव श्रम उत्तर प्रदेश शासन एवं सचिव श्रम विभाग भारत सरकार नई दिल्ली तथा डीजी राजकीय कर्मचारी जीवन बीमा निगम लखनऊ को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया गया है।

उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया है कि ईएसआईसी अस्पताल सेक्टर 24 में सारी सुविधाएं तथा वेंटिलेटर की उपलब्धता के बावजूद नीलम को कोविड-19 का संदिग्ध मानकर उपचार नहीं किया गया और उसे राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ग्रेटर नोएडा रेफर दिया गया, उसे एंबुलेंस द्वारा जिला अस्पताल सेक्टर 30 नोएडा में ले जाकर बाहर छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि मरीज को अस्पताल के किसी डॉक्टर या कर्मचारी के हवाले नहीं किया गया।

सूचना अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी पाया गया कि उक्त मरीज को जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर करने से पहले समन्वय स्थापित नहीं किया गया। मरीज को रेफर करने के लिए ड्यूटी पर तैनात संविदा कर्मियों द्वारा निर्णय लिया गया, जबकि यह निर्णय सक्षम अधिकारी द्वारा लिया जाना चाहिए था।

उन्होंने बताया कि इस बात के लिए संबंधित कर्मचारी उत्तरदाई हैं। उनके द्वारा वरिष्ठ अधिकारी को बिना बताए स्वयं मरीज को वापस कर दिया गया, इस प्रकार की घटनाओं की सूचना निरंतर मिलती रहती है। जिस पर कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को बार-बार निर्देशित किया जाता रहा है, परंतु उनके द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण घटनाओं की पुनरावृत्ति होती जा रही है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में चल रही कोविड-19 महामारी के समय ऐसी स्थिति उचित नहीं है। सूचना अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सेक्टर 30 स्थित जिला अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स रोज वाला और अन्य कर्मचारी अनीता के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर तैनात डॉक्टर वंदना शर्मा का स्थानांतरण करते हुए, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पद पर किसी योग्य अधिकारी की तैनाती करने के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश शासन को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है।

सूचना अधिकारी ने बताया कि मरीज को लेकर उसका परिवार कई निजी अस्पतालों में भी गया, लेकिन उन्होने बिस्तर उपलब्ध नहीं है का बहाना बनाकर उसे वापस भेज दिया, ऐसे में समय पर उपचार नहीं होने से महिला की मौत हो गई।

उन्होने बताया कि कमेटी ने अपनी जांच में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सालय के प्रबंधन एवं उस समय तैनात अधिकारियों/ कर्मचारियों को दोषी बताया है। इस संबंध में कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतम बुद्ध नगर को पत्र लिखा गया है।

Pregnant Women Dies
UttarPradesh
health system
UP hospitals
Yogi Adityanath
noida

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी में  पुरानी पेंशन बहाली व अन्य मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों का प्रदर्शन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?

मलियाना नरसंहार के 35 साल, क्या मिल पाया पीड़ितों को इंसाफ?

यूपी: बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच करोड़ों की दवाएं बेकार, कौन है ज़िम्मेदार?

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव का समीकरण

ख़ान और ज़फ़र के रौशन चेहरे, कालिख़ तो ख़ुद पे पुती है


बाकी खबरें

  • भाषा
    किसी को भी कोविड-19 टीकाकरण कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता : न्यायालय
    02 May 2022
    पीठ ने कहा, “संख्या कम होने तक, हम सुझाव देते हैं कि संबंधित आदेशों का पालन किया जाए और टीकाकरण नहीं करवाने वाले व्यक्तियों के सार्वजनिक स्थानों में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाए। यदि पहले से…
  • नाइश हसन
    कितने मसलक… कितनी टोपियां...!
    02 May 2022
    सुन्नी जमात हैं तो गोल टोपी... बरेलवी से हैं तो हरी टोपी...., अज़मेरी हैं तो ख़ादिम वाली टोपी.... जमाती होे तो जाली वाली टोपी..... आला हज़रत के मुरीद हों तो लम्बी टोपी। कौन सी टोपी चाहती हैं आप?
  • शिरीष खरे
    कोरोना महामारी अनुभव: प्राइवेट अस्पताल की मुनाफ़ाखोरी पर अंकुश कब?
    02 May 2022
    महाराष्ट्र राज्य के ग़ैर-सरकारी समूहों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर अब बड़ी तादाद में शिकायतें कोरोना उपचार के लिए अतिरिक्त खर्च का आरोप लगाते हुए दर्ज कराई गई हैं। एक नजर उन प्रकरणों पर जहां कोरोनाकाल…
  • सुबोध वर्मा
    पेट्रोल/डीज़ल की बढ़ती क़ीमतें : इस कमर तोड़ महंगाई के लिए कौन है ज़िम्मेदार?
    02 May 2022
    केंद्र सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सभी राज्य सरकारों द्वारा करों के माध्यम से कमाए गए 14 लाख करोड़ रुपये की तुलना में केवल उत्पाद शुल्क से ही 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है।
  • ज़ाहिद खान
    सत्यजित रे : सिनेमा के ग्रेट मास्टर
    02 May 2022
    2 मई, 1921 को कोलकाता में जन्मे सत्यजित रे सिनेमा ही नहीं कला की तमाम विधाओं में निपुण थे। उनकी जयंती पर पढ़िये यह विशेष लेख।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License