NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
किसान नेताओं का ऐलान- हम निर्णायक लड़ाई के लिए दिल्ली आए हैं
किसान अपनी समस्याओं और चिंताओं को लेकर दिल्ली आए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री दिल्ली से 850 किलोमीटर से भी ज़्यादा दूर वाराणसी में जाकर कह रहे हैं कि कोई समस्या नहीं है, किसानों को बहकाया गया है। इससे साफ़ है कि फिलहाल इस मसले का कोई हल नहीं निकलने जा रहा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Nov 2020
किसान

केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों ने सोमवार को कहा कि वे ‘‘निर्णायक’’ लड़ाई के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। लेकिन फिलहाल किसानों की मांगों का कोई समाधान आसपास नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जो कहा उससे साफ लगता है कि मोदी सरकार मानती है कि इन तीन नए कानूनों से कोई समस्या नहीं है, बल्कि किसानों को बहकाया गया है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक दिन के वाराणसी दौरे के दौरान एक सभा में अपनी सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों को किसानों के लाभ के कानून बताया और कहा कि किसानों के साथ छल किया गया है, यही वजह है कि किसान आशंकित हैं। इसी का लाभ उठाकर उन्हें बहकाया जा रहा है। इसी तरह की बातें उन्होंने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहीं थीं। इस तरह साफ है कि जब सरकार यह मानती ही नहीं कि इन कानूनों से कोई दिक्कत है और किसान अपनी जायज मांगों को लेकर आए हैं तो फिर बातचीत से क्या हल होना है। क्योंकि हल तभी होता है जब समझा जाए कि कोई समस्या है। सरकार के लिए तो सिर्फ किसानों का दिल्ली आना समस्या है। और वो इसे ही हल करना चाहती है।   

उधर, प्रदर्शनकारी किसानों के एक प्रतिनिधि ने सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनके ‘‘मन की बात’’ सुनें।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी मांगों से समझौता नहीं कर सकते।’’

किसानों के प्रतिनिधि ने दावा किया कि यदि सत्तारूढ़ पार्टी उनकी चिंता पर विचार नहीं करती तो उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां निर्णायक लड़ाई के लिए आए हैं।’’

वहीं, एक अन्य किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि आंदोलन को ‘‘दबाने’’ के लिए अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लगभग 31 मामले दर्ज किए गए हैं।

चढूनी ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, किसानों का प्रदर्शन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसान संगठनों से बुराड़ी मैदान पहुंचने की अपील की थी और कहा था कि वहां पहुंचते ही केन्द्रीय मंत्रियों का एक उच्चस्तरीय दल उनसे बातचीत करेगा।

किसानों के 30 से अधिक संगठनों की रविवार को हुई बैठक में किसानों के बुराड़ी मैदान पहुंचने पर तीन दिसम्बर की तय तारीख से पहले वार्ता की केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पेशकश पर बातचीत की गयी, लेकिन हजारों प्रदर्शनकारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकारने से मना कर दिया और सर्दी में एक और रात सिंघू तथा टीकरी बार्डरों पर डटे रहने की बात कही।

उनके प्रतिनिधियों ने कहा था कि उन्हें शाह की यह शर्त स्वीकार नहीं है कि वे प्रदर्शन स्थल बदल दें। उन्होंने दावा किया था कि बुराड़ी मैदान एक ‘खुली जेल’ है।

(समाचार एजेंसी भाषा के कुछ इनपुट के साथ) 

Farmer protest
DILLI CHALO
Singhu Border
Narendra modi
Amit Shah
Farm bills 2020

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

पंजाब: आप सरकार के ख़िलाफ़ किसानों ने खोला बड़ा मोर्चा, चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर डाला डेरा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान


बाकी खबरें

  • Nitish kumar
    मीना तिवारी
    नीतीश कुमार का समाज सुधार अभियान: सवालों से मुंह चुराने की ओट
    21 Jan 2022
    राष्ट्रीय स्तर पर बाल विवाह की दर घट रही है लेकिन बिहार के 10 जिलों में बाल विवाह की दर में बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं दहेज मृत्यु के मामले में बिहार देश में दूसरे नंबर पर है।
  • RAHUL PRIYANKA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    कांग्रेस का ‘युवा घोषणापत्र’ जारी, ‘नया उत्तर प्रदेश’ बनाने का वादा 
    21 Jan 2022
    प्रियंका ने यह भी साफ किया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन के लिए विपक्षी दलों के गठबंधन की परिस्थिति पैदा होने पर उनकी पार्टी इस पर विचार करेगी।
  • morocco
    पीपल्स डिस्पैच
    मोरक्को में "द डेमोक्रेटिक वे" पर हो रही दमनकारी कार्रवाई
    21 Jan 2022
    मोरक्को में वामपंथी संगठन द डेमोक्रेटिक वे को एक बेहद अहम कांग्रेस करने से रोक दिया गया है। लंबे समय से राज्य द्वारा इस संगठन के ख़िलाफ़ हो रहे दमन की घटनाओं में यह हालिया घटना है।
  • Kalicharan
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    महात्मा गांधी पर टिप्पणी : कालीचरण को पुणे की अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
    21 Jan 2022
    पिछले साल 26 दिसंबर को रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में महात्मा गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी कालीचरण के खिलाफ प्राथमिकी…
  • 2022 ICC Under-19 Cricket World Cup
    भाषा
    इंग्लैंड और पाकिस्तान क्वार्टर फाइनल में, बांग्लादेश ने जीत से वापसी की
    21 Jan 2022
    बासेटेरे के कोनारी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गये मैच में मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश ने कनाडा को आठ विकेट से हराकर वापसी की। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License