NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन
ये सभी पिछले माह 39 दिन लंबे चली हड़ताल के दौरान की गई कार्रवाई और बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कर्मियों को बर्खास्त किए जाने से नाराज़ थे। इसी के खिलाफ WCD के हेडक्वार्टस आई.एस.बी.टी कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Apr 2022
दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

मंगलवार 12 अप्रैल 2022 को दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स यूनियन (DAWHU) के बैनर तले आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने महिला एवं बाल विकास (WCD) दिल्ली सरकार मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। ये सभी पिछले माह 39 दिन लंबे चली हड़ताल के दौरान की गई कार्रवाई और बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कर्मियों को बर्खास्त किए जाने से नाराज़ थे। इसी के खिलाफ WCD के हेडक्वार्टस आई.एस.बी.टी कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में बढ़ी संख्या में टर्मिनेट आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स ने हिस्सा लिया। यूनियन के नेताओ ने अपने बयान में कहा कि प्रदर्शन से पूर्व, प्रदर्शन के आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने काफ़ी अड़चने डालीं। परंतु आंगनवाड़ी कर्मी प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। वे सभी मन पक्का करके आये थे कि वे अधिकारियों से बिना मिले नहीं जायेंगे।

9 मार्च को, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) को छह महीने के लिए लागू कर दिया, जिससे आंगनवाड़ी कर्मी को उनके द्वारा प्रदान की गई सेवाओं को "आवश्यक" घोषित करते हुए हड़ताल पर जाने से रोक दिया गया।  

राष्ट्रीय राजधानी में 10,000 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जहां प्रत्येक केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की मदद से समुदाय में स्थानीय महिलाओं और बच्चों की देखभाल एंव जरूरतों को पूरा किया जाता है।

31 जनवरी को, उनमें से अधिकांश, दिल्ली राज्य आंगनवाड़ी सहायिकाओं और श्रमिक संघ (DSAWHU) नामक एक अन्य संघ के बैनर तले,  अपनी मांगों के लिए दबाव बनाने के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चलीं गईं थी। उनकी मांगों में, सबसे ऊपर, मासिक मानदेय में पर्याप्त वृद्धि और साथ ही पुराने मानदेय वृद्धि के पूर्ण बकाया के भुगतान की भी मांग थी। जो  2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रमिकों और सहायकों को वादा किया था।

इसके बाद,  DAWHU के नेतृत्व में भी आंगनवाड़ीकर्मियों का एक अन्य वर्ग भी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया था।  

आंगनवाड़ी कर्मियों के इस प्रदर्शन को मज़दूरों के केंद्रीय संगठन सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन के दिल्ली राज्य महासचिव अनुरग सक्सेना, मज़दूर नेता एच सी पन्त, दिल्ली आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की महासचिव कमला व अन्य यूनियन नेताओं ने संबोधित किया। सम्बोधन चल ही रहा था तभी डायेक्टर रश्मि सिंह व डिप्टी डायरेक्टर नव्लेन्द्र कुमार सिंह ने यूनियन के नेताओं को बुलाकर वर्ता की, जिसमें टर्मिनेट वर्कर के नेता सहित संगठन शामिल हुये। डेलीगेशन ने सारी बात रखीं। उसके बाद अधिकारियों ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया और मसले को सुलझाने के लिए बुधवार 13 अप्रैल 2022  प्रिंसिपल सचिव से वार्ता का आश्वासन दिया ।
इस प्रदर्शन में कर्मचारियों मुख्य मांग इस प्रकार थीं -

 

1.     टर्मिनेट किये हुये 991 आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स की नौकरी बहाल की जाये।

2.    एस्मा तुरंत हटाया जाये।

3.    तीन महीने से आंगनवाड़ी कर्मचारियों को वेतन व सेंटर के किराये का भुगतान नहीं हुआ है उसका तुरंत भुगतान किया जाये।

अनुराग सक्सेना ने कहा कि मंगलवार को DAWHU  के एक प्रतिनिधिमंडल ने WCD के निदेशक रश्मि सिंह और डब्ल्यूसीडी के संयुक्त निदेशक नवेंद्र कुमार सिंह से मुलाकात की। उन्होंने न्यूज़क्लिक को बताया, "हमने सरकारी अधिकारियों से एस्मा को वापस लेने और बर्खास्त किए गए लोगों (आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं) को उनके काम पर वापस लेने की मांग रखी है । "
 

कमला ने भी  मंगलवार को न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि  कई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को "गलत तरीके से बर्खास्त" कर दिया गया है, जबकि उन्होंने  सरकार के निर्देशों का पालन किया है । उन्होंने आगे दावा किया कि "हमारे पास उन महिलाओं की सूची है जो 9 मार्च से पहले अपने केंद्रों में शामिल हुई थीं, और फिर भी उन्हें टर्मिनेशन नोटिस प्राप्त हुए।"  

WCD अधिकारियों के साथ मंगलवार की बैठक को "सकारात्मक" बताते हुए, कमला ने कहा कि डब्ल्यूसीडी अधिकारी आने वाले दिनों में अपनी विभाग-स्तरीय बैठकों में इस मामले को उठाने के लिए सहमत हुए। उन्होंने कहा कि “हमने सरकार से पिछले तीन महीनों से लंबित मानदेय जारी करने की भी मांग की। हमें विश्वास है कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए दिल्ली में आंगनबाडी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।

Delhi Anganwadi Workers and Helpers Union
Women and Child Development Department
Anganwadi Workers
Delhi
aam aadmi party
Workers Strike

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

लंबे संघर्ष के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायक को मिला ग्रेच्युटी का हक़, यूनियन ने बताया ऐतिहासिक निर्णय

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर


बाकी खबरें

  • मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्य प्रदेश: सीपीएम का विधानसभा पर धरना, कोरोना मृतकों के परिजनों को राहत और मुआवज़ा देने की मांग
    11 Aug 2021
    सीपीएम ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण, संदिग्ध संक्रमण, अन्य बीमारियों में इलाज न मिल पाने की वजह से हुयी समस्त मौतों को इस राहत की श्रेणी में लिया जाए।
  • trans
    एनआईएफ तीन अनुवाद फेलोशिप प्रदान करेगा  
    11 Aug 2021
    असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, तमिल और उर्दू के अनुवादकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं जिनका चयन भाषा विशेषज्ञ समिति करेगी।
  • सोनिया यादव
    गोरखपुर: बच्चों की मौत के चार साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ़, शायद डॉक्टर कफ़ील ख़ान को मिल जाए!
    11 Aug 2021
    साल 2017 के अगस्त महीने में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कई मासूमों की मौत कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से हो गई थी। तब शासन-प्रशासन ने सारा लापरवाही का ठीकरा डॉक्टर कफ़ील ख़ान पर फोड़ दिया था। अब चार साल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    पराग्वेः हज़ारों डॉक्टरों, किसानों, शिक्षकों और ट्रक चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया
    11 Aug 2021
    विभिन्न क्षेत्र राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनिटेज़ की अतिदक्षिणपंथी सरकार के साथ हुए समझौतों के लागू करने की मांग कर रहे हैं।
  • पीपल्स डिस्पैच
    हिरासत के दौरान कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने के बाद तीन इराक़ियों की मौत
    11 Aug 2021
    इन मौतों की रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की उस एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें इराक़ी और कुर्दिस्तान के क्षेत्रीय सरकारी अधिकारियों पर व्यापक स्तर पर बंदियों के साथ अत्याचार और दुर्व्यवहार करने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License