NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली: अदालत ने बिना राशन कार्ड वाले लाभार्थियों की सीमा को चुनौती देने वाली अर्ज़ी पर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया
“27 मई के संबंधित दिशानिर्देश में इस योजना के तहत लाभार्थियों की 20 लाख की मनमानी सीमा तय कर दी गयी है। बीस लाख की इस सीमा का कोई तर्कसंगत आधार नहीं जान पड़ता है। इस योजना के तहत जिन लोगों को लाभों की जरूरत है, उनकी संख्या का आकलन उन लोगों के आंकड़े पर आधारित हो जो पिछले साल ऐसी ही योजना में लाभान्वित हुए थे। ’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jun 2021
दिल्ली: अदालत ने बिना राशन कार्ड वाले लाभार्थियों की सीमा को चुनौती देने वाली अर्ज़ी पर दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया
Image courtesy : ThePrint

नई दिल्ली: लॉकडाउन के लगभग अब 50 दिन बाद जाकर दिल्ली सरकार ने ज़रूरतमंदों को राशन कार्ड नहीं होने पर भी 5 जून से मुफ्त राशन देना शुरू किया है। लेकिन इसमें में भी कई गड़बड़ियां हैं और इसको लेकर ही अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार से जबाब तलब किया है।  दिल्ली उच्च न्यायालय ने गैर पीडीएस श्रेणी  यानी  जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उन्हें राशन देने की योजना के तहत राशन के लिए लाभार्थियों की सीमा ‘मनमाने ढंग से’ 20 लाख सीमित करने संबंधी दिशानिर्देशों को चुनौती देने वाली एक अर्जी पर बुधवार को दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति आशा मेनन की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली रोजी रोटी अधिकार अभियान नामक गैर सरकारी संगठन की अर्जी पर दिल्ली सरकार और केंद्र को नोटिस जारी किये। याचिकाकर्ता ने कहा कि सभी जरूरतमंदों को खाद्यान्न दिया जाना चाहिए।

आवेदन में आप सरकार को 27 मई के दिशानिर्देश में यह संशोधन करने का भी निर्देश देने का अनुरोध किया है कि यह एकबारगी राहत नहीं होनी चाहिए बल्कि लाभार्थियों को अगले आदेश तक हर महीने अनाज मिले। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कई केंद्रों पर गैर पीडीएस लाभार्थियों को खाद्यान्न देना बंद कर दिया है।

 इसे भी पढ़ें :दिल्ली : राशन को लेकर सरकारों के आपसी झगड़े में ग़रीबों के लिए क्या है?    

आवेदन में आगे कहा गया है, ‘ 27 मई के संबंधित दिशानिर्देश में इस योजना के तहत लाभार्थियों की 20 लाख की मनमानी सीमा तय कर दी गयी है। बीस लाख की इस सीमा का कोई तर्कसंगत आधार नहीं जान पड़ता है। इस योजना के तहत जिन लोगों को लाभों की जरूरत है, उनकी संख्या का आकलन उन लोगों के आंकड़े पर आधारित हो जो पिछले साल ऐसी ही योजना में लाभान्वित हुए थे।’’

इसे भी पढ़ें : दिल्ली : सरकार के दावों के विपरीत प्रवासी मज़दूरों को नहीं मिल रहा राशन

आवेदन के अनुसार, ‘‘2020 में जब कोविड-19 की पहली लहर आयी थी तब इसी अदालत के आदेश पर.....करीब 69.6 लाख व्यक्तियों, जिनके पास राशनकार्ड नहीं थे, ने ई-कूपन के तहत पंजीकरण कराया था और उन्हें राशन दिया गया था। इसलिए उनसभी लोगों को राशन दिया जाना चाहिए जिन्हें जरूरत है, इस संबंध में पिछले साल भी आदेश जारी किया गया था।’’

पहले ही दिल्ली में प्रवासियों को राशन को लेकर दिल्ली सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। लॉकडाउन के लगभग अब 50 दिन पूरे हो गए हैं, तब जाकर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को कहा कि दिल्ली सरकार ज़रूरतमंदों को राशन कार्ड नहीं होने पर भी 5 जून से मुफ्त राशन देना शुरू किया है। इस पर भी सवाल उठे की कि इसमें इतनी देरी क्यों? मज़दूर उस सरकार पर क्यों विश्वास करे, जो सरकार उसे भोजन तक की व्यवस्था न करा सकी, अब जब दिल्ली लॉकडाउन से अनलॉक हो रही तब जाकर सरकार सूखा आनाज दे रही है। और यह भि सिर्फ़ खानापूर्ति ही लग रही है क्योंकि सरकार जो दे रही है वो सिर्फ गेहूं और चावल है। क्या भोजन इसी से तैयार हो सकता है?

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Ration distribution
Delhi
Delhi High court
AAP government
Arvind Kejriwal

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

‘आप’ के मंत्री को बर्ख़ास्त करने से पंजाब में मचा हड़कंप

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!


बाकी खबरें

  • Nishads
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?
    07 Mar 2022
    निषाद समुदाय का कहना है कि उनके लोगों को अब मछली पकड़ने और रेत खनन के ठेके नहीं दिए जा रहे हैं, जिसके चलते उनकी पारंपरिक आजीविका के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो गया है।
  • Nitish Kumar
    शशि शेखर
    मणिपुर के बहाने: आख़िर नीतीश कुमार की पॉलिटिक्स क्या है...
    07 Mar 2022
    यूपी के संभावित परिणाम और मणिपुर में गठबंधन तोड़ कर चुनावी मैदान में हुई लड़ाई को एक साथ मिला दे तो बहुत हद तक इस बात के संकेत मिलते है कि नीतीश कुमार एक बार फिर अपने निर्णय से लोगों को चौंका सकते हैं।
  • Sonbhadra District
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं
    07 Mar 2022
    हाल ही में हुई इन मौतों और बेबसी की यह गाथा भी सरकार की अंतरात्मा को नहीं झकझोर पा रही है।
  • Russia Ukraine war
    एपी/भाषा
    रूस-यूक्रेन अपडेट: जेलेंस्की ने कहा रूस पर लगे प्रतिबंध पर्याप्त नहीं, पुतिन बोले रूस की मांगें पूरी होने तक मिलट्री ऑपरेशन जारी रहेगा
    07 Mar 2022
    एक तरफ रूस पर कड़े होते प्रतिबंधों के बीच नेटफ्लिक्स और अमेरिकन एक्सप्रेस ने रूस-बेलारूस में अपनी सेवाएं निलंबित कीं। दूसरी तरफ यूरोपीय संघ (ईयू) के नेता चार्ल्स मिशेल ने कहा कि यूक्रेन के हवाई…
  • International Women's Day
    नाइश हसन
    जंग और महिला दिवस : कुछ और कंफ़र्ट वुमेन सुनाएंगी अपनी दास्तान...
    07 Mar 2022
    जब भी जंग लड़ी जाती है हमेशा दो जंगें एक साथ लड़ी जाती है, एक किसी मुल्क की सरहद पर और दूसरी औरत की छाती पर। दोनो ही जंगें अपने गहरे निशान छोड़ जाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License