NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
दिल्ली: एसएससी जीडी भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि एसएससी जीडी 2018 भर्ती में 60210 पदों पर भर्ती निकली थी। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी भी हज़ारों पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि इन पदों पर मेडिकल फिट युवाओं को तत्काल प्रभाव से नियुक्ति दी जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
21 Dec 2021
SSC GD 2018

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की वर्ष 2018 की जीडी भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने आज, यानी मंगलवार को, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से प्रदर्शनकारी पहुंचे थे। उनके इस प्रदर्शन को भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी ने भी समर्थन दिया। भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर भी इस प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे हुए थे।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि एसएससी जीडी 2018 भर्ती में 60210 पदों में लगभग हज़ारों अभ्यर्थियों ने नियुक्ति नहीं ली है। उनकी जगह मेडिकल फिट युवाओं को तत्काल प्रभाव से नियुक्ति दी जाए।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि जुलाई 2018 में SSC ने कॉन्स्टेबल GD की एक भर्ती निकाली। ये भर्ती पैरामिलिट्री फोर्सेज (CRPF, ITBP, BSF, CISF, NIA और असम राइफल्स) में सिपाहियों के 54 हजार पदों पर निकाली गयी थी। जिसके बाद इसे बढ़ाकर 60210 पद कर दिया गया। भर्ती के तीन चरण होते हैं, रिटन एग्जाम, फिजिकल टेस्ट और मेडिकल टेस्ट। जुलाई 2018 में एप्लिकेशन प्रोसेस स्टार्ट हुआ। फरवरी 2019 में रिटन एग्जाम हुआ। अगस्त-सितंबर 2019 में फिजिकल टेस्ट हुआ। जनवरी 2020 में मेडिकल हुआ। तीनों टेस्ट हो चुके हैं। करीब 85-90 हजार अभियर्थी ऐसे हैं, जो तीनों स्टेज पास कर चुके हैं, लेकिन अब तक यानि दिसंबर 2021 तक उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है। ऐसे में यह अभ्यर्थी सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

अब मामला यहां अटका हुआ है कि कुल पोस्ट थी लगभग 60 हज़ार, कुल पास हुए अभियर्थी करीब 85-90 हजार थे। सरकार ने जॉइनिंग दी मात्र 56 हज़ार के आसपास इसमें से भी कई हज़ार छात्रों ने ज्वाइन किया ही नहीं। यानी अभी भी इस ग्रुप में हज़ारो हज़ार पद खाली पड़े हैं। इस हालात में जो योग्य और सरकार परीक्षा पास कर चुके अभियर्थी हैं, यानी तीनों एग्जाम पास कर चुके कैंडिडेट्स की मांग है कि सभी को नौकरी दी जाए। यह मांग इसलिए की जा रही है क्योंकि पैरामिलिट्री फोर्सेज में बड़ी संख्या में सिपाहियों के पद खाली हैं।

अभियर्थी आर पार के लड़ाई को तैयार

देशभर से आए अभियर्थी जंतर मंतर पर आर-पार की लड़ाई तय कर के आए थे। वो अपने साथ एक सांकेतिक अर्थी भी लाए थे और नारा लगा रहे थे कि "सरकार उन्हें वर्दी दे वरना अर्थी दे।"

बिहार के मधुबनी से आए चंदन ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा कि वो पिछले 11 महीने से अपने हक़ की नौकरी के लिए दिल्ली की सड़कों पर भटक रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वो बेहद ही साधारण परिवार से आते हैं। परिवार ने बड़ी ही आशा से उन्हें पढ़ाया था और जब तीन साल पहले परीक्षा पास की तो लगा की जीवनभर की मेहनत सफल हो गई। लेकिन वो सब बस सपना बनकर रह गया है।

चंदन ने कहा कि तीन साल की लंबी प्रक्रिया के चलते 75 फीसदी युवाओं की उम्र अब भर्ती के लिए निकल गई है। आखिर उसके लिए जिम्मेदार कौन है? 2018 में आई भर्ती नवंबर 2020 तक पूरी नहीं हो पाई है। भर्ती में लेटलतीफी की वजह से सबसे बड़ी समस्या उन कैंडिडेट्स के लिए है जो ओवरएज हो चुके हैं या होने वाले हैं। SSC GD में शामिल होने के लिए जो एज लिमिट है, वो 18-23 की है। तीन साल तक भर्ती के लटकने की वजह से काफी कैंडिडेट्स ओवरएज हो गए हैं। यानी कि ये अगली भर्ती में शामिल नहीं हो पाएंगे।

मध्य प्रदेश नकस्ल प्रभावित बालघाट से मेघा देहरवाल जो कि एक मज़दूर परिवार से आती हैं। इनके पिता एक दिहाड़ी मज़दूर हैं और ये तीन बहने हैं जिसमें सबसे बड़ी मेघा ही है। वो इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए 1500 किलोमीटर दूर से आई हैं। उन्होंने बताया कि वो पहली बार नहीं, बल्कि पिछले सालभर में सात बार दिल्ली आ चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि, “ये पूरी प्रक्रिया अपने आप में एक प्रताड़ना बन गई है। हम 100 नंबर के एग्जाम में 87 नंबर लेकर भी बेरोजगार हैं। जबकि सरकार इन्हीं पदों के लिए दूसरी भर्ती निकालकर 37 नंबर लाने वालो को वर्दी (नियुक्ति) दे रही है।

मेघा ने आगे बताया, “हमें पिछले 323 दिनों से प्रदर्शन कर हैं। इस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद रे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी हमे आश्वाशन दिया, लेकिन आजतक नियुक्ति नहीं मिली। हम इनके आश्वासनों पर विश्वास करके अपने घर लौट जाते थे, परन्तु इस बार हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। जब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाता हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

इसी तरह छत्तीसगढ़ से आई सोनिया कहती हैं, “परिवार भी अब शादी का दबाव बना रहा है। एक तरफ मोदी सरकार कहती है बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, दूसरी तरफ जब हम पढ़-लिख कर अपने लिए नौकरी मांग रहे हैं, तब वो हमें लाठी मार रही है। हम साफ कहना चाहते हैं कि अब हम अपनी नौकरी लेकर ही जाएंगे।

इसी तरह राजस्थान, तेलंगाना, बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे तमाम राज्यों से आए अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी की और भविष्य में बड़े आंदोलन की चेतवानी दी। 

SSC GD 2018
SSC
student protest
unemployment
protest on jantar mantar
Staff Selection Commission

Related Stories

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

झारखंड: राज्य के युवा मांग रहे स्थानीय नीति और रोज़गार, सियासी दलों को वोट बैंक की दरकार

बार-बार धरने-प्रदर्शन के बावजूद उपेक्षा का शिकार SSC GD के उम्मीदवार

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है
    20 Mar 2022
    अभी दो दिन पहले हमने होली और शब-ए-बारात एक साथ मनाई और 21 मार्च को नौरोज़ है। नौरोज़ यानी नया दिन। पारसियों के नए साल की शुरुआत। वसंत हर देश, हर समाज के लिए जश्न-ए-बहाराँ लेकर आता है। इसी सिलसिले में…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बिन देखे मुझे भी पता है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है
    20 Mar 2022
    फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। अधिकतर लोगों की तरह मुझे भी बिना देखे ही पता चल गया है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। फ़िल्म सिनेमाघरों में अब सिर्फ़ इसलिए चल रही है कि मैं उसे जल्दी से देख लूं।
  • लाल बहादुर सिंह
    ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा
    20 Mar 2022
    जिस ऐतिहासिक आंदोलन को मोदी शाह खट्टर योगी की सत्ता का दुर्धर्ष दमन और कोई छल छद्म न तोड़ सका, वह अगर अपने अंतर्विरोधों से कमजोर होता है तो यह इतिहास की विराट त्रासदी होगी, जिसकी कीमत पूरे देश को…
  • नाज़मा ख़ान
    कश्मीर को समझना क्या रॉकेट साइंस है ?  
    20 Mar 2022
    हर कश्मीरी कोशिश करता है कि कश्मीर आने वाला अपने साथ कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों की तस्वीर ही नहीं बल्कि बेहतरीन मेहमान नवाज़ी के तजुर्बे और क़िस्से लेकर लौटे।
  • COlombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी
    19 Mar 2022
    "राउंडटेबल फॉर लाइफ़ एंड हेल्थ ऑफ़ वीमेन" की एना गोंजालेज़ वेलेज़ ने पीपल्स डिस्पैच से संवैधानिक न्यायालय के उस फ़ैसले पर बातचीत की, जो कोलंबिया में गर्भपात के अपराधीकरण के खात्मे का ऐलान कर चुका है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License