NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई को आठ सप्ताह में छात्रों की परीक्षा फीस लौटाने पर विचार करने के लिये कहा
'चूंकि बोर्ड परीक्षायें रद्द कर दी गयी हैं, तो परीक्षा का शुल्क का कुछ हिस्सा छात्रों को लौटाया जाना चाहिये ।'
भाषा
15 Jul 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने दसवीं और 12 वीं कक्षा की परीक्षाओं के उद्देश्य से लिया गया परीक्षा शुल्क छात्रों को लौटाने पर फैसला करने के लिये सीबीएसई को आठ सप्ताह का समय दिया है क्योंकि कोविड महामारी के कारण ये परीक्षायें रद्द कर दी गयी थी ।

न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को इससे संबद्ध एक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा की मां दीपा जोसेफ की याचिका पर विचार करने का आदेश दिया जिसने परीक्षा शुल्क के रूप में 2100 रुपये का भुगतान किया है ।

अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुये स्पष्ट किया कि अगर जोसेफ संतुष्ट नहीं होती हैं सीबीएसई के फैसले को चुनौती दी जा सकती है।

न्यायाधीश ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच स्पष्टता होनी चाहिये ।

न्यायमूर्ति जालान ने यह भी रेखांकित किया कि याचिका पर सुनवाई करने में दोनों पक्षों को कोई आपत्ति नहीं है, भले ही उनका बेटा 12 वीं कक्षा में पढता है और वह याचिका के लाभार्थी होंगे ।

अदालत में जोसेफ के अधिवक्ता रॉबिन राजू ने कहा कि चूंकि बोर्ड परीक्षायें रद्द कर दी गयी हैं, तो परीक्षा का शुल्क का कुछ हिस्सा छात्रों को लौटाया जाना चाहिये ।

राजू ने दावा किया कि बोर्ड परीक्षा आयोजित करने में सीबीएसई का खर्च और इस प्रक्रिया में इसकी भूमिका कम हुयी है । राजू ने कहा कि स्कूलों ने अंक अपलोड किया है।

अदालत ने हालांकि, राजू से असहमति जताते हुये टिप्पणी की, ‘‘अगर सीबीएसई कुछ नहीं कर रहा है, तो आप स्कूलों से अंक पत्र ले लो और जाओ ।’’

सीबीएसई की ओर से अदालत में अधिवक्ता रूपेश कुमार ने कहा कि सीबीएसई एक स्व-वित्तपोषित निकाय है और इसका खर्च मुख्य रूप से दसवीं और 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों से एकत्रित परीक्षा शुल्क से वहन किया जाता है ।

कुमार ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के प्रत्येक्ष संचालन और छात्रों से शुल्क के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।

Delhi High court
CBSE

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License