NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली : वेतन, पेंशन से वंचित एमसीडी कर्मचारियों की स्थिति पर उच्च न्यायालय ने जताया दुख  
‘जब लोग अपने वेतन के भुगतान के लिए हमारे पास आते हैं तो हमें दुख होता है, उनकी दुर्दशा की कल्पना कीजिए...हमें समूची स्थिति और अधिकारियों की निष्ठुरता को देखकर कष्ट होता है। जब हम कुछ करते हैं तो आप बिना सोचे प्रतिक्रिया करते हैं। यह हैरान करनेवाला है।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Jul 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय

नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मियों की स्थिति पर दुख व्यक्त करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उसे यह देखकर कष्ट होता है कि लोगों को अपने वेतन के लिए अदालत से संपर्क करना पड़ता है।

अदालत ने कहा कि तीनों नगर निगम-उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम अपने संसाधनों में वृद्धि के लिए कदम उठाएं और इस संबंध में शपथपत्र दायर करें।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, ‘‘जब लोग अपने वेतन के भुगतान के लिए हमारे पास आते हैं तो हमें दुख होता है, उनकी दुर्दशा की कल्पना कीजिए...हमें समूची स्थिति और अधिकारियों की निष्ठुरता को देखकर कष्ट होता है। जब हम कुछ करते हैं तो आप बिना सोचे प्रतिक्रिया करते हैं। यह हैरान करनेवाला है।’’

अदालत ने कहा कि नगर निगमों का काम कर्मियों को वेतन देने का ही नहीं, बल्कि शहर को विश्वस्तरीय बनाने, डेंगू, चिकुनगुनिया और मलेरिया जैसे मुद्दों को देखने का भी है।

इसने उल्लेख किया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं और यहां तक कि महामारी की स्थिति में भी उसके राजस्व में वृद्धि हुई है।

पीठ ने दिल्ली सरकार को 10 दिन के भीतर उत्तरी दिल्ली नगर निगम को दूसरी और तीसरी तिमाही के लिए अनुदान सहायता और बुनियादी कर दायित्व के रूप में 293 करोड़ रुपये का भुगतान करने को कहा जिससे कि वह एकदम ठीक तरह से वेतन और पेंशन का भुगतान कर सके।

इसने उल्लेख किया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को हालांकि वेतन और पेंशन का भुगतान हो चुका है, लेकिन अब भी काफी बकाया शेष है।

अदालत ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम को भी उत्तरी दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर अपने संसाधन बढ़ाने को कहा।

पीठ वेतन और पेंशन का भुगतान न होने संबंधी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

यह कोई पहला मौका नहीं जब कर्मचारियों को अपने वेतन के लिए कोर्ट जान पड़ा हो ,बल्कि पिछले कई सालों से  निगम कर्मचारयों की नियति हो गई है कि उन्हें अपने वेतन के के लिए कोर्ट जाना पड़ता है या फिर हड़ताल  पड़ता है।  

कर्मचारियों मुताबिक "वित्तीय संकट का मूल कारण पूर्ववर्ती MCD के तीन भागों में विभाजन के मनमाने और बुरे निर्णय में निहित है," कर्मचारियों ने तीन निकायों के "एकीकरण" की मांग की।

निगम निकाय का विभाजन वर्ष 2012 में हुआ था, जिसकी पहल तत्कालीन शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली सरकार ने की थी।

कर्मचारियों का कहना है कि हर बार की तरह इसबार भी निगम फंड की कमी का हवाला दे रहा है। जब भी कर्मचारी अपना वेतन मांगते हैं निगम के अधिकारी दिल्ली सरकार से फंड रिलीज़ नहीं होने की बात कहते हैं। जबकि दिल्ली सरकार साफतौर पर कह रही है कि निगम का उसने कोई भी फंड नहीं रोका है। सरकार और निगम को चाहिए की इस समस्या का कोई स्थायी समाधान ढूंढे। जिससे कर्मचारियों को दिक्क्त का सामना न करना पड़े।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ )

Delhi High court
MCD
Delhi Municipal Corporation

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट ने जहांगीरपुरी में अतिक्रमण रोधी अभियान पर रोक लगाई, कोर्ट के आदेश के साथ बृंदा करात ने बुल्डोज़र रोके

संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर

दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश

दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License