NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली हाईकोर्ट ने पिंजरा तोड़ की सदस्य और छात्रा देवांगना कलिता को जमानत दी
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलिता को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Sep 2020
देवांगना कलिता

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में महिला संगठन ‘पिंजरा तोड़’ की एक सदस्य देवांगना कलिता को मंगलवार को ज़मानत दे दी।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने जेएनयू की छात्रा देवांगना कलिता को 25,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

अदालत ने उन्हें गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित करने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ ना करने का निर्देश दिया।

फरवरी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान उत्तर पूर्व दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मई में पिंजरा तोड़ समूह की नताशा नरवाल और देवांगना कलिता को मई में गिरफ्तार किया था। उन पर दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से जमा होने और हत्या की कोशिश करने सहित भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कलिता पर दिसम्बर में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में हुई हिंसा और उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे सहित कुल चार मामले दर्ज हैं।

उत्तरपूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे। इन दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 200 लोग घायल हो गए थे।

आपको बता दें देवांगना कलिता सेंटर ऑफ़ वीमेन स्टडियज़ में एमफिल की छात्रा हैं, वहीं नताशा नरवाल सेंटर फॉर हिस्टोरिकल स्टडीज में पीएचडी की छात्रा हैं। वे दोनों  पिंजरा तोड़ की संस्थापक सदस्य हैं। ‘पिंजरा तोड़’ की स्थापना साल 2015 में हॉस्टल और पेइंग गेस्ट में छात्राओं की सुविधा और अधिकारों के मकसद से की गई थी। कालिता और नरवाल ने क्रमशः डीयू के मिरांडा हाउस और हिंदू कॉलेज से ग्रेज्युशन किया है। नताशा नरवाल को अभी ज़मानत नहीं मिली है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

NE Delhi Violence Pinjra Tod
Devangana kalita
delhi police
Delhi Communal Violence
Anti-CAA Protests

Related Stories

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

क्या पुलिस लापरवाही की भेंट चढ़ गई दलित हरियाणवी सिंगर?

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!

शाहीन बाग़ ग्राउंड रिपोर्ट : जनता के पुरज़ोर विरोध के आगे झुकी एमसीडी, नहीं कर पाई 'बुलडोज़र हमला'

जहांगीरपुरी : दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर ही सवाल उठा दिए अदालत ने!

अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’

'नथिंग विल बी फॉरगॉटन' : जामिया छात्रों के संघर्ष की बात करती किताब

मोदी-शाह राज में तीन राज्यों की पुलिस आपस मे भिड़ी!

पंजाब पुलिस ने भाजपा नेता तेजिंदर पाल बग्गा को गिरफ़्तार किया, हरियाणा में रोका गया क़ाफ़िला


बाकी खबरें

  • विराट के समर्थन में: राहुल & दिल्ली महिला आयोग
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    विराट के समर्थन में: राहुल & दिल्ली महिला आयोग
    03 Nov 2021
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं विराट कोहली के बारे में जिस तरह उनकी 10 महीने की बेटी को लेकर धमकी दी जा रही है, साथ ही चर्चा कर रहे हैं के बीजेपी ऐसे लोगों को…
  • PANJAB
    अनिल जैन
    नई पार्टी बना कर कैप्टन खुद का और मनप्रीत बादल का इतिहास दोहराएंगे!
    03 Nov 2021
    पंजाब का राजनीतिक मिज़ाज, वहां के मौजूदा राजनीतिक हालात और खुद अमरिंदर सिंह का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि अगर कांग्रेस ने अपनी अंदरुनी कलह पर जल्दी ही काबू पा लिया तो कैप्टन के इस दांव से कांग्रेस की…
  • Julian Assange
    जॉन पिलगर
    क्यों जूलियन असांज पर अमानवीय मुक़दमा हम सबके लिए अन्याय है
    03 Nov 2021
    विकिलीक्स के सह-संस्थापक को एक दशक से कैद और अनिश्चितता की स्थिति के चलते जो नुकसान पहुंचा है, जिसमें बेलमर्श में बिताए दो साल से अधिक का समय भी शामिल है, संदेह से परे है। लेकिन उनका साहस भी संदेह से…
  •  Tripura Violence Fact Finding
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    त्रिपुरा हिंसा फैक्ट फाइंडिंग: हिंसा रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने नहीं उठाए उचित कदम! 
    03 Nov 2021
    त्रिपुरा में हुई हिंसा की घटना को लेकर वकीलों की एक टीम ने हाल ही में त्रिपुरा राज्य का दौरा किया और वहां से फैक्ट एकत्रित कर देश के सामने रखे हैं। ये टीम वकीलों के एक संयुक्त मंच लॉयर्स फॉर…
  • mnrega
    रौनक छाबड़ा
    भ्रामक बयान के चलते मनरेगा के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता सवालों के घेरे में
    03 Nov 2021
    ग्रामीण विकास मंत्रालय ने शनिवार को इस बात से इनकार कर दिया कि इस ग्रामीण रोज़गार योजना को किसी तरह से धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इसे लेकर नागरिक समाज के लोगों की ओर से जो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License