NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
दिल्ली उच्च न्यायालय ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र से कहा "पानी सिर के ऊपर चला गया है"
न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह दिल्ली को आवंटित ऑक्सीजन में से शनिवार को ही 490 मीट्रिक टन प्राणवायु की आपूर्ति करे। इसने कहा कि ऐसा न करने पर उसे अवमानना कार्रवाई का सामना करना होगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
01 May 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय ऑक्सीजन आपूर्ति के मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र से कहा "पानी सिर के ऊपर चला गया है"

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह दिल्ली को आवंटित ऑक्सीजन में से शनिवार को ही 490 मीट्रिक टन प्राणवायु की आपूर्ति करे। इसने कहा कि ऐसा न करने पर उसे अवमानना कार्रवाई का सामना करना होगा।

अदालत ने यहां बत्रा अस्पताल में ऑक्सीन आपूर्ति की कमी की वजह से आठ लोगों की मौत का संज्ञान लिया और सरकार से कहा, ‘‘बस बहुत हो गया।’’

इसने केंद्र से पूछा, ‘‘आपको क्या लगता है कि जब दिल्ली में लोग मर रहे हैं तो हम आंखें बंद कर लेंगे।’’
न्यायालय ने केंद्र से कहा - हमें काम से मतलब है। पानी सिर के ऊपर चला गया है। इसके साथ ही आदेश टालने के केंद्र के आग्रह को उच्च न्यायालय ने ठुकरा दिया।

इसने कहा कि सरकार ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन आवंटन किया है और उसे यह पूरा करना चाहिए।

 यह सुनवाई ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल्ली के बत्रा अस्पताल में 8 कोविड-19 मरीजों की मौत  पर हो रही थी।  राजधानी स्थित बत्रा अस्पताल में शनिवार को यहां के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (जठरांत्र विज्ञान) विभाग के प्रमुख सहित आठ कोरोना संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो गई।

यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

डॉक्टर एस सी एल गुप्ता ने बताया कि पांच अन्य गंभीर मरीजों को बचाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

राजधानी के विभिन्न अस्पतालों ने पिछले सप्ताह संकट कालीन संदेश (एसओएस) जारी कर ऑक्सीजन आपूर्ति खत्म होने के कगार पर होने की बात कही थी।

दिल्ली की सरकार भी लगातार कह रही है कि उसे उसके हिस्से का ऑक्सीजन नहीं मिल पा रहा है।

न्यायालय ने केंद्र से पूछा, आदेश के बावजूद राजस्थान सरकार ने क्रायोजेनिक टैंकर क्यों नहीं छोड़े

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को केन्द्र से पूछा कि अदालत के पिछले आदेशों के बावजूद राजस्थान सरकार ने रोके गए चार क्रायोजेनिक टैंकर क्यों नहीं छोड़े। ये क्रायोजेनिक टैंकर दिल्ली के लिए थे और इनका इस्तेमाल कोविड-19 रोगियों के इलाज में किया जाना है।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 26 अप्रैल को आश्वासन दिया था कि इन टैंकरों को छोड़ दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि इस आश्वासन को पूरा करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

अदालत ने केन्द्र को तीन मई को उसके आदेश पर अमल करने के लिये कहा। अवकाश के दिन विशेष सुनवाई कर रही पीठ ने पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे कार्यवाही शुरू की

अस्पतालों को मौजूदा अनुभवों से सीख ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने चाहिए : उच्च न्यायालय

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शनिवार को कहा कि अस्पतालों को कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से ऑक्सीजन की हुई कमी से सीख लेकर इस जीवन रक्षक गैस का उत्पादन करने वाले संयंत्र स्थापित करने चाहिए।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि कुछ अस्पताल व्यावसायिक पहलुओं पर गौर करते हुए ऑक्सीजन संयंत्र जैसी चीजों पर पूंजीगत निवेश घटा देते हैं जबकि अस्पतालों के लिए खासतौर पर बड़े अस्पतालों के लिए यह आवश्यक है।

पीठ ने कहा, ‘‘ ऑक्सीजन संयंत्र आवश्यक है और उनके पास यह नहीं होना गैर जिम्मेदाराना है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘आपको (अस्पतालों को) अपने अनुभवों से भी सीखना चाहिए और संयंत्र स्थापित करने चाहिए।’’

उन्न न्यायालय ने यह टिप्पणी छुट्टी के दिन दिल्ली में ऑक्सीजन और कोविड-19 संबंधी अन्य समस्याओं को लेकर दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।

Delhi High court
Oxygen shortage
Central Government
delhi govt
BJP
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • भाषा
    अदालत ने कहा जहांगीरपुरी हिंसा रोकने में दिल्ली पुलिस ‘पूरी तरह विफल’
    09 May 2022
    अदालत ने कहा कि 16 अप्रैल को हनुमान जयंती पर हुए घटनाक्रम और दंगे रोकने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,207 नए मामले, 29 मरीज़ों की मौत 
    09 May 2022
    राज्यों में कोरोना जगह-जगह पर विस्पोट की तरह सामने आ रहा है | कोरोना ज़्यादातर शैक्षणिक संस्थानों में बच्चो को अपनी चपेट में ले रहा है |
  • Wheat
    सुबोध वर्मा
    क्या मोदी सरकार गेहूं संकट से निपट सकती है?
    09 May 2022
    मोदी युग में पहली बार गेहूं के उत्पादन में गिरावट आई है और ख़रीद घट गई है, जिससे गेहूं का स्टॉक कम हो गया है और खाद्यान्न आधारित योजनाओं पर इसका असर पड़ रहा है।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: एक निशान, अलग-अलग विधान, फिर भी नया इंडिया महान!
    09 May 2022
    क्या मोदी जी के राज में बग्गाओं की आज़ादी ही आज़ादी है, मेवाणियों की आज़ादी अपराध है? क्या देश में बग्गाओं के लिए अलग का़ानून है और मेवाणियों के लिए अलग क़ानून?
  • एम. के. भद्रकुमार
    सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति
    09 May 2022
    सीआईए प्रमुख का फ़ोन कॉल प्रिंस मोहम्मद के साथ मैत्रीपूर्ण बातचीत के लिए तो नहीं ही होगी, क्योंकि सऊदी चीन के बीआरआई का अहम साथी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License