NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिजली मिस्त्री को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया
अदालत ने कहा कि हादसे के वक्त पीड़ित, ब्रायन द्वारा दिए गए काम को कर रहा था और ‘‘सख्त जवाबदेही के सिद्धांत’ के तहत ब्रायन और बीआरपीएल की संयुक्त रूप से उसे इस अवस्था में पहुंचाने के लिए मुआवजा देने की जिम्मेदारी है।
भाषा
26 Aug 2021
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिजली मिस्त्री को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने बिजली के खंभे से गिरकर शत प्रतिशत दिव्यांग हुए बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रिशियन) को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश बुधवार को दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि इस राशि से उसके लाभ के लिए किराना दुकान खोली जानी चाहिए।

अदालत ने कहा कि मुआवजे की राशि का 50-50 प्रतिशत हिस्सा दिल्ली के कई इलाकों में बिजली वितरण करने वाली कंपनी बीएसईएस राजधानी पॉवर लिमिटेड (बीआरपीएल) और बीआरपीएल के लिए मरम्मत और देखरेख का काम करने वाली एम/एस ब्रायन कंस्ट्रक्शन कंपनी (ब्रायन) देंगे।

न्यायमूर्ति अनूप जयराम भामभाई ने कहा कि 28 वर्षीय बिजली मिस्त्री भरत जिंदा है और वह मुश्किल से जीवित बचा। अदालत ने उत्तर प्रदेश को निर्देश दिया कि वह भरत को दिव्यांग पेंशन, निशुल्क फिजियोथेरेपी आदि मुहैया कराना जारी रखे जिसकी समय-समय पर उसे जरूरत पड़ेगी। भरत इस समय उत्तर प्रदेश में रह रहा है।

न्यायमूर्ति ने 20 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश देते हुए कहा कि अदालत द्वारा 2016 में दिए निर्देश के तहत पीड़ित पूरी राशि को अपने खाते में रखने और सावधि जमा करने को अधिकृत है।

गौरतलब है कि वर्ष 2014 में नयी दिल्ली के बिजवासन में बिजली में खराबी आने पर ब्रायन के निर्देश पर 21 वर्षीय भरत बिजली की मरम्मत कर रहा था लेकिन करंट लगने से वह खंभे से गिर गया।

अदालत ने कहा कि हादसे के वक्त पीड़ित, ब्रायन द्वारा दिए गए काम को कर रहा था और ‘‘सख्त जवाबदेही के सिद्धांत’ के तहत ब्रायन और बीआरपीएल की संयुक्त रूप से उसे इस अवस्था में पहुंचाने के लिए मुआवजा देने की जिम्मेदारी है।

Delhi High court
Compensation for Electrician

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License