NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा की अंतरिम ज़मानत की याचिका पर एनआईए से मांगा जवाब
नवलखा (67) ने याचिका में इस आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है कि वह उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उसमें कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा अधिक है, ख़ासकर क्षमता से ज्यादा कैदियों वाली जेल में यह ख़तरा और बढ़ जाता है।
भाषा
22 May 2020
 गौतम नवलखा

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की अंतरिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को एनआईए से जवाब मांगा।

नवलखा (67) ने याचिका में इस आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है कि वह उम्र के जिस पड़ाव पर हैं, उसमें कोरोना वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा अधिक है, ख़ासकर क्षमता से ज्यादा कैदियों वाली जेल में यह ख़तरा और बढ़ जाता है।

न्यायमूर्ति अनूप जे. भंभानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले की सुनवाई करते हुए एनआईए को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा। इस मामले में अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 27 मई की तारीख तय की है।

नवलखा ने उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के समक्ष 14 अप्रैल को आत्मसमर्पण किया था। वह अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं।

एनआईए की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नवलखा की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही उस आधार पर गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध ठुकरा चुका है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोविड-19 महामारी के दौरान जेल जाने का मतलब एक प्रकार का मृत्युदंड है।

नवलखा ने कहा कि वह ऐसे समय में तिहाड़ जेल में बंद हैं जब पूरा देश कोविड-19 के ख़तरे से लड़ रहा।

याचिका में दलील दी गयी है, ‘‘ आवेदक कोलोनी पॉलीपोसिस, क्रोनिक गैस्ट्रिटिस और लैक्टोज इंटॉलरेंस से पीड़ित एक वरिष्ठ नागरिक है, जिसे केवल समय पर और नियमित दवा और बहुत नियंत्रित आहार के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ एनआईए हिरासत के दौरान सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें उच्च रक्तचाप होने की बात भी कही थी, जिससे उनके बीमार होने का ख़तरा और बढ़ जाता है।’’

उच्चतम न्यायालय ने 16 मार्च को नवलखा को तीन सप्ताह के अंदर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। इसके बाद आठ अप्रैल को कोरोना वायरस का हवाला देते हुए उन्होंने उच्चतम न्यायालय से आत्मसमर्पण करने के लिए समय मांगा था। इस पर शीर्ष अदालत ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

पुणे पुलिस के अनुसार जिले के कोरेगांव- भीमा गांव में 31 दिसंबर, 2017 को एलगार परिषद की बैठक में दिये गये ‘उकसाने वाले भाषणों’ के बाद अगले दिन हिंसा भड़की थी। पुलिस का आरोप है कि इस परिषद का माओवादियों को समर्थन प्राप्त था। हिंसा की इसी घटना के बाद माओवादियों से जुड़ाव और अन्य आरोपों के संबंध में मुम्बई के ‘इकनॉमिक एंड पोलिटिकल वीकली’ जर्नल से जुड़े पत्रकार और कार्यकर्ता नवलखा और कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था ।

gautam navlakha
Delhi High court
NIA
bheema koregaon
Pune Police

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे HC ने की गौतम नवलखा पर सुनवाई, जेल अधिकारियों को फटकारा

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

भड़काऊ बयान देने का मामला : पुणे पुलिस ने कालीचरण को हिरासत में लिया


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: जश्न-ए-नौरोज़ भी है…जश्न-ए-बहाराँ भी है
    20 Mar 2022
    अभी दो दिन पहले हमने होली और शब-ए-बारात एक साथ मनाई और 21 मार्च को नौरोज़ है। नौरोज़ यानी नया दिन। पारसियों के नए साल की शुरुआत। वसंत हर देश, हर समाज के लिए जश्न-ए-बहाराँ लेकर आता है। इसी सिलसिले में…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: बिन देखे मुझे भी पता है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है
    20 Mar 2022
    फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। अधिकतर लोगों की तरह मुझे भी बिना देखे ही पता चल गया है कि फ़िल्म बहुत ही अधिक अच्छी है। फ़िल्म सिनेमाघरों में अब सिर्फ़ इसलिए चल रही है कि मैं उसे जल्दी से देख लूं।
  • लाल बहादुर सिंह
    ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा
    20 Mar 2022
    जिस ऐतिहासिक आंदोलन को मोदी शाह खट्टर योगी की सत्ता का दुर्धर्ष दमन और कोई छल छद्म न तोड़ सका, वह अगर अपने अंतर्विरोधों से कमजोर होता है तो यह इतिहास की विराट त्रासदी होगी, जिसकी कीमत पूरे देश को…
  • नाज़मा ख़ान
    कश्मीर को समझना क्या रॉकेट साइंस है ?  
    20 Mar 2022
    हर कश्मीरी कोशिश करता है कि कश्मीर आने वाला अपने साथ कश्मीर की ख़ूबसूरत वादियों की तस्वीर ही नहीं बल्कि बेहतरीन मेहमान नवाज़ी के तजुर्बे और क़िस्से लेकर लौटे।
  • COlombia
    पीपल्स डिस्पैच
    कोलंबिया में महिलाओं का प्रजनन अधिकारों के लिए संघर्ष जारी
    19 Mar 2022
    "राउंडटेबल फॉर लाइफ़ एंड हेल्थ ऑफ़ वीमेन" की एना गोंजालेज़ वेलेज़ ने पीपल्स डिस्पैच से संवैधानिक न्यायालय के उस फ़ैसले पर बातचीत की, जो कोलंबिया में गर्भपात के अपराधीकरण के खात्मे का ऐलान कर चुका है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License